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निजी अस्पताल में बच्ची के पैर में छोड़ दी निडिल
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:32 AM IST
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बिजनौर जिला अस्पताल में आप्रेशन के लिए लाई गई बच्ची।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में चिकित्सक और स्टाफ की लापरवाही से आठ दिन की एक बच्ची की जिंदगी पर बन आई। स्टाफ ने बच्ची के पैर में निडिल छोड़ दी। सोमवार को बच्ची की मां ने ध्यान दिया तो सबके होश उड़ गए। माता-पिता बच्ची को लेकर डीएम बी चंद्रकला से मिले। डीएम ने बच्ची को तुरंत सरकारी अस्पताल भेजवाया। वहां पर ऑपरेशन के बाद निडिल को निकाला गया।
नजीबाबाद के हिमालयन कॉलोनी निवासी स्वदेश की पत्नी ने एक निजी अस्पताल में दस जुलाई को बच्ची को जन्म दिया था। कुछ देर बाद ही बच्ची के हाथ-पैर नीले पड़ गए, तो बिजनौर में एक निजी चिकित्सक के यहां लाया गया। यहां उसके दाएं पैर की नस में निडिल लगाई गई। 16 जुलाई को बच्ची के पैर से निडिल निकालकर घर भेज दिया गया। सोमवार को जब मासूम को दोबारा बिजनौर दवाई के लिए ला रहे थे, तो उसकी मां का ध्यान उसके दाएं पैर पर गया। बच्ची के पैर की नस में निडिल का हिस्सा रह गया था। इस पर शिकायत के लिए उसके परिजन बच्ची के साथ डीएम के पास गए। डीएम ने बच्ची को जिला अस्पताल भेजवाया और सीएमओ व नोडल अधिकारी की मौजूदगी में बच्ची का आपरेशन कराकर पैर से निडिल निकाल दी। बच्ची को अब खतरे से बाहर बताया है।
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नजीबाबाद के हिमालयन कॉलोनी निवासी स्वदेश की पत्नी ने एक निजी अस्पताल में दस जुलाई को बच्ची को जन्म दिया था। कुछ देर बाद ही बच्ची के हाथ-पैर नीले पड़ गए, तो बिजनौर में एक निजी चिकित्सक के यहां लाया गया। यहां उसके दाएं पैर की नस में निडिल लगाई गई। 16 जुलाई को बच्ची के पैर से निडिल निकालकर घर भेज दिया गया। सोमवार को जब मासूम को दोबारा बिजनौर दवाई के लिए ला रहे थे, तो उसकी मां का ध्यान उसके दाएं पैर पर गया। बच्ची के पैर की नस में निडिल का हिस्सा रह गया था। इस पर शिकायत के लिए उसके परिजन बच्ची के साथ डीएम के पास गए। डीएम ने बच्ची को जिला अस्पताल भेजवाया और सीएमओ व नोडल अधिकारी की मौजूदगी में बच्ची का आपरेशन कराकर पैर से निडिल निकाल दी। बच्ची को अब खतरे से बाहर बताया है।
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