{"_id":"595a8fd84f1c1bf6058b4576","slug":"161499107288-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट ने हत्यारे पति को आजीवन कारावास की दी सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कोर्ट ने हत्यारे पति को आजीवन कारावास की दी सजा
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हत्यारे पति को आजीवन कारावास
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने पत्नी के हत्यारोपी पति को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना नजीबाबाद के कस्बा साहनपुर निवासी जमीला की पुत्री फरीदा का निकाह साहनपुर के ही मोहल्ला रवापुरी निवासी नफीस के साथ हुआ था। पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही थी। नफीस और फरीदा की बेटी की शादी के दौरान दोनों में फैसला हो गया था। फैसले के बाद फरीदा अपनी ससुराल आती जाती रहती थी। 19 जुलाई 2014 को फरीदा अपनी मां के घर पर थी। उसके पति नफीस का शाम सात बजे फोन आया। पति ने फरीदा के हाथ का खाना खाने की बात कहकर उसे घर बुलाया। फरीदा अपने पति नफीस के घर चली गई। 20 जुलाई को सुबह पांच बजे मीनू ने आकर जमीला की मां को बताया कि फरीदा को दौरे पड़ रहे हैं। इस पर जमीला, रफीक व जरीमा को लेकर फरीदा की ससुराल गई तो उसने पाया कि उसकी बेटी मरी पड़ी है। उसके मुंह, गले व पेट पर चोट के निशान हैं। उसके बाद में अपने दामाद नफीस के खिलाफ फरीदा की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर कोर्ट ने नफीस को अपनी पत्नी फरीदा की हत्या का दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने पत्नी के हत्यारोपी पति को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना नजीबाबाद के कस्बा साहनपुर निवासी जमीला की पुत्री फरीदा का निकाह साहनपुर के ही मोहल्ला रवापुरी निवासी नफीस के साथ हुआ था। पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही थी। नफीस और फरीदा की बेटी की शादी के दौरान दोनों में फैसला हो गया था। फैसले के बाद फरीदा अपनी ससुराल आती जाती रहती थी। 19 जुलाई 2014 को फरीदा अपनी मां के घर पर थी। उसके पति नफीस का शाम सात बजे फोन आया। पति ने फरीदा के हाथ का खाना खाने की बात कहकर उसे घर बुलाया। फरीदा अपने पति नफीस के घर चली गई। 20 जुलाई को सुबह पांच बजे मीनू ने आकर जमीला की मां को बताया कि फरीदा को दौरे पड़ रहे हैं। इस पर जमीला, रफीक व जरीमा को लेकर फरीदा की ससुराल गई तो उसने पाया कि उसकी बेटी मरी पड़ी है। उसके मुंह, गले व पेट पर चोट के निशान हैं। उसके बाद में अपने दामाद नफीस के खिलाफ फरीदा की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर कोर्ट ने नफीस को अपनी पत्नी फरीदा की हत्या का दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।