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40 ग्राम पंचायतों में नहीं बनेंगे सामुदायिक शौचालय
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40 ग्राम पंचायतों में नहीं बनेंगे सामुदायिक शौचालय
बिजनौर। जिले की 40 पंचायतों में सामुदायिक शौचालय नहीं बनेंगे। एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बन गए हैं। बाकी पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के निर्माण का कार्य 15 मार्च तक पूरे हो जाएंगे। ग्रामीण सामुदायिक शौचालयों की निर्माण गुणवत्ता तथा रखरखाव की जानकारी पंचायतराज विभाग को दे सकते हैं।
जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक शौचालय का निर्माण चल रहा है। शुरू में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हुआ, लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण निर्माण कार्य की प्रगति धीमी पड़ गई।
वित्तीय वर्ष का यह आखिरी माह है। सभी निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरे होने हैं। प्रशासन ने अधूरे पड़े निर्माण पूरा कराने में तेजी ला दी है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि 40 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए तय मानकों के अनुसार सरकारी भूमि उपलब्ध नही हुई है। इन पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनने की संभावना नहीं रह गई है।
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बताया कि 1023 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा हो गया है। 60 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य चल रहा है। जो 15 मार्च तक पूरा हो जाएगा। सहायक विकास अधिकारी तथा ग्राम पंचायत सचिव को इस बारे में निर्देश दे दिए हैं। डीएम उमेश मिश्रा की ग्रामीण सामुदायिक शौचालय की गुणवत्ता पर निगाह है। ग्रामीण गुणवत्ता से संबंधित सुझाव डीपीआरओ दफ्तर में दे सकते हैं।
देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों पर डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि जिले में 1023 पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बन गए हैं। शासन ने सामुदायिक शौचालय के देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। तैयार हो चुके शौचालय को स्वयं सहायता समूहों को सौंप दिया गया है। समूहों को हर माह साफ-सफाई के सामान के लिए 3000 रुपये मिलता है। केयर टेकर को छह हजार रुपये मानदेय प्रति माह मिलता है। ग्रामीणों को सामुदायिक शौचालय के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया जा रहा है। हर पंचायत से शौचालय इस्तेमाल करने वाले ग्रामीण की संख्या मांगी गई है।
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बिजनौर। जिले की 40 पंचायतों में सामुदायिक शौचालय नहीं बनेंगे। एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बन गए हैं। बाकी पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के निर्माण का कार्य 15 मार्च तक पूरे हो जाएंगे। ग्रामीण सामुदायिक शौचालयों की निर्माण गुणवत्ता तथा रखरखाव की जानकारी पंचायतराज विभाग को दे सकते हैं।
जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक शौचालय का निर्माण चल रहा है। शुरू में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हुआ, लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण निर्माण कार्य की प्रगति धीमी पड़ गई।
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वित्तीय वर्ष का यह आखिरी माह है। सभी निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरे होने हैं। प्रशासन ने अधूरे पड़े निर्माण पूरा कराने में तेजी ला दी है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि 40 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए तय मानकों के अनुसार सरकारी भूमि उपलब्ध नही हुई है। इन पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनने की संभावना नहीं रह गई है।
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बताया कि 1023 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा हो गया है। 60 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य चल रहा है। जो 15 मार्च तक पूरा हो जाएगा। सहायक विकास अधिकारी तथा ग्राम पंचायत सचिव को इस बारे में निर्देश दे दिए हैं। डीएम उमेश मिश्रा की ग्रामीण सामुदायिक शौचालय की गुणवत्ता पर निगाह है। ग्रामीण गुणवत्ता से संबंधित सुझाव डीपीआरओ दफ्तर में दे सकते हैं।
देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों पर डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि जिले में 1023 पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बन गए हैं। शासन ने सामुदायिक शौचालय के देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। तैयार हो चुके शौचालय को स्वयं सहायता समूहों को सौंप दिया गया है। समूहों को हर माह साफ-सफाई के सामान के लिए 3000 रुपये मिलता है। केयर टेकर को छह हजार रुपये मानदेय प्रति माह मिलता है। ग्रामीणों को सामुदायिक शौचालय के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया जा रहा है। हर पंचायत से शौचालय इस्तेमाल करने वाले ग्रामीण की संख्या मांगी गई है।