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आधुनिक तकनीक से अपडेट किया जा रहा बिजनौर गंगा बैराज

Tue, 09 Aug 2022 12:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 12:54 AM IST
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computerized operating machine will open the gate of bijnor barrage
बिजनौर में बैराज को कम्प्यूटराइज करने के लिए बनाया जा रहा कंट्रोल रूम। - फोटो : BIJNOR
कंप्यूटराइज्ड ऑपरेटिंग मशीन खोलेगी बिजनौर बैराज के गेट
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बिजनौर। निर्माण होने के बाद 38 सालों के बाद बिजनौर बैराज को आधुनिक तकनीक से अपडेट किया जाने लगा है। इससे बैराज पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड हो जाएगा, जिसके लिए कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। अभी तक बैराज के गेट खोलने के लिए ऑपरेटर को प्लेटफार्म पर चढ़कर सभी गेटों को एक एक कर खोलना या बंद करना पड़ता है, कंप्यूटराइज्ड होने के बाद गेट पर नहीं जाना पड़ेगा।
साल 1984 में बिजनौर में गंगा नदी पर बैराज का निर्माण किया गया। बैराज में 28 गेट हैं। अभी तक यह पुरानी तकनीक पर ही चल रहा है। बैराज के सभी गेट पर अलग अलग मोटर लगी हुई है। गेट बंद करने और खोलने के लिए ऑपरेटर को बैराज के प्लेटफार्म पर चढ़ना पड़ता है, जो कि काफी ऊंचा भी है। अलग अलग गेट को खोलने या बंद करने के लिए उसी के ऊपर जाकर बटन दबाना पड़ता है। यह व्यवस्था अब बदलने जा रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। कंट्रोल रूम को बनाने में ही दो करोड़ रुपये की लागत आ रही है। जिसमें एक कंप्यूटर पर आधारित ऑपरेटिंग मशीन लग रही है। इस कंट्रोल रूम से सभी गेट पर लगी मोटर के तार जोड़े जा रहे हैं। अब कंप्यूटर से गेट खुल और बंद हो सकेंगे।
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ऑटोमिशन पर काम करेगा कंट्रोल रूम
किस गेट पर पानी का जलस्तर क्या है, कितना दबाव है, कितना पानी डिस्चार्ज करने के लिए गेट को कहां तक खोलना है, यह कंप्यूटर खुद तय करेगा। जिसके सॉफ्टवेयर में जलस्तर की गणना भी खुद ही होगा। अभी तक गेट कितना खुला है, कितना पानी डिस्चार्ज हो रहा है, यह गणना कर्मचारियों को खुद करनी पड़ती है। कंप्यूटराइज्ड होने के बाद गणना पुराने सूत्र लगाकर नहीं करनी पड़ेगी।
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गंगा के बहाव पर रहेगी कैमरों की नजर
कंप्यूटराइज्ड होने के साथ साथ बैराज के अप और डाउन स्ट्रीम में कैमरे लगाए जा रहे हैं, जोकि गेट के खुलने की स्थिति और पानी के बहाव पर नजर रखेंगे। पांच सौ मीटर तक का गंगा के बहाव पर इन कैमरों की नजर रहेगी। चार कैमरे ऐसे लग रहे हैं जोकि चारों तक घूमेंगे और गंगा के बहाव की पिक्चर लेकर कंट्रोल रूम भेजेंगे।
जलस्तर मापेगा लेबल ट्रांसमीटर
बैराज पर जलस्तर मापने के लिए भी पुराने ढर्रे का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। समुद्रतल से ऊंचाई के आधार पर जलस्तर तय किया जाता है, उसी अनुसार जलस्तर का मापने का पैमाना बना हुआ है लेकिन अब लेबल ट्रांसमीटर लग रहा है। लेबल ट्रांसमीटर कंट्रोल रूम से जुड़ा होगा, जिसके बाद किसी कर्मचारी को पैमाने के पास पहुंचकर जलस्तर नोट करने की जरूरत नहीं होगी।

वर्जन::
बिजनौर गंगा बैराज पर कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। जिससे बैराज कंप्यूटराइज्ड हो जाएगा। गेट का खुलना और बंद होना भी कंट्रोल रूम से ही तय होगा। मैन्युअल व्यवस्था अब नहीं रहेगी। ...पीपी गौतम, अधिशासी अभियंता, मध्य गंगा नहर खंड पांच
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