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फर्जी बैनामे से कब्जाते थे जमीन

Tue, 28 Feb 2017 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Tue, 28 Feb 2017 12:07 AM IST
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Kbjate Baname were bogus from the ground
फर्जी बैनामा प्रकरण में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
नजीबाबाद में फर्जी बैनामा कर करोड़ों रुपये कीमत की जमीन कब्जाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बहसूमा के दो युवकों सहित तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने जमीन हड़पने के कई और मामले भी स्वीकारे हैं।
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सभाचंदपुर केशो में लगभग 19 बीघा जमीन का भूमाफिया ने फर्जी बैनामा 19 सितंबर 2016 को करा दिया। जमीन स्वामी अनाथ युवक विकास सिंह को भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं, भूमाफिया ने तहसील प्रशासन से हमसाज होकर करोड़ों रुपये की जमीन का दाखिल-खारिज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। विधानसभा चुनाव से पहले फर्जी बैनामे की जमीन का      दाखिल-खारिज होने को था कि भूस्वामी 16 वर्षीय विकास सिंह  को जमीन खुर्द-बुर्द होने की भनक लग गई। राजस्व विभाग और अदालत में चुनौती देने के बाद विकास की ओर से नजीबाबाद थाने में फर्जी बैनामा प्रकरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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विवेचना अधिकारी नीरज मलिक ने थाना प्रभारी तेजेंद्र यादव के निर्देशन में दरोगाओं सतेंद्र         भड़ाना और एसपी सिंह की टीम के साथ पड़ताल की तो मामले का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने मुख्य आरोपी बहसूमा (मेरठ) निवासी अनुराग राणा उर्फ विनय राणा के साथ बहसूमा निवासी विनय उर्फ विनेश और कादरपुर जसवंत  तीबड़ी निवासी विक्रांत उर्फ नोनू  को गिरफ्तार किया। पूछताछ में  तीनों आरोपियों से पुलिस ने            कई नामों से फर्जी आईडी बरामद कीं।विकास के नाम से किए गए फर्जी बैनामे में विनय को भूस्वामी विकास बनाया गया था। विक्रांत फर्जीवाड़े में गवाह बना। पुलिस को एक अन्य गवाह किरतपुर निवासी कल्लू की तलाश है।
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 पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्याय विभाग की पट्टिका लगी कार यूके 06क्यू 2295 समेत साहनपुर पुलिस चेकपोस्ट क्षेत्र से गिरफ्तार किया। धारा 420, 467, 468, 471, 419 तथा 120बी के        तहत चालान कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। उधर, विकास व उसके संबंधियों ने जमीन का बैनामा फर्जी बताते हुए बैनामा रद्द करने तथा उसके मालिक और काबिज बने रहने की दावेदारी के साथ न्यायिक कार्यवाही शुरू           कर दी है।
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