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तालाबंदी कर कर्मचारियों का धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:32 AM IST
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बिजनौर में विकास भवन के गेट का तालाबंदी कर धरना करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में सहारनपुर जिले की देवबंद पुलिस द्वारा जलीलपुर तथा किरतपुर ब्लाक के तीन कर्मचारियों को उठाकर ले जाने व दो बीडीओ के साथ बदसलूकी करने के विरोध में विकास भवन के सभी विभागों के कर्मचारियों ने तालाबंदी कर धरना दिया।
इस दौरान कर्मचारियों ने देवबंद व सहारनपुर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने 22 अक्टूबर शनिवार से विकास भवन व जिले के सभी ब्लाक कार्यालयों में कर्मचारियों की रिहाई होने तक तालाबंदी करने के साथ धरना जारी रखने का एलान किया है। बृहस्पतिवार को सहारनपुर जिले के कस्बा देवबंद पुलिस की दो टीमों ने किरतपुर व जलीलपुर ब्लाक में दबिश देकर वहां के बीडीओ शैलेंद्र व्यास व सुधा पाठक समेत कर्मचारियों टीकम सिंह, भीष्म सिंह व सुखराम सिंह को कब्जे में लिया था।
पुलिस टीम ने दोनों बीडीओ को तो छोड़ दिया लेकिन तीनों कर्मचारियों को अपने साथ ले गई। शुक्रवार को कर्मचारियों को पुलिस द्वारा उठाकर ले जाने के पता चलने पर विकास भवन में रोष फैल गया। कर्मचारियों ने विकास भवन के सभी कार्यालयों में ताले डाल दिए और नारेबाजी करते हुए कर्मचारी विकास भवन के गेट पर धरना देकर बैठ गए। धरने में जिले के सभी बीडीओ समेत डीपीआरओ मनीष कुमार, डीआरडीए के परियोजना निदेशक हीरा सिंह, डीडीओ संतोष कुमार तथा उपायुक्त स्वत: रोजगार एके उपाध्याय शामिल रहे।
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उप्र. राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा के अनुसार सहारनपुर जिले के कस्बा देवबंद की पुलिस के इस अमानवीय कृत्य की कर्मचारियों ने निंदा करते हुए पकड़े गए तीनों कर्मचारियों की बिना शर्त रिहाई होने तक आंदोलन जारी रहने का निर्णय लिया है। शनिवार से विकास भवन समेत जिले के सभी 11 ब्लाक कार्यालय में तालाबंदी रहेगी। महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष विजयपाल सिंह व महामंत्री सनी तोमर मौजूद रहे।
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इस दौरान कर्मचारियों ने देवबंद व सहारनपुर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने 22 अक्टूबर शनिवार से विकास भवन व जिले के सभी ब्लाक कार्यालयों में कर्मचारियों की रिहाई होने तक तालाबंदी करने के साथ धरना जारी रखने का एलान किया है। बृहस्पतिवार को सहारनपुर जिले के कस्बा देवबंद पुलिस की दो टीमों ने किरतपुर व जलीलपुर ब्लाक में दबिश देकर वहां के बीडीओ शैलेंद्र व्यास व सुधा पाठक समेत कर्मचारियों टीकम सिंह, भीष्म सिंह व सुखराम सिंह को कब्जे में लिया था।
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पुलिस टीम ने दोनों बीडीओ को तो छोड़ दिया लेकिन तीनों कर्मचारियों को अपने साथ ले गई। शुक्रवार को कर्मचारियों को पुलिस द्वारा उठाकर ले जाने के पता चलने पर विकास भवन में रोष फैल गया। कर्मचारियों ने विकास भवन के सभी कार्यालयों में ताले डाल दिए और नारेबाजी करते हुए कर्मचारी विकास भवन के गेट पर धरना देकर बैठ गए। धरने में जिले के सभी बीडीओ समेत डीपीआरओ मनीष कुमार, डीआरडीए के परियोजना निदेशक हीरा सिंह, डीडीओ संतोष कुमार तथा उपायुक्त स्वत: रोजगार एके उपाध्याय शामिल रहे।
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उप्र. राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा के अनुसार सहारनपुर जिले के कस्बा देवबंद की पुलिस के इस अमानवीय कृत्य की कर्मचारियों ने निंदा करते हुए पकड़े गए तीनों कर्मचारियों की बिना शर्त रिहाई होने तक आंदोलन जारी रहने का निर्णय लिया है। शनिवार से विकास भवन समेत जिले के सभी 11 ब्लाक कार्यालय में तालाबंदी रहेगी। महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष विजयपाल सिंह व महामंत्री सनी तोमर मौजूद रहे।