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Bijnor News: बिजनौर - मंदिरों में लगी भक्तों की भीड़, गूंजे मां के जयकारे
Thu, 23 Mar 2023 12:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 23 Mar 2023 12:33 AM IST
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- कलश स्थापना कर घरों और मंदिरों में हुआ पूजा पाठ
- भक्तों ने पहले नवरात्र पर की मां शैलपुत्री की आराधना
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। चैत्रीय नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। शहर के काली और चामुंडा मंदिर में भक्तों ने पूजा कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लगी हुई थी। भक्तों ने मंदिरों में मां दुर्गा के जयकारे लगाए। जिससे मंदिर का माहौल भक्तिमय हो गया।
लोगों ने कई दिन पहले से नवरात्र को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी। बाजाराें में लोगों ने मां की पूजा में शामिल होने वाली सामग्री की जमकर खरीदारी की। मंदिरों को फूल, मालाओं, झालरों से सजाया गया था। बुधवार को सुबह छह बजे के बाद कलश स्थापना की गई। कलश स्थापना कर लोगों ने विधि विधान से मां की पूजा अर्चना की। इसके बाद प्रसाद वितरित किया। शहर के काली और चामुंडा मंदिर पर सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। मां शैलपुत्री के दिन उनको सफेद पुष्प अर्पित कर गाय के देशी घी का भोग लगाया। भक्तों ने मां की पूजा कर खुशहाली की प्रार्थना की।
आज है मां ब्रह्मचारिणी का व्रत
नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का व्रत है। मां ब्रह्मचारिणी को पीले रंग का वस्त्र, गुड़हल का पुष्प व पंचामृत का भोग लगाएं। इससे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। पूजा करने से जातक को रोगों से मुक्ति मिलती है। साथ ही व्यक्ति को अपने कार्य में सदैव विजय प्राप्त होती है।
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मां को प्रसन्न करने के लिए की पूजा-अर्चना
अफजलगढ़/रेहड़। चैत्र नवरात्रों पर नगर व क्षेत्र के मंदिरों को सजाया गया। सुबह से ही शक्तिपीठों और मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। नगर के बड़ा शिवमंदिर, गौरी शंकर मंदिर, छोटा शिव मंदिर सहित क्षेत्र के मंदिरों में भक्तों ने मां की पूजा अर्चना की। रेहड़ के प्राचीन माता मंदिर, पीपल वाले शिव मंदिर, सिद्धबली मंदिर, धर्मशाला वाले मंदिर, कासमपुरगढ़ी के कोटबाग स्थित कालिका मंदिर सहित कई मंदिरों में भक्तों ने माता का गुणगान किया। चेतराम, महिपाल, नरेश, योगेश, सोमपाल आदि ने मंदिर समिति का सहयोग किया।
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- भक्तों ने पहले नवरात्र पर की मां शैलपुत्री की आराधना
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। चैत्रीय नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। शहर के काली और चामुंडा मंदिर में भक्तों ने पूजा कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लगी हुई थी। भक्तों ने मंदिरों में मां दुर्गा के जयकारे लगाए। जिससे मंदिर का माहौल भक्तिमय हो गया।
लोगों ने कई दिन पहले से नवरात्र को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी। बाजाराें में लोगों ने मां की पूजा में शामिल होने वाली सामग्री की जमकर खरीदारी की। मंदिरों को फूल, मालाओं, झालरों से सजाया गया था। बुधवार को सुबह छह बजे के बाद कलश स्थापना की गई। कलश स्थापना कर लोगों ने विधि विधान से मां की पूजा अर्चना की। इसके बाद प्रसाद वितरित किया। शहर के काली और चामुंडा मंदिर पर सुबह से ही भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। मां शैलपुत्री के दिन उनको सफेद पुष्प अर्पित कर गाय के देशी घी का भोग लगाया। भक्तों ने मां की पूजा कर खुशहाली की प्रार्थना की।
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आज है मां ब्रह्मचारिणी का व्रत
नवरात्र का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का व्रत है। मां ब्रह्मचारिणी को पीले रंग का वस्त्र, गुड़हल का पुष्प व पंचामृत का भोग लगाएं। इससे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। पूजा करने से जातक को रोगों से मुक्ति मिलती है। साथ ही व्यक्ति को अपने कार्य में सदैव विजय प्राप्त होती है।
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मां को प्रसन्न करने के लिए की पूजा-अर्चना
अफजलगढ़/रेहड़। चैत्र नवरात्रों पर नगर व क्षेत्र के मंदिरों को सजाया गया। सुबह से ही शक्तिपीठों और मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। नगर के बड़ा शिवमंदिर, गौरी शंकर मंदिर, छोटा शिव मंदिर सहित क्षेत्र के मंदिरों में भक्तों ने मां की पूजा अर्चना की। रेहड़ के प्राचीन माता मंदिर, पीपल वाले शिव मंदिर, सिद्धबली मंदिर, धर्मशाला वाले मंदिर, कासमपुरगढ़ी के कोटबाग स्थित कालिका मंदिर सहित कई मंदिरों में भक्तों ने माता का गुणगान किया। चेतराम, महिपाल, नरेश, योगेश, सोमपाल आदि ने मंदिर समिति का सहयोग किया।