{"_id":"597792b54f1c1b43018b4651","slug":"181501008565-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत का तुगलकी फरमान, आंगनबाड़ी का हुक्कापानी बंद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पंचायत का तुगलकी फरमान, आंगनबाड़ी का हुक्कापानी बंद
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपात्रों के कार्ड निरस्त करने पर आंगनबाड़ी का हुक्का-पानी बंद
अफजलगढ़ (बिजनौर)।
खाद्य सुरक्षा योजना में राशन कार्डों के सत्यापन में अपात्रों को शामिल न करने पर पंचायत ने एक आंनगबाड़ी कार्यकर्ता का हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुनाया है। इस तुगलकी फरमान से ग्रामीण तो हैरान हैं ही, पुलिस भी जांच में लगी है।
गांव झाड़पुरा भागीजोत की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी पूर्ति विभाग ने खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्रों के सत्यापन के लिए लगाई थी। सत्यापन में गांव के अधिकांश लोगों के खाद्य सुरक्षा योजना में गलत ढंग से राशन लेने की बात सामने आई। उसने अपात्रों को सत्यापन में बाहर कर दिया। इसे लेकर कुछ अपात्रों ने गाली-गलौज की। उसने मामले की तहरीर पुलिस को भी दी। गांव में पंचायत होने पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया। महिला ने शिकायत वापिस ले ली।
बात यहीं खत्म नहीं हुई। गांव के कुछ लोगों ने एक बार फिर पंचायत कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुना दिया। पंचायत के इस फैसले से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता डरी-सहमी है। वहीं कुछ गांवासी पंचायत के इस फैसले को लेकर खफा हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के इस फैसले को बेतुका बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, पुलिस फैसला सुनाने वाले पंचों की तलाश में लगी है। एआरओ महेश गौतम ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी ने उनसे भी पंचायत के इस फैसले की शिकायत की है। उधर, कोतवाल फतेह सिंह का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अफजलगढ़ (बिजनौर)।
खाद्य सुरक्षा योजना में राशन कार्डों के सत्यापन में अपात्रों को शामिल न करने पर पंचायत ने एक आंनगबाड़ी कार्यकर्ता का हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुनाया है। इस तुगलकी फरमान से ग्रामीण तो हैरान हैं ही, पुलिस भी जांच में लगी है।
गांव झाड़पुरा भागीजोत की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी पूर्ति विभाग ने खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्रों के सत्यापन के लिए लगाई थी। सत्यापन में गांव के अधिकांश लोगों के खाद्य सुरक्षा योजना में गलत ढंग से राशन लेने की बात सामने आई। उसने अपात्रों को सत्यापन में बाहर कर दिया। इसे लेकर कुछ अपात्रों ने गाली-गलौज की। उसने मामले की तहरीर पुलिस को भी दी। गांव में पंचायत होने पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया। महिला ने शिकायत वापिस ले ली।
विज्ञापन
बात यहीं खत्म नहीं हुई। गांव के कुछ लोगों ने एक बार फिर पंचायत कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुना दिया। पंचायत के इस फैसले से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता डरी-सहमी है। वहीं कुछ गांवासी पंचायत के इस फैसले को लेकर खफा हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के इस फैसले को बेतुका बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, पुलिस फैसला सुनाने वाले पंचों की तलाश में लगी है। एआरओ महेश गौतम ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी ने उनसे भी पंचायत के इस फैसले की शिकायत की है। उधर, कोतवाल फतेह सिंह का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।
विज्ञापन