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भोपाल जेल में शिफ्ट होते ही बनाया था प्लान
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 01 Nov 2016 11:41 PM IST
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बिजनौर में भोपाल में पुलिस के हाथों मुठभेड़ में मरे गए आठ आतंकियों में बिजनौर से फरार चार आतंकियों ने भोपाल की जेल में शिफ्ट होने के बाद ही जेल से फरार होने का ताना बाना बुन लिया था। जेल में बंद अन्य चार आतंकियों को इन आतंकियों ने अपने साथ मिला लिया था। ये आतंकी जेल से भागने में माहिर रहे थे। जेल से ये आतंकी भाग तो निकले पर इलाके की भौगोलिक जानकारी न होने के कारण पुलिस के चक्रव्यूह में फंस गए और मुठभेड़ में मारे गए।
बिजनौर के मोहल्ला भाटान में लीलो देवी के मकान में विस्फोट होने के बाद फरार सभी छह आतंकी बेहद खतरनाक थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इन आतंकियों से देशभर को खतरा बताया था। गनीमत रही कि एजाजुद्दीन व असलम तेलंगाना राज्य में पुलिस के हाथों मुठभेड़ में मारे गए वरना ये आतंक और भी घटना को अंजाम देते। एजाजुददीन इन आतंकियों में बेहद खतरनाक था। वह बड़ी लूट के साथ बड़ी घटना को अंजाम देने का प्लान बनाने में माहिर माना जाता था। उड़ीसा के राउरकेला में आतंकी महबूब, मोहम्मद सालिक, अमजद व जाकिर हुसैन के पकड़े जाने के बाद इन आतंकियों को जब भोपाल सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया तो चारों आतंकियों ने भोपाल जेल में बंद मो. खालिद अहमद, अब्दुल माजिद, अकील खिलजी व मुजीब शेख को अपने साथ मिला लिया था।
सूत्रों के मुताबिक जेल में ही ये आतंकी आपस में खूब घुले मिले रहते थे। पर कोई इनकी गतिविधियों पर कोई शक नहीं करता था। जेल में आतंकियों ने फरार होने का प्लान बना लिया था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक खंडवा जेल से फरार चारों आतंकी जेल से फरार होने में माहिर थे। भोपाल जेल के चक्रव्यूह को तो ये तोड़ भागे पर भोपाल की भौगोलिक हालात से वाकिफ नहीं होने के कारण ये आतंकी जंगल में छिपने का रास्ता तलाशने लगे और पुलिस की घेराबंदी में फंस गए।
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बिजनौर के मोहल्ला भाटान में लीलो देवी के मकान में विस्फोट होने के बाद फरार सभी छह आतंकी बेहद खतरनाक थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इन आतंकियों से देशभर को खतरा बताया था। गनीमत रही कि एजाजुद्दीन व असलम तेलंगाना राज्य में पुलिस के हाथों मुठभेड़ में मारे गए वरना ये आतंक और भी घटना को अंजाम देते। एजाजुददीन इन आतंकियों में बेहद खतरनाक था। वह बड़ी लूट के साथ बड़ी घटना को अंजाम देने का प्लान बनाने में माहिर माना जाता था। उड़ीसा के राउरकेला में आतंकी महबूब, मोहम्मद सालिक, अमजद व जाकिर हुसैन के पकड़े जाने के बाद इन आतंकियों को जब भोपाल सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया तो चारों आतंकियों ने भोपाल जेल में बंद मो. खालिद अहमद, अब्दुल माजिद, अकील खिलजी व मुजीब शेख को अपने साथ मिला लिया था।
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सूत्रों के मुताबिक जेल में ही ये आतंकी आपस में खूब घुले मिले रहते थे। पर कोई इनकी गतिविधियों पर कोई शक नहीं करता था। जेल में आतंकियों ने फरार होने का प्लान बना लिया था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक खंडवा जेल से फरार चारों आतंकी जेल से फरार होने में माहिर थे। भोपाल जेल के चक्रव्यूह को तो ये तोड़ भागे पर भोपाल की भौगोलिक हालात से वाकिफ नहीं होने के कारण ये आतंकी जंगल में छिपने का रास्ता तलाशने लगे और पुलिस की घेराबंदी में फंस गए।
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