{"_id":"580910cb4f1c1b434b70478a","slug":"police-pulled-the-woman-from-the-office-of-bdo","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने महिला बीडीओ को दफ्तर से खींचा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस ने महिला बीडीओ को दफ्तर से खींचा
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:15 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर में देवबंद की पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीडीओ से वार्ता करते बीडीओ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में सींचपाल की फर्जी नियुक्ति के मामले में सहारनपुर पुलिस ने जलीलपुर में महिला बीडीओ को दफ्तर से खींचकर उनके साथ अभद्रता की और गाड़ी में डालकर ले गए। ऐसा ही सलूक किरतपुर के बीडीओ के साथ किया गया। देवबंद पुलिस दोनों ब्लॉक के तीन लिपिकों को उठाकर अपने साथ ले गई है।
इस घटना से जिले भर के बीडीओ में भारी गुस्सा है। सहारनपुर पुलिस के खिलाफ इस मामले में आला अफसरों से रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया है।
सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी के मुताबिक सींचपालों की नियुक्ति को लेकर लखनऊ में एक रैकेट सक्रिय है। इस रैकेट ने 2015-16 में सींचपालों की नियुक्ति के लिए शासन का फर्जी आदेश जारी कराया। यह नियुक्ति पूरी तरह फर्जी थी। दो महीने के सींचपालों के प्रशिक्षण का भी आदेश आया। दो सींचपालों को किरतपुर व दो को जलीलपुर ब्लॉक में प्रशिक्षण दिलाया गया। बाद में पता चला कि यह नियुक्ति पूरी तरह फर्जी है। बृहस्पतिवार को सहारनपुर जिले के देवबंद थाने की पुलिस बिना महिला पुलिस को लिए जलीलपुर ब्लॉक में आ धमकी तथा महिला बीडीओ सुधा पाठक को दफ्तर से खाना खाते खींच लिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए अपनी गाड़ी में डाल लिया।
महिला बीडीओ चिल्लाती रहीं। पुलिस महिला बीडीओ के साथ वहां के लिपिक टीकम सिंह व भीष्म सिंह को भी गाड़ी में डालकर ले गई। इस घटना को लेकर गांव में हंगामा मच गया। अफसरों के फोन घनघनाने लगे। िला बीडीओ को पुलिस चांदपुर तहसील के पास छोड़कर चली गई। दोनों लिपिकों को अपने साथ ले गई। इसके बाद सहारनपुर पुलिस ने किरतपुर ब्लॉक के बीडीओ शैलेंद्र व्यास को कार्यालय से जबरन उठा लिया और गाड़ी में डाल लिया। उनके साथ ब्लॉक में तैनात लिपिक सुखराम को भी दबोच लिया। इनके साथ भी बदसलूकी की गई। बीडीओ को थोड़ी दूर ले जाकर रास्ते में छोड़ दिया।
विज्ञापन
सीडीओ ने इस घटना को लेकर शासन में बात की। सीडीओ के मुताबिक सहारनपुर पुलिस ने बिना महिला पुलिस व जिले की पुलिस को सूचना दिए बिना यह कार्रवाई की है। किसी को इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया। उधर इस घटना से जिले भर के बीडीओ में उबाल है। सभी बीडीओ एकत्र होकर शाम सीडीओ से मिले और दर्ज कराने की मांग की। सीडीओ के मुताबिक पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीएम से मिला जाएगा। इसके बाद ही इस मामले में अगली रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन
इस घटना से जिले भर के बीडीओ में भारी गुस्सा है। सहारनपुर पुलिस के खिलाफ इस मामले में आला अफसरों से रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया है।
सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी के मुताबिक सींचपालों की नियुक्ति को लेकर लखनऊ में एक रैकेट सक्रिय है। इस रैकेट ने 2015-16 में सींचपालों की नियुक्ति के लिए शासन का फर्जी आदेश जारी कराया। यह नियुक्ति पूरी तरह फर्जी थी। दो महीने के सींचपालों के प्रशिक्षण का भी आदेश आया। दो सींचपालों को किरतपुर व दो को जलीलपुर ब्लॉक में प्रशिक्षण दिलाया गया। बाद में पता चला कि यह नियुक्ति पूरी तरह फर्जी है। बृहस्पतिवार को सहारनपुर जिले के देवबंद थाने की पुलिस बिना महिला पुलिस को लिए जलीलपुर ब्लॉक में आ धमकी तथा महिला बीडीओ सुधा पाठक को दफ्तर से खाना खाते खींच लिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए अपनी गाड़ी में डाल लिया।
विज्ञापन
महिला बीडीओ चिल्लाती रहीं। पुलिस महिला बीडीओ के साथ वहां के लिपिक टीकम सिंह व भीष्म सिंह को भी गाड़ी में डालकर ले गई। इस घटना को लेकर गांव में हंगामा मच गया। अफसरों के फोन घनघनाने लगे। िला बीडीओ को पुलिस चांदपुर तहसील के पास छोड़कर चली गई। दोनों लिपिकों को अपने साथ ले गई। इसके बाद सहारनपुर पुलिस ने किरतपुर ब्लॉक के बीडीओ शैलेंद्र व्यास को कार्यालय से जबरन उठा लिया और गाड़ी में डाल लिया। उनके साथ ब्लॉक में तैनात लिपिक सुखराम को भी दबोच लिया। इनके साथ भी बदसलूकी की गई। बीडीओ को थोड़ी दूर ले जाकर रास्ते में छोड़ दिया।
विज्ञापन
सीडीओ ने इस घटना को लेकर शासन में बात की। सीडीओ के मुताबिक सहारनपुर पुलिस ने बिना महिला पुलिस व जिले की पुलिस को सूचना दिए बिना यह कार्रवाई की है। किसी को इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया। उधर इस घटना से जिले भर के बीडीओ में उबाल है। सभी बीडीओ एकत्र होकर शाम सीडीओ से मिले और दर्ज कराने की मांग की। सीडीओ के मुताबिक पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीएम से मिला जाएगा। इसके बाद ही इस मामले में अगली रणनीति तय की जाएगी।