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कबूतरबाजों के फेर में फंसे शेरकोट के युवक

Sun, 30 Aug 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर Updated Sun, 30 Aug 2015 12:52 AM IST
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humbag wind finger youth
शेरकोट। कबूतरबाजी के खेल में नगर के युवक फंसते जा रहे हैं। एक माह पहले दुबई नौकरी करने भेजे गए युवकों को लाखों रुपये गंवाने के बाद भी कोई नौकरी नहीं मिली है। बिहार और मुरादाबाद के कई युवकों के साथ शेरकोट के युवक भी दुबई में फंस गए हैं।
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उन्हें घर लौटने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। दुबई में फंसे युवकों ने एक कमरे में बंद होकर मोबाइल से वीडियो बनाकर व्हाट्स अप के जरिये शेरकोट में अपने परिजनों को भेजी है। वीडियो मिलने से परिजन परेशान हैं और युवकों को विदेश भेजने वाले एजेंटों को तलाश रहे हैं।
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बिजनौर जिले में कबूतरबाजी का खेल खूब चल रहा है। नौकरी के कच्चे लालच में जिले के कई युवक विदेशों में जाकर फंस रहे हैं। इन युवकों को भारी रकम गंवाने के बाद भी नौकरी नहीं लगने के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। शेरकोट के मोहल्ला खुराड़ा निवासी निजामुद्दीन कुरैशी और नदीम अहमद को एक माह पहले नगर के दो एजेंटों ने बढ़ई के काम पर दुबई भेजा।
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दोनों युवकों को 18,00-18,00  रियाल (भारतीय करेंसी के हिसाब से करीब 28,800 रुपये) की प्रति महीने की सैलरी दिलाने का वादा किया। दोनों युवकों से विदेश भेजने के नाम पर एक-एक लाख रुपये लिए थे।


दोनों युवकों के मुताबिक जब वे दुबई पहुंचे तो उन्हें वहां एक बंगाली मिला। 20 हजार रुपये लेकर वापस आने का वादा कर गया। वे इंतजार करते रहे,  वो बंगाली नहीं लौटा। दुबई जाने के बाद उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली। उनके अलावा बिहार और मुरादाबाद के युवक भी उनकी तरह नौकरी के कच्चे लालच में दुबई के कुंबल क्वीन शहर में फंसे हैं।

सभी एक मकान में बंद हैं और घर लौटने का रास्ता तलाश रहे हैं। उनके पास खाने के रुपये तक नहीं है। व्हाट्स अप पर भेजे वीडियो में निजामुद्दीन बता रहा है कि उनको कई दिन से खाना नहीं मिला है। वह बताता है कि जिस कंपनी में काम दिलाने के नाम पर उसको भेजा, उस नाम की कोई कंपनी ही नहीं है। वह बताता है वह ब्याज पर पैसे लेकर दुबई आया था।


उधर, निजामुद्दीन और नदीम के परिजन पिछले कई दिन से एजेंटों से निजामुद्दीन और नदीम को घर बुलाने की गुहार कर रहे हैं। दोनों एजेंट एक दो दिन में दोनों के घर लौटने का भरोसा दिला देते हैं, दोनों को एजेंट घर लाने में मदद नहीं कर रहे हैं। तलाशने पर भी अब एजेंट हाथ नहीं लग रहे। एजेंटों के खिलाफ विदेश में फंसे युवकों के परिजन इसलिए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं करा रहे हैं, क्योंकि एजेंट निजामुद्दीन का नजदीकी रिश्तेदार है।


व्हाट्स अप पर युवकों की वीडियो वायरल होने से नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। नदीम और निजामुद्दीन ही विदेश में नहीं फंसे, नूरपुर का किशन  भी शेरकोट के एजेंटों के झांसे में आकर विदेश में फंस चुका है।
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