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वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो का ब्रश कारखानों में छापा
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:45 PM IST
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शेरकोट में नेवले के बालों से बने ब्रश को गिनते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के शेरकोट में वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो, वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम ने रविवार को ब्रश बनाने वाले तीन कारखानों में छापेमारी की और भारी मात्रा में नेवले के बाल बरामद किए। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया किया है। साथ ही एक फैक्ट्री को सील कर दिया। बरामद नेवलों के बाल की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रतिबंध के बाद भी ब्रश बनाने में नेवले का बाल प्रयोग किया जा रहे थे। फिलहाल डीएफओ कार्यालय में इनकी तौल प्रक्रिया जारी थी।
रविवार सुबह करीब दस बजे वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो के संरक्षक एचवी गिरीश नेतृत्व में वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमों ने तीन ब्रश बनाने वाले कारखानों में छापेमारी की। सबसे पहले मोहल्ला नोनधना निवासी अब्दुल वली और सराय निवासी इब्राहीम के कारखाने में छापामारी की। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों फरार हो गए। पुलिस ने अब्दुल वली के कारखाने से चार कर्मचारियों साजिद, आरिफ, उस्मान और बाबूराम को हिरासत में लिया। फैक्ट्री से भारी संख्या में नेवले के बाल और उससे बने ब्रश बरामद हुए। इब्राहिम की फैक्ट्री से उसके पुत्र शादाब को पुलिस ने दबोच लिया। यहां से नेवले के बाल, लैपटॉप, बालों के व्यापार की डायरी व अन्य सामान बरामद किया। इब्राहिम की फैक्ट्री को सील कर दिया गया। इसके बाद टीम ने मोहल्ला समना सराय में भी फुरकान की फैक्ट्री में छापामारी कर उसके भाई यूसुफ को हिरासत में लिया। वन विभाग ने वहां से मिले बाल भी कब्जे में ले लिए। टीम ने इतनी बड़ी संख्या में नेवले के बाल बरामद किए कि उन्हें चार से पांच टाटा मैजिक से डीएफओ कार्यालय बिजनौर लाया गया। विभाग के सभी कर्मचारियों को नेवले के बालों का वजन आदि करने के लिए लगाया गया। इसके अलावा नेवले के बाल से बने और अधबने ब्रश भी बरामद हुए हैं। छापेमारी में प्रभारी डीएफओ बिजनोर इम्तियाज सिद्दीकी, इंस्पेक्टर प्रगदीश, रेंजर नजीबाबाद केके त्यागी, आरओ शरद कुमार, डिप्टी रेंजर एसके गुप्ता, थानाध्यक्ष पंकज तोमर आदि शामिल रहे।
कई माफिया सक्रिय
वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो के संरक्षक एचवी गिरीश के मुताबिक तमिलनाडू, आंध प्रदेश, बुंदेलखंड के अलावा तराई क्षेत्र और आदिवासी इलाकों से संरक्षित जीव नेवले का शिकार कर उसके बाल निकाल लिए जाते है। एक नेवले से 20 से 25 ग्राम बाल निकलते है। अवैध रूप से इन बालों को ब्रश बनाने वाली फैक्ट्रियों में सप्लाई किया जाता है। इस कार्य में कई माफिया सक्रिय है। यूपी का शेरकोट क्षेत्र में पूर्व में नेवले के बाल से ब्रश बनाने में कई लोग गिरफ्तार हो चुके है।
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छापेमारी से हड़कंप, कई फैक्ट्रियों पर लगे ताले
कई घरों में भी ब्रश बनाने का काम होता है। इस बीच बहुत से लोग अपने घरों पर ताले लगाकर फरार हो गए। अन्य फैक्ट्रियों में भी ताले लगा दिए गए। वन विभाग की टीम पकड़े गए सभी आरोपियों को थाने में टीम पूछताछ के लिए साथ ले गई। संरक्षण एचवी गिरीश का कहना है कि छह माह से नगर में किये जा रहे इस अवैध कारोबार की सूचना मिल रही थी। रविवार को सटीक सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई। बरामद माल की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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रविवार सुबह करीब दस बजे वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो के संरक्षक एचवी गिरीश नेतृत्व में वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमों ने तीन ब्रश बनाने वाले कारखानों में छापेमारी की। सबसे पहले मोहल्ला नोनधना निवासी अब्दुल वली और सराय निवासी इब्राहीम के कारखाने में छापामारी की। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों फरार हो गए। पुलिस ने अब्दुल वली के कारखाने से चार कर्मचारियों साजिद, आरिफ, उस्मान और बाबूराम को हिरासत में लिया। फैक्ट्री से भारी संख्या में नेवले के बाल और उससे बने ब्रश बरामद हुए। इब्राहिम की फैक्ट्री से उसके पुत्र शादाब को पुलिस ने दबोच लिया। यहां से नेवले के बाल, लैपटॉप, बालों के व्यापार की डायरी व अन्य सामान बरामद किया। इब्राहिम की फैक्ट्री को सील कर दिया गया। इसके बाद टीम ने मोहल्ला समना सराय में भी फुरकान की फैक्ट्री में छापामारी कर उसके भाई यूसुफ को हिरासत में लिया। वन विभाग ने वहां से मिले बाल भी कब्जे में ले लिए। टीम ने इतनी बड़ी संख्या में नेवले के बाल बरामद किए कि उन्हें चार से पांच टाटा मैजिक से डीएफओ कार्यालय बिजनौर लाया गया। विभाग के सभी कर्मचारियों को नेवले के बालों का वजन आदि करने के लिए लगाया गया। इसके अलावा नेवले के बाल से बने और अधबने ब्रश भी बरामद हुए हैं। छापेमारी में प्रभारी डीएफओ बिजनोर इम्तियाज सिद्दीकी, इंस्पेक्टर प्रगदीश, रेंजर नजीबाबाद केके त्यागी, आरओ शरद कुमार, डिप्टी रेंजर एसके गुप्ता, थानाध्यक्ष पंकज तोमर आदि शामिल रहे।
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कई माफिया सक्रिय
वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो के संरक्षक एचवी गिरीश के मुताबिक तमिलनाडू, आंध प्रदेश, बुंदेलखंड के अलावा तराई क्षेत्र और आदिवासी इलाकों से संरक्षित जीव नेवले का शिकार कर उसके बाल निकाल लिए जाते है। एक नेवले से 20 से 25 ग्राम बाल निकलते है। अवैध रूप से इन बालों को ब्रश बनाने वाली फैक्ट्रियों में सप्लाई किया जाता है। इस कार्य में कई माफिया सक्रिय है। यूपी का शेरकोट क्षेत्र में पूर्व में नेवले के बाल से ब्रश बनाने में कई लोग गिरफ्तार हो चुके है।
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छापेमारी से हड़कंप, कई फैक्ट्रियों पर लगे ताले
कई घरों में भी ब्रश बनाने का काम होता है। इस बीच बहुत से लोग अपने घरों पर ताले लगाकर फरार हो गए। अन्य फैक्ट्रियों में भी ताले लगा दिए गए। वन विभाग की टीम पकड़े गए सभी आरोपियों को थाने में टीम पूछताछ के लिए साथ ले गई। संरक्षण एचवी गिरीश का कहना है कि छह माह से नगर में किये जा रहे इस अवैध कारोबार की सूचना मिल रही थी। रविवार को सटीक सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई। बरामद माल की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।