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इनामी बदमाश आदित्य और शुभम ने उड़ाए रखी पुलिस की नींद
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इनामी बदमाश आदित्य और शुभम ने उड़ाए रखी पुलिस की नींद
बिजनौर। वर्ष 2018 में एक लाख का इनामी बदमाश आदित्य व 50 हजार के इनामी बदमाश शुभम का गैंग पुलिस को चुनौती देता रहा। दोनों बदमाशों के गैंग ने पुलिस की नींद हराम कर रखी है। आदित्य के सलाखों के पीछे जाने के बाद भी उसका गैंग सक्रिय रहा। हत्या व दुष्कर्म की घटनाएं भी रोके नहीं रुकीं। सड़क हादसों ने 550 से ज्यादा लोगों की जिंदगी लील ली।
स्योहारा थाने के गांव रानानंगला निवासी बदमाश आदित्य ने पुलिस की नींद उड़ाए रखी। मुरादाबाद में पेशी से फरार होने के बाद आदित्य ने जिले में अपना बड़ा गैंग खड़ा कर लिया। गांव स्वाहेड़ी निवासी 20 हजार के इनामी बदमाश रोहित के साथ मिलकर जिले में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया। सलाखों के पीछे जाने के बाद भी आदित्य का गैंग सक्रिय रहा। जेलर आकाश शर्मा समेत जिले के कई बड़े लोगों की हत्या करने का वह अपने गैग को जेल में ही बैठकर हुक्म देता रहा। आदित्य ने 27 सितंबर को अपने गांव के मुकेश के भाई राकेश की भी चचेरे भाई राहुल व अन्य साथियों से हत्या करा दी। मुकेश की वह पहले ही हत्या करा चुका था। आदित्य ने कई लोगों की हत्या की सुपारी भी ले ली। आदित्य गैंग से जुड़े बिजनौर के राम बाग घेर निवासी 50 हजार के इनामी बदमाश शुभम व 25 हजार के इनामी बदमाश गांव कुम्हापुरा निवासी मोहित ने भी आदित्य की तर्ज पर जिले में ताबड़तोड़ लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। आदित्य की तरह शुभम भी बड़ा बदमाश बनना चाहता था। शुभम की गैंग ने भी पुलिस की नींद हराम कर रखी थी। शुभम व मोहित के मुठभेड़ में दबोचे जाने के बाद पुलिस ने राहत ली। हत्याओं की घटनाओं से भी जिला थर्राया रहा। 22 अगस्त को महिला गैंगस्टर पूजा की ज्ञान विहार कॉलोनी में गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसके साथ रहने वाले लोगों ने ही घटना को अंजाम दिया। 19 नवंबर को मॉर्निंग वॉक पर निकले गांव आदमपुर निवासी कुंवर सिंह की इंद्रलोक कॉलोनी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या की गुत्थी पुलिस अब तक नहीं सुलझा पाई है।
22 सितंबर को नूरपुर क्षेत्र के पुरनपुर नंगला में मस्जिद के इमाम नूरहसन इदरीसी की भी हत्या कर दी गई। एक साल के अंदर 70 हत्या, 48 लूट, 30 दहेज हत्या, 60 दुष्कर्म, 70 गोकशी, 25 महिलाओं के साथ छेड़खानी, फिरौती के लिए एक अपहरण की घटना हुईं। हत्या व दुष्कर्म की घटनाओं को पुलिस नहीं रोक पाई।
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हादसों ने ली 550 से ज्यादा जान
सड़क हादसे इस साल भी रोके नहीं रुके।
हादसों में सालभर के भीतर 550 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। नूरपुर के भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की फरवरी में सीतापुर के पास सड़क हादसे में जान चली गई। उनकी कार में सवार चार और लोग भी मरे। शायद ही कोई दिन ऐसा गया हो कि हादसे में किसी की मौत न हुई हो। हादसे रोकने के लिए प्रशासन ने भी कई बार प्लान बनाया, पर कोई भी प्लान परवान नहीं चढ़ा और हादसे होते रहे।
बिजनौर। वर्ष 2018 में एक लाख का इनामी बदमाश आदित्य व 50 हजार के इनामी बदमाश शुभम का गैंग पुलिस को चुनौती देता रहा। दोनों बदमाशों के गैंग ने पुलिस की नींद हराम कर रखी है। आदित्य के सलाखों के पीछे जाने के बाद भी उसका गैंग सक्रिय रहा। हत्या व दुष्कर्म की घटनाएं भी रोके नहीं रुकीं। सड़क हादसों ने 550 से ज्यादा लोगों की जिंदगी लील ली।
स्योहारा थाने के गांव रानानंगला निवासी बदमाश आदित्य ने पुलिस की नींद उड़ाए रखी। मुरादाबाद में पेशी से फरार होने के बाद आदित्य ने जिले में अपना बड़ा गैंग खड़ा कर लिया। गांव स्वाहेड़ी निवासी 20 हजार के इनामी बदमाश रोहित के साथ मिलकर जिले में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया। सलाखों के पीछे जाने के बाद भी आदित्य का गैंग सक्रिय रहा। जेलर आकाश शर्मा समेत जिले के कई बड़े लोगों की हत्या करने का वह अपने गैग को जेल में ही बैठकर हुक्म देता रहा। आदित्य ने 27 सितंबर को अपने गांव के मुकेश के भाई राकेश की भी चचेरे भाई राहुल व अन्य साथियों से हत्या करा दी। मुकेश की वह पहले ही हत्या करा चुका था। आदित्य ने कई लोगों की हत्या की सुपारी भी ले ली। आदित्य गैंग से जुड़े बिजनौर के राम बाग घेर निवासी 50 हजार के इनामी बदमाश शुभम व 25 हजार के इनामी बदमाश गांव कुम्हापुरा निवासी मोहित ने भी आदित्य की तर्ज पर जिले में ताबड़तोड़ लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। आदित्य की तरह शुभम भी बड़ा बदमाश बनना चाहता था। शुभम की गैंग ने भी पुलिस की नींद हराम कर रखी थी। शुभम व मोहित के मुठभेड़ में दबोचे जाने के बाद पुलिस ने राहत ली। हत्याओं की घटनाओं से भी जिला थर्राया रहा। 22 अगस्त को महिला गैंगस्टर पूजा की ज्ञान विहार कॉलोनी में गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसके साथ रहने वाले लोगों ने ही घटना को अंजाम दिया। 19 नवंबर को मॉर्निंग वॉक पर निकले गांव आदमपुर निवासी कुंवर सिंह की इंद्रलोक कॉलोनी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या की गुत्थी पुलिस अब तक नहीं सुलझा पाई है।
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22 सितंबर को नूरपुर क्षेत्र के पुरनपुर नंगला में मस्जिद के इमाम नूरहसन इदरीसी की भी हत्या कर दी गई। एक साल के अंदर 70 हत्या, 48 लूट, 30 दहेज हत्या, 60 दुष्कर्म, 70 गोकशी, 25 महिलाओं के साथ छेड़खानी, फिरौती के लिए एक अपहरण की घटना हुईं। हत्या व दुष्कर्म की घटनाओं को पुलिस नहीं रोक पाई।
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हादसों ने ली 550 से ज्यादा जान
सड़क हादसे इस साल भी रोके नहीं रुके।
हादसों में सालभर के भीतर 550 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। नूरपुर के भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की फरवरी में सीतापुर के पास सड़क हादसे में जान चली गई। उनकी कार में सवार चार और लोग भी मरे। शायद ही कोई दिन ऐसा गया हो कि हादसे में किसी की मौत न हुई हो। हादसे रोकने के लिए प्रशासन ने भी कई बार प्लान बनाया, पर कोई भी प्लान परवान नहीं चढ़ा और हादसे होते रहे।