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दरोगा मर्डर मिस्ट्री में उलझी एसटीएफ व पुलिस

Wed, 05 Jul 2017 12:31 AM IST
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:31 AM IST
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दरोगा मर्डर मिस्ट्री में उलझी एसटीएफ व पुलिस
दरोगा हत्याकांड : पुलिस और एसटीएफ भी उलझीं
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बिजनौर।
दरोगा सहजोर मलिक हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस और एसटीएफ भी उलझकर रह गई हैं। पांच दिन बीतने और करीब 20 बिंदु पर गहराई से जांच पड़ताल के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस अब यह मान रही है कि दरोगा की किसी से कोई कहासुनी हो गई होगी। खुन्नस निकालने को दरोगा का बेरहमी से कत्ल हुआ। इस रंजिश को दरोगा और कत्ल करने वाले ही जानते थे। कातिल इतने शातिर रहे कि उन्होंने कोई सबूत मौके पर नहीं छोड़ा ।
मंडावर थाने की बालावाली पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा सहजोर सिंह मलिक की 30 जून की रात पुलिस चौकी जाते वक्त गोपालपुर गांव के पास धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी गई थी। कातिल वारदात को लूट दर्शाने के लिए दरोगा का पिस्टल लूटकर ले गए। पर्स, मोबाइल और बाइक मौके पर छोड़ गए थे। माना जा रहा है कि कातिलों का मकसद दरोगा का काम तमाम करना था। केस के खुलासे के लिए तीन दिनों से डीआईजी मुरादाबाद ओंकार सिंह बिजनौर में डेरा डाले थे। केस नहीं खुलने पर मंगलवार को डीआईजी वापस मुरादाबाद चले गए है। पुलिस और एसटीएफ की टीम करीब 20 बिदुंओं पर गहराई से तहकीकात कर चुकी है, पर कोई नतीजा नही निकला है। घटना के पांच दिन बाद इलाके की खाक छानने के बाद पुलिस की टीम भी बालवाली के इलाके से लौट आई है, पर मर्डर का कोई क्लू नहीं मिला है। कातिल इतने शातिर थे कि उन्होंने मौके पर मर्डर का कोई छोटा सबूत भी नहीं छोड़ा है। मौके पर मिली पाठल के बारे में कहा जा रहा था कि उस पर खून नहीं लगा हैं। पुलिस अफसर बता रहे हैं कि पाठल पर जंग लगा था। इसलिए उस पर लगा खून दिखाई नहीं दिया।
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पहले इस की वजह पारिवारिक विवाद माना जा रहा था। दरोगा की इलाके में रिश्तेदारी है। पुलिस की पड़ताल में पारिवारिक विवाद नहीं निकला है। कातिल मोबाइल, पर्स और बाइक तो छोड़ गए, पर दरोगा अपने भतीजे की बहू से जो 12 हजार रुपये किसी काम के लिए लाए थे, इन्हें जेब से निकालकर ले गए। जांच में यह बात सामने आई है कि दरोगा सहजोर मलिक गांव किशनपुर स्थित भतीजे की ससुराल गए थे। वहां से लौटने के बाद ही दरोगा का कत्ल हुआ।
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पुलिस अब यह मान रही है कि दरोगा का किसी से गहरा विवाद होगा। इस विवाद के बारे में दरोगा और वह जानते होंगे, जिनसे विवाद था। इस विवाद के चलते ही कातिलों ने दरोगा को बेेेरहमी से धारदार हथियार से काट डाला। कातिल ऐसे होंगे जिन पर शक नहीं जाए। पुलिस ऐसे कातिलों को ढूंढ रही है। दरोगा की किसी के साथ हुई छोटी से छोटी तकरार का भी पता किया जा रहा है। पुलिस को यह डर भी सता रहा है कि कातिलों ने कहीं लूटी पिस्टल गंगा में न डाल दिया हो। गंगा उफान पर होने के कारण पिस्टल बरामद होने में दिक्कत आ सकती है। सीओ सिटी असित श्रीवास्तव के मुताबिक दरोगा मर्डर में अभी कोई क्लू नहीं मिला है। पुलिस की टीम हत्या की जांच में जुटी है।
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