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100 रुपये के लिए मैजिक चालक की हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:48 PM IST
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आशिक अली (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर के नूरपुर में रोडवेज बस स्टैंड के बाहर प्राइवेट बस स्टैंड के मुंशी और उसके साथियों ने सौ रुपये देने से मना करने पर एक मैजिक चालक को पीट कर गंभीर घायल कर दिया। रविवार देर रात मैजिक चालक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक के चचेरे भाई ने तीन लोगों के विरुद्घ गैर इरादतन हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली शहर के गांव मंडावली सैदू निवासी आशिक अली (40) अपना मैजिक वाहन चलाकर परिवार की गुजर बसर करता था। रविवार की शाम साढ़े सात बजे वह अपने चचेरे भाई अफजाल के साथ नूरपुर से डेयरी का सामान लेकर बिजनौर जा रहा था। रोडवेज बस स्टैंड पर बिजनौर को जाने वाली प्राइवेट बस यूनियन के मुंशी सौरभ ने उसे रोक लिया और उससे नूरपुर में घुसने के लिए टैक्स के सौ रुपये मांगे। आशिक अली ने रुपये देने से मना कर दिया और बाहर से आने वाले वाहनों से जबरन रुपये वसूलने का विरोध किया। इस बात को लेकर मुंशी सौरभ ने अपने साथियों के साथ आशिक अली को मैजिक से बाहर खींच लिया और उसकी लात, घूंसों व सरियों से जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से आशिक अली को उनके चंगुल से छुड़ाया। पिटाई से घायल हुए आशिक को उसके भाई अफजाल ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अफजाल ने सौरभ निवासी मोहल्ला ब्रह्मपुरी नूरपुर, गुड्डु त्यागी निवासी गांव पैजनिया व एक अज्ञात के विरुद्घ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी सौरभ को हिरासत में ले लिया गया है। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। आशिक के पांच छोटे बच्चे हैं। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
नूरपुर में यूनियन मुंशियों का फैला है आतंक
नूरपुर। नूरपुर में टेंपो व बस यूनियनों के मुंशी बेलगाम हैं और इन्हें पुलिस का भी भय नही है। शहीद तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड, स्योहारा व छजलैट बस स्टैंड पर आए दिन इन तथाकथित यूनियन मुंशियों की वाहन चालकों से मारपीट आम बात है। बाहर से नूरपुर आने वाले वाहनों से जबरन वसूली की जाती है। रविवार की शाम मात्र सौ रुपये न देने के लिए मैजिक चालक की हत्या कर दी गई। कई बार पुलिस से इनकी शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कोतवाली शहर के गांव मंडावली सैदू निवासी आशिक अली (40) अपना मैजिक वाहन चलाकर परिवार की गुजर बसर करता था। रविवार की शाम साढ़े सात बजे वह अपने चचेरे भाई अफजाल के साथ नूरपुर से डेयरी का सामान लेकर बिजनौर जा रहा था। रोडवेज बस स्टैंड पर बिजनौर को जाने वाली प्राइवेट बस यूनियन के मुंशी सौरभ ने उसे रोक लिया और उससे नूरपुर में घुसने के लिए टैक्स के सौ रुपये मांगे। आशिक अली ने रुपये देने से मना कर दिया और बाहर से आने वाले वाहनों से जबरन रुपये वसूलने का विरोध किया। इस बात को लेकर मुंशी सौरभ ने अपने साथियों के साथ आशिक अली को मैजिक से बाहर खींच लिया और उसकी लात, घूंसों व सरियों से जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से आशिक अली को उनके चंगुल से छुड़ाया। पिटाई से घायल हुए आशिक को उसके भाई अफजाल ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अफजाल ने सौरभ निवासी मोहल्ला ब्रह्मपुरी नूरपुर, गुड्डु त्यागी निवासी गांव पैजनिया व एक अज्ञात के विरुद्घ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी सौरभ को हिरासत में ले लिया गया है। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। आशिक के पांच छोटे बच्चे हैं। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
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नूरपुर में यूनियन मुंशियों का फैला है आतंक
नूरपुर। नूरपुर में टेंपो व बस यूनियनों के मुंशी बेलगाम हैं और इन्हें पुलिस का भी भय नही है। शहीद तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड, स्योहारा व छजलैट बस स्टैंड पर आए दिन इन तथाकथित यूनियन मुंशियों की वाहन चालकों से मारपीट आम बात है। बाहर से नूरपुर आने वाले वाहनों से जबरन वसूली की जाती है। रविवार की शाम मात्र सौ रुपये न देने के लिए मैजिक चालक की हत्या कर दी गई। कई बार पुलिस से इनकी शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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