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बेमौसम बारिश फसलों को पहुंचा रही नुकसान
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शाम होते ही घिरे बादल, जिले भर में बूंदाबांदी
बिजनौर। इस बार मौसम किसानों की परीक्षा ले रहा है। बृहस्पतिवार शाम होते ही आसमान में फिर बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी होने लगी। हर सप्ताह खराब हो रहे मौसम से किसान खेतों में काम तक नहीं कर पा रहे हैं। गन्ने के खेतों में खरपतावार बढ़ता जा रहा है।
किसानों के खेतों में अब भी गन्ना खड़ा है। लेकिन बार बार बारिश होने से किसान गन्ने के खेत भी खाली नहीं कर पा रहे हैं। हर सप्ताह हो रही बारिश से अब गन्ने का पौधा प्रभावित होने लगा है। बारिश से खेतों में नमी होने से खरपतवार बढ़ रही है। किसान खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। बार-बार आंधी आने से आम की फसल को पहले ही बहुत नुकसान पहुंच चुका है। लॉकडाउन की शुरूआत में किसानों ने खीरे, लोकी आदि की फसल कम लगाई थीं। अब किसानों ये फसल लगाईं तो बारिश बार बार इन फसलों को भी नुकसान पहुंचा रही है। किसान राजपाल सिंह, महकार सिंह का कहना है कि अभी जून तक बारिश की कोई जरूरत नहीं है। अब खरपतवार को खत्म करने में पहले से ज्यादा लागत लगानी होगी।
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बिजनौर। इस बार मौसम किसानों की परीक्षा ले रहा है। बृहस्पतिवार शाम होते ही आसमान में फिर बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी होने लगी। हर सप्ताह खराब हो रहे मौसम से किसान खेतों में काम तक नहीं कर पा रहे हैं। गन्ने के खेतों में खरपतावार बढ़ता जा रहा है।
किसानों के खेतों में अब भी गन्ना खड़ा है। लेकिन बार बार बारिश होने से किसान गन्ने के खेत भी खाली नहीं कर पा रहे हैं। हर सप्ताह हो रही बारिश से अब गन्ने का पौधा प्रभावित होने लगा है। बारिश से खेतों में नमी होने से खरपतवार बढ़ रही है। किसान खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। बार-बार आंधी आने से आम की फसल को पहले ही बहुत नुकसान पहुंच चुका है। लॉकडाउन की शुरूआत में किसानों ने खीरे, लोकी आदि की फसल कम लगाई थीं। अब किसानों ये फसल लगाईं तो बारिश बार बार इन फसलों को भी नुकसान पहुंचा रही है। किसान राजपाल सिंह, महकार सिंह का कहना है कि अभी जून तक बारिश की कोई जरूरत नहीं है। अब खरपतवार को खत्म करने में पहले से ज्यादा लागत लगानी होगी।
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