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Bijnor News: अभिशाप बना छोइया का पानी, कैंसर से हो चुकी हैं मौत
Fri, 03 Feb 2023 08:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 03 Feb 2023 08:36 PM IST
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बिजनौर में छोईया नदी में बहता प्रदूषित पानी।
- छोइया से सटे गांवों में लोगों को जकड़ रही कैंसर की बीमारी
- ग्रामीण मानते हैं प्रदूषित पानी ने बिगाड़ दिया है भूजल
- हैंडपंपों से निकलता है प्रदूषित पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। छोइया का पानी आसपास के गांवों के लिए अभिशाप बन गया है। लोगों को कैंसर की बीमारी जकड़ रही है। पिछले 15 सालों में इन गांवों में करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय भी गांवों में कैंसर के मरीज निकल रहे हैं। समय से जांच कराने पर मरीज अपना इलाज करा रहे हैं। छोइया में बह रहा फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनकर सामने आ रहा है।
छोइया एक बरसाती नाला है, जिसमें बरसात का पानी बहता है। मगर इसके पास लगी फैक्ट्री से निकलने वाला प्रदूषित पानी भी इसमें डाला जा रहा है। जिससे आसपास के क्षेत्र का भूजल बिगड़ गया है। अधिवक्ता निपेंद्र देशवाल का कहना है कि साल 2012 के आसपास छोइया से सटे गांवों में कैंसर लोगों को अपनी चपेट में ले रहा था। जिससे करीब 40 लोगों की कैंसर से मौत भी हो चुकी है। गांव अगरी में 12, हादरपुर में आठ, जलालपुर में चार, छोइया नंगली में छह, शाहपुर लाल में चार, आसपुर नवादा में चार मौत कैंसर से हो चुकी हैं। इसके अलावा सुंदरपुर, सिंकदरी और जलीलपुर ब्लॉक के गांवों में भी कैंसर से मौत हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंपों से भी लाल और प्रदूषित पानी निकलता है। जो पीने योग्य नहीं है। गांव में गहरी टंकी लगने के बाद साफ पानी मिल रहा है।
इनसेट...........
हार्मोन बिगड़ने से महिलाओं में बढ़ रहा स्तन कैंसर
सर्जन डॉ. अरूण कुमार पांडेय ने बताया कि महिलाओं में स्तन कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण हार्मोन संतुलन बिगड़ना है। महिलाओं में कई तरह के हार्मोन होते हैं। जब इन हार्मोनों का संतुलन बिगड़ने लगता है तो असीमित कोशिकाएं विकसित होने लगती हैं। जिसकी वजह से महिलाओं में स्तन कैंसर बढ़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के सरकारी अस्पतालों में सत्र 2022-23 में आठ कैंसर के मरीज आए। जिनमें छह महिलाएं थी, जिनमें स्तन कैंसर पाया गया। वहीं दो पुरुष ओरल कैंसर से ग्रसित आए।
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स्तन कैंसर के लक्षण
-स्तन में गांठ का होना
-गांठ में दर्द नहीं होता
-कैंसर के तीसरे और चौथे चरण में भूख कम लगना
-मरीज का वजन कम होना
-स्तन का आकार बढ़ना
स्तन कैंसर से बचाव-
-बिना दर्द की गांठ होने पर जांच कराएं
-लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लें
-खानपान का विशेष ध्यान रखें
-चिकित्सक के बताए अनुसार दवाई लें
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- ग्रामीण मानते हैं प्रदूषित पानी ने बिगाड़ दिया है भूजल
- हैंडपंपों से निकलता है प्रदूषित पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। छोइया का पानी आसपास के गांवों के लिए अभिशाप बन गया है। लोगों को कैंसर की बीमारी जकड़ रही है। पिछले 15 सालों में इन गांवों में करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। इस समय भी गांवों में कैंसर के मरीज निकल रहे हैं। समय से जांच कराने पर मरीज अपना इलाज करा रहे हैं। छोइया में बह रहा फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनकर सामने आ रहा है।
छोइया एक बरसाती नाला है, जिसमें बरसात का पानी बहता है। मगर इसके पास लगी फैक्ट्री से निकलने वाला प्रदूषित पानी भी इसमें डाला जा रहा है। जिससे आसपास के क्षेत्र का भूजल बिगड़ गया है। अधिवक्ता निपेंद्र देशवाल का कहना है कि साल 2012 के आसपास छोइया से सटे गांवों में कैंसर लोगों को अपनी चपेट में ले रहा था। जिससे करीब 40 लोगों की कैंसर से मौत भी हो चुकी है। गांव अगरी में 12, हादरपुर में आठ, जलालपुर में चार, छोइया नंगली में छह, शाहपुर लाल में चार, आसपुर नवादा में चार मौत कैंसर से हो चुकी हैं। इसके अलावा सुंदरपुर, सिंकदरी और जलीलपुर ब्लॉक के गांवों में भी कैंसर से मौत हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंपों से भी लाल और प्रदूषित पानी निकलता है। जो पीने योग्य नहीं है। गांव में गहरी टंकी लगने के बाद साफ पानी मिल रहा है।
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हार्मोन बिगड़ने से महिलाओं में बढ़ रहा स्तन कैंसर
सर्जन डॉ. अरूण कुमार पांडेय ने बताया कि महिलाओं में स्तन कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण हार्मोन संतुलन बिगड़ना है। महिलाओं में कई तरह के हार्मोन होते हैं। जब इन हार्मोनों का संतुलन बिगड़ने लगता है तो असीमित कोशिकाएं विकसित होने लगती हैं। जिसकी वजह से महिलाओं में स्तन कैंसर बढ़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के सरकारी अस्पतालों में सत्र 2022-23 में आठ कैंसर के मरीज आए। जिनमें छह महिलाएं थी, जिनमें स्तन कैंसर पाया गया। वहीं दो पुरुष ओरल कैंसर से ग्रसित आए।
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स्तन कैंसर के लक्षण
-स्तन में गांठ का होना
-गांठ में दर्द नहीं होता
-कैंसर के तीसरे और चौथे चरण में भूख कम लगना
-मरीज का वजन कम होना
-स्तन का आकार बढ़ना
स्तन कैंसर से बचाव-
-बिना दर्द की गांठ होने पर जांच कराएं
-लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लें
-खानपान का विशेष ध्यान रखें
-चिकित्सक के बताए अनुसार दवाई लें