{"_id":"5d2238d68ebc3e6ca435d81b","slug":"circle-rate-of-land-will-increase-by-one-august-bijnor-news-mrt4320718139","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक से बढ़ेंगे जमीनों के सर्किल रेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक से बढ़ेंगे जमीनों के सर्किल रेट
विज्ञापन
Circle rate of land will increase by one August
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक से बढ़ेंगे जमीनों के सर्किल रेट
बिजनौर। अगर आप घर या फिर खेती के लिए जमीन खरीदना चाहते हैं तो एक अगस्त से पहले बैनामा करा लें। एक अगस्त से जमीन के सर्किल रेट बढ़ने वाले हैं। इस बार सर्किल रेट में अच्छी खासी वृद्धि होने का अनुमान है। सर्किल रेट बढ़ने के बाद नए मूल्य पर ही स्टांप ड्यूटी लगेगी। इससे जमीन खरीदने का सौदा महंगा हो जाएगा।
हर साल एक अगस्त को जमीन के नए सर्किल रेट निर्धारित किए जाते हैं। जमीन की कीमत पर लगने वाले स्टांप से सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है। साल 2017 में सर्किल रेट में अधिक वृद्धि नहीं की गई थी। नोटबंदी की वजह से उस साल बाजार में ज्यादा रुपया नहीं था। तब सर्किल रेट बढ़ाने के बजाए सर्किल रेट और बाजार कीमत को एक स्तर पर लाने की कोशिश की गई थी। 2017 में नोटबंदी के चलते जमीन के बैनामे बहुत कम हो गए थे। 2018 में सर्किल रेट में वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन पिछले साल पूरे सूबे में ही सर्किल रेट में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं की गई थी।
पिछले साल सरकार द्वारा अनेक हाईवे और फोरलेन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहीत करनी थी। अगर सर्किल रेट बढ़ाया जाता तो प्रदेश सरकार को बढ़े हुए मूल्य के हिसाब से ही निर्धारित मुआवजा देना होता। पिछले साल सर्किल रेट न बढ़ने से वर्तमान में जमीनों की बाजार कीमत और वास्तविक कीमत में भारी अंतर पैदा हो गया है। जमीन की बाजार कीमतें तो आसमान पर पहुुंच गईं, लेकिन सर्किल रेट बहुत कम रहा। लेकिन इस बार सर्किल रेट में अच्छी खासी वृद्धि होने की बात कही जा रही है। डीएम ने सभी तहसीलों में एसडीएम की अध्यक्षता में सर्वे के लिए टीमों का गठन कर दिया है। टीमें देखेंगी कि कौन सी सड़क पर जमीन की असली कीमत व सरकारी कीमत में कितना फर्क है। सरकारी कीमत कम होने पर इसमें वृद्धि की जाएगी।
विज्ञापन
इतना मिलता है राजस्व
नगरीय क्षेत्र में जमीन की कुल कीमत पर सात प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में पांच प्रतिशत की स्टांप ड्यूटी दी जाती है। महिलाओं को दोनों जगह एक प्रतिशत की छूट दी जाती है। जिला मुख्यालय पर रिंग रोड पर इस समय काफी विकास कार्य हो रहे हैं। इसके अलावा गांवों में भी जमीन की बाजार कीमत बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सर्किल रेट बढ़ाए जाएंगे। शहरों के आसपास के क्षेत्र में सर्किल रेट 20 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।
ये हैं प्रमुख सड़कों के रेट
सहायक निबंधक एके कटारिया के अनुसार जिला मुख्यालय पर शास्त्री चौक से सेंट मेरी चौराहे पर जमीन के दाम 30 हजार स्क्वायर मीटर, नगीना रोड पर शास्त्री चौक से रेलवे क्रॉसिंग तक रेट 35 हजार और इससे आगे 30 हजार, चांदपुर रोड पर 15 हजार, बैराज रोड पर पेट्रोल पंप तक 28 हजार रुपये स्क्वायर मीटर तक हैं।
--------------------कोट
सर्वे के आधार पर होगा नया रेट
सहायक आयुक्त स्टांप अजय त्रिपाठी के अनुसार डीएम कार्यालय से एसडीएम, तहसील कार्यालय को सर्वे कराने के लिए कहा गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही नया सर्किल रेट निर्धारित होगा।
विज्ञापन
बिजनौर। अगर आप घर या फिर खेती के लिए जमीन खरीदना चाहते हैं तो एक अगस्त से पहले बैनामा करा लें। एक अगस्त से जमीन के सर्किल रेट बढ़ने वाले हैं। इस बार सर्किल रेट में अच्छी खासी वृद्धि होने का अनुमान है। सर्किल रेट बढ़ने के बाद नए मूल्य पर ही स्टांप ड्यूटी लगेगी। इससे जमीन खरीदने का सौदा महंगा हो जाएगा।
हर साल एक अगस्त को जमीन के नए सर्किल रेट निर्धारित किए जाते हैं। जमीन की कीमत पर लगने वाले स्टांप से सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है। साल 2017 में सर्किल रेट में अधिक वृद्धि नहीं की गई थी। नोटबंदी की वजह से उस साल बाजार में ज्यादा रुपया नहीं था। तब सर्किल रेट बढ़ाने के बजाए सर्किल रेट और बाजार कीमत को एक स्तर पर लाने की कोशिश की गई थी। 2017 में नोटबंदी के चलते जमीन के बैनामे बहुत कम हो गए थे। 2018 में सर्किल रेट में वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन पिछले साल पूरे सूबे में ही सर्किल रेट में एक रुपये की भी वृद्धि नहीं की गई थी।
विज्ञापन
पिछले साल सरकार द्वारा अनेक हाईवे और फोरलेन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहीत करनी थी। अगर सर्किल रेट बढ़ाया जाता तो प्रदेश सरकार को बढ़े हुए मूल्य के हिसाब से ही निर्धारित मुआवजा देना होता। पिछले साल सर्किल रेट न बढ़ने से वर्तमान में जमीनों की बाजार कीमत और वास्तविक कीमत में भारी अंतर पैदा हो गया है। जमीन की बाजार कीमतें तो आसमान पर पहुुंच गईं, लेकिन सर्किल रेट बहुत कम रहा। लेकिन इस बार सर्किल रेट में अच्छी खासी वृद्धि होने की बात कही जा रही है। डीएम ने सभी तहसीलों में एसडीएम की अध्यक्षता में सर्वे के लिए टीमों का गठन कर दिया है। टीमें देखेंगी कि कौन सी सड़क पर जमीन की असली कीमत व सरकारी कीमत में कितना फर्क है। सरकारी कीमत कम होने पर इसमें वृद्धि की जाएगी।
विज्ञापन
इतना मिलता है राजस्व
नगरीय क्षेत्र में जमीन की कुल कीमत पर सात प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में पांच प्रतिशत की स्टांप ड्यूटी दी जाती है। महिलाओं को दोनों जगह एक प्रतिशत की छूट दी जाती है। जिला मुख्यालय पर रिंग रोड पर इस समय काफी विकास कार्य हो रहे हैं। इसके अलावा गांवों में भी जमीन की बाजार कीमत बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सर्किल रेट बढ़ाए जाएंगे। शहरों के आसपास के क्षेत्र में सर्किल रेट 20 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।
ये हैं प्रमुख सड़कों के रेट
सहायक निबंधक एके कटारिया के अनुसार जिला मुख्यालय पर शास्त्री चौक से सेंट मेरी चौराहे पर जमीन के दाम 30 हजार स्क्वायर मीटर, नगीना रोड पर शास्त्री चौक से रेलवे क्रॉसिंग तक रेट 35 हजार और इससे आगे 30 हजार, चांदपुर रोड पर 15 हजार, बैराज रोड पर पेट्रोल पंप तक 28 हजार रुपये स्क्वायर मीटर तक हैं।
--------------------कोट
सर्वे के आधार पर होगा नया रेट
सहायक आयुक्त स्टांप अजय त्रिपाठी के अनुसार डीएम कार्यालय से एसडीएम, तहसील कार्यालय को सर्वे कराने के लिए कहा गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही नया सर्किल रेट निर्धारित होगा।