फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Central government's ordinances stated anti-farmer

केंद्र सरकार के अध्यादेशों बताया किसान विरोधी

Fri, 18 Sep 2020 11:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 11:55 PM IST
विज्ञापन
Central government's ordinances stated anti-farmer
दिगम्बर सिंह। - फोटो : BIJNOR
केंद्र सरकार के अध्यादेशों बताया किसान विरोधी
विज्ञापन

बिजनौर। केंद्र सरकार ने तीन कृषि अध्यादेशों को शुक्रवार को मंजूरी दे दी है। इन अध्यादेशों का जिले में शुरूआत से ही विरोध हो रहा है। किसान संगठन अध्यादेशों को किसान विरोधी बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं। सरकार द्वारा अध्यादेशों को मंजूरी देने के बाद भी किसान संगठन इन अध्यादेशों को मानने को तैयार नहीं हैं।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने बिल के विरोध में जिले में सबसे ज्यादा आंदोलन चलाए हैं। संगठन के वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा का कहना है कि पूरे देश में कृषि अध्यादेशों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है फिर भी सरकार ने बिल पास कर दिए। उनका कहना है कि किसान चुपचाप काले कानूनों को मंजूर नहीं करेंगे। हर हाल में इन अध्यादेशों को खारिज कराएंगे। आने वाले चुनाव में भाजपा में भाजपा का विरोध किया जाएगा। भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि जब कोई अध्यादेश आता है तो उस पर लोकसभा में बहस होती है। लेकिन सरकार ने कोई बहस नहीं कराई। यह अध्यादेश किसानों को मारने के लिए बनाए गए हैं। कहा कि भंडारण की सीमा खत्म कर दी गई है। पूंजीपति सस्ते दामों में फसल खरीद उनका भंडारण कर महंगे दामों पर बेचेंगे। इनके विरोध में 21 सितंबर को पूरे प्रदेश में भाकियू आंदोलन करेगी।
विज्ञापन

भाकियू अंबावता जिलाध्यक्ष विजय सिंह सहरावत का कहना है कि पूंजीपति किसान को एक पैसे का फायदा नहीं होने देंगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं होगा तो किसान से पूंजीपति अपने मूल्य पर फसल खरीदेंगे। नई व्यवस्था में बिचौलिये नहीं होने की बात कही जा रही है, लेकिन पूंजीपति खुद ही बिचौलियों के माध्यम से फसल खरीदेंगे। सरकार हर फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करे। भाकियू लोकशक्ति जिलाध्यक्ष वीर सिंह का कहना है कि पूरे देश में किसान बिल का विरोध कर रहे हैं। गांव-गांव जाकर किसानों को इन अध्यादेशों का नुकसान बताया जा रहा है। कहा कि किसान को जो सुविधा सरकार आज तक नहीं दे पाई वह सुविधाएं अब व्यापारियों से दिलाने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष कुलवीर सिंह का कहना है कि पहले किसान मंडी में अनाज ले जाता था अब कहां लेकर जाए। मंडी समिति को खत्म कर दिया है। भूमि अधिग्रहण कानून को सरकार के हिसाब से बनाया जा रहा है। इससे किसान अपनी मर्जी के दामों पर जमीन खरीदेगी। कोई भी किसान इसके पक्ष में नहीं है। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह का कहना है कि कारपोरेट खेती को जमींदारों के बाद अब पूंजीपतियों को दिया जा रहा है। अब शुरूआत हुई तो पूंजीपति धीरे धीरे जमीनों पर कब्जा कर लेंगे। न्यूनतम समर्थन मूल्य को सभी फसलों का तय होना चाहिए, लेकिन इसे खत्म किया जा रहा है। कोई भी ऐसा राज्य, ऐसा जिला नहीं है, जहां पर इन अध्यादेशों का समर्थन किया जा रहा हो।

राहुल सिंह।

राहुल सिंह।- फोटो : BIJNOR

कुलवीर सिंह।

कुलवीर सिंह।- फोटो : BIJNOR

विजय सिंह।

विजय सिंह।- फोटो : BIJNOR

वीर सिंह।

वीर सिंह।- फोटो : BIJNOR

कैलाश लांबा।

कैलाश लांबा।- फोटो : BIJNOR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed