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तीन सगे भाइयों समेत चार को तीन साल की सजा
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:32 AM IST
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तीन भाइयों समेत चार को तीन साल की सजा
बिजनौर। एडीजे रामकरण ने घर में घुसकर मारपीट के आरोपी तीन भाइयों सहित चार आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और नौ-नौ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भस्सूराम के अनुसार कस्बा नहटौर के मोहल्ला शेखान निवासी सूरज कुमार नहटौर को चलने वाली प्राईवेट बस यूनियन का मुंशी है। सूरज के थाना धामपुर के गांव मिलक मुकीमपुर निवासी नूर मोहम्मद से गहरे संबंध थे। नूर मोहम्मद ने उससे 50 हजार रुपए उधार लिए थे। रुपए वापस मांगने पर वह सूरज से रंजिश रखने लगा। 10 जुलाई 2014 को सुबह नौ बजे सूरज अपने घर पर था। नूर मोहम्मद व उसके भाई नूर अली और उस्मान तथा उसका पुत्र अजमल सूरज के घर में घुस आए और सूरज को जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली-गलौज करने लगे। सूरज ने इन्हें गाली देने से मना किया तो आरोपियों ने उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी। कोर्ट ने इस मामले में चारों आरोपियों नूर मोहम्मद, नूर अली, उस्मान व अजमल को सूरज के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट करने और उसे जान से मारने की धमकी देने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर गाली देने के आरोप में चारों को बरी कर दिया है।
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बिजनौर। एडीजे रामकरण ने घर में घुसकर मारपीट के आरोपी तीन भाइयों सहित चार आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और नौ-नौ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भस्सूराम के अनुसार कस्बा नहटौर के मोहल्ला शेखान निवासी सूरज कुमार नहटौर को चलने वाली प्राईवेट बस यूनियन का मुंशी है। सूरज के थाना धामपुर के गांव मिलक मुकीमपुर निवासी नूर मोहम्मद से गहरे संबंध थे। नूर मोहम्मद ने उससे 50 हजार रुपए उधार लिए थे। रुपए वापस मांगने पर वह सूरज से रंजिश रखने लगा। 10 जुलाई 2014 को सुबह नौ बजे सूरज अपने घर पर था। नूर मोहम्मद व उसके भाई नूर अली और उस्मान तथा उसका पुत्र अजमल सूरज के घर में घुस आए और सूरज को जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली-गलौज करने लगे। सूरज ने इन्हें गाली देने से मना किया तो आरोपियों ने उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी। कोर्ट ने इस मामले में चारों आरोपियों नूर मोहम्मद, नूर अली, उस्मान व अजमल को सूरज के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट करने और उसे जान से मारने की धमकी देने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर गाली देने के आरोप में चारों को बरी कर दिया है।
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