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पेदा में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोप से एश्वर्य चौधरी मुक्त
Wed, 26 Jun 2019 12:35 AM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Wed, 26 Jun 2019 12:35 AM IST
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एश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में अपर सत्र न्यायधीश/विशेष सत्र न्यायधीश कोर्ट नंबर सात (पॉक्सो एक्ट) ओपी वर्मा ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में पेदा में हुए तिहरे हत्याकांड में आरोपी बनाए गए एश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम को आरोपों से उन्मोचित (मुक्त) कर दिया है।
छह अगस्त 2018 को प्रभारी डीजीसी द्वारा एश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम के विरुद्ध केस वापस लिए जाने को अनुमति प्रदान कर उन्हें आरोप मुक्त करने हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था। प्रार्थना पत्र में एफआईआर में अंकित ने एश्वर्य को घटना में शामिल होना नहीं बताया था। पुलिस व जनता के 38 गवाहों जिनमें से 16 चुटैल हैं ने अपने बयानों में एश्वर्य को घटना में शामिल होना नहीं बताया। एश्वर्य से किसी प्रकार की कोई बरामदगी भी नहीं हुई थी। मुख्य आरोप पत्र में एश्वर्य का नाम नहीं था। बाद में उसे गलत तौर से मुल्जिम बनाकर उसके खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई। पुन: विवेचना में एश्वर्य चौधरी की संलिप्तता न पाए जाने पर इस मामले में शासन से स्वीकृति मिलने के बाद एश्वर्य चौधरी पर दर्ज केस वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया गया था। जिसे अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर एक द्वारा 29 अगस्त 2018 को खारिज कर दिया गया था।
इस आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में इस मामले में दाखिल रिवीजन में 15 मई 2019 को हाईकोर्ट ने अपर सत्र न्यायालय के 29 अगस्त 2018 को दिए गए आदेश को निरस्त कर दिया था एवं केस वापसी की अनुमति के लिए दिशा निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र में इस मामले में पुन: सुनवाई पर एडीजे पॉक्सो कोर्ट नंबर सात द्वारा की गई। कोर्ट ने इस मामले में शासकीय अधिवक्ता विनेश कुमार उर्फ बबसलू एवं एश्वर्य के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद दिए अपने निर्णय में कहा है कि हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में 15 मई 2019 को दिए दिशा निर्देशों एवं केस के विश्लेषण से यह स्पष्ट है कि एश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम के विरुद्ध केस वापसी का प्रार्थना पत्र जनहित में स्वविवेकानुसार स्वतंत्र मस्तिष्क का प्रयोग करते हुए न्याय के व्यापक हित में प्रस्तुत किया गया है। केस वापस लिए जाने का पर्याप्त आधार है। प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए एश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम को पेदा में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपों से उन्मोचित (मुक्त) किया जाता है।
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छह अगस्त 2018 को प्रभारी डीजीसी द्वारा एश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम के विरुद्ध केस वापस लिए जाने को अनुमति प्रदान कर उन्हें आरोप मुक्त करने हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था। प्रार्थना पत्र में एफआईआर में अंकित ने एश्वर्य को घटना में शामिल होना नहीं बताया था। पुलिस व जनता के 38 गवाहों जिनमें से 16 चुटैल हैं ने अपने बयानों में एश्वर्य को घटना में शामिल होना नहीं बताया। एश्वर्य से किसी प्रकार की कोई बरामदगी भी नहीं हुई थी। मुख्य आरोप पत्र में एश्वर्य का नाम नहीं था। बाद में उसे गलत तौर से मुल्जिम बनाकर उसके खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की गई। पुन: विवेचना में एश्वर्य चौधरी की संलिप्तता न पाए जाने पर इस मामले में शासन से स्वीकृति मिलने के बाद एश्वर्य चौधरी पर दर्ज केस वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया गया था। जिसे अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर एक द्वारा 29 अगस्त 2018 को खारिज कर दिया गया था।
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इस आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में इस मामले में दाखिल रिवीजन में 15 मई 2019 को हाईकोर्ट ने अपर सत्र न्यायालय के 29 अगस्त 2018 को दिए गए आदेश को निरस्त कर दिया था एवं केस वापसी की अनुमति के लिए दिशा निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र में इस मामले में पुन: सुनवाई पर एडीजे पॉक्सो कोर्ट नंबर सात द्वारा की गई। कोर्ट ने इस मामले में शासकीय अधिवक्ता विनेश कुमार उर्फ बबसलू एवं एश्वर्य के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद दिए अपने निर्णय में कहा है कि हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में 15 मई 2019 को दिए दिशा निर्देशों एवं केस के विश्लेषण से यह स्पष्ट है कि एश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम के विरुद्ध केस वापसी का प्रार्थना पत्र जनहित में स्वविवेकानुसार स्वतंत्र मस्तिष्क का प्रयोग करते हुए न्याय के व्यापक हित में प्रस्तुत किया गया है। केस वापस लिए जाने का पर्याप्त आधार है। प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए एश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम को पेदा में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपों से उन्मोचित (मुक्त) किया जाता है।
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