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दो माह से सक्रिय था गैंग
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 02 Aug 2016 12:00 AM IST
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फजी आईडी पर सिम बेचने वाले गैंग के पकड़े गए सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में फर्जी आईडी पर मोबाइल के सिम बेचने वाला गैंग पिछले दो माह से बिजनौर में सक्रिय था। अपने कमरे से ही गैंग जरूरतमंदों को मनमाने दामों पर एक्टिवेट सिम बेच रहा था। गैंग का सदस्य एक मोबाइल कंपनी का अधिकारी बताया जाता है। पुलिस गैंग के फरार दो सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
शहर कोतवाली पुलिस ने शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मोबिनपुर दरगो निवासी मांगेराम, मुरादाबाद के आवास विकास कॉलोनी निवासी दुर्वेश बंसल व रामपुर की आवास विकास कॉलोनी निवासी अंशुल सक्सेना को दबोचा था। इनके दो साथी अजय व वरुण पुलिस के हाथ नहीं लगे। सभी सदस्य बिजनौर में वीके गार्डन के पास किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए गैंग से 150 रिटेलर व डिस्ट्रीब्यूटरों की मोहरें, 928 वोडाफोन, आइडिया के 600, एयरटेल के 300 एक्टिवेट सिम व 140 लोगों के फोटो बरामद हुए।
शहर कोतवाल राजवीर सिंह के मुताबिक पकड़ा गया गैंग नया सिम लेने आने वाले की आईडी की 50 से 60 फोटो स्टेट करा लेते थे और उन पर फर्जी तरीके से सिम लेकर एक्टिवेट करके रख लेता था। जरूरत मंदों को मनमाफिक दामों में एक्टिवेट सिम यह गैंग बेच रहा था। सभी सिम गैंग के कमरे से ही बेचे जाते थे। दुर्वेश बंसल एक मोबाइल कंपनी का अधिकारी बताया जाता है। पकड़े गए गैंग के सदस्यों का सोमवार को चालान कर दिया गया।
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शहर कोतवाली पुलिस ने शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मोबिनपुर दरगो निवासी मांगेराम, मुरादाबाद के आवास विकास कॉलोनी निवासी दुर्वेश बंसल व रामपुर की आवास विकास कॉलोनी निवासी अंशुल सक्सेना को दबोचा था। इनके दो साथी अजय व वरुण पुलिस के हाथ नहीं लगे। सभी सदस्य बिजनौर में वीके गार्डन के पास किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए गैंग से 150 रिटेलर व डिस्ट्रीब्यूटरों की मोहरें, 928 वोडाफोन, आइडिया के 600, एयरटेल के 300 एक्टिवेट सिम व 140 लोगों के फोटो बरामद हुए।
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शहर कोतवाल राजवीर सिंह के मुताबिक पकड़ा गया गैंग नया सिम लेने आने वाले की आईडी की 50 से 60 फोटो स्टेट करा लेते थे और उन पर फर्जी तरीके से सिम लेकर एक्टिवेट करके रख लेता था। जरूरत मंदों को मनमाफिक दामों में एक्टिवेट सिम यह गैंग बेच रहा था। सभी सिम गैंग के कमरे से ही बेचे जाते थे। दुर्वेश बंसल एक मोबाइल कंपनी का अधिकारी बताया जाता है। पकड़े गए गैंग के सदस्यों का सोमवार को चालान कर दिया गया।
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