{"_id":"64cbf9b483253225c005d5f4","slug":"cannibal-guldar-the-method-of-killing-is-the-same-the-way-of-eating-the-prey-has-changed-bijnor-news-c-27-1-smrt1007-8333-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: मारने का तरीका वही, शिकार को खाने का तरीका बदला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: मारने का तरीका वही, शिकार को खाने का तरीका बदला
Fri, 04 Aug 2023 12:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 04 Aug 2023 12:32 AM IST
विज्ञापन
- इस बार गुलदार ने पेट नहीं, बल्कि वृद्ध का सीने से मांस खाया
- बुजुर्ग का दिल, फेफड़े, लीवर सहित साढ़े चार किलो मांस खाया
- बुजुर्ग की गुलदार ने तीन जगह से तोड़ी रीढ़ की हड्डी
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर में बुधवार को गुलदार ने वृद्ध को मार दिया था। उसका पोस्टमार्टम हुआ तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। वृद्ध ब्रह्मपाल को भी गुलदार ने गर्दन पकड़कर ही मारा, लेकिन खाने का तरीका पिछले शिकार से अलग रहा। उसका पेट नहीं खाया, बल्कि छाती से खाया। गुलदार उसका दिल, लिवर, गुर्दा समेत करीब साढ़े चार किलो मांस खा गया। आमतौर पर नरभक्षी गुलदार इंसानी शिकार का पेट सबसे पहले खाता है।
कोतवाली देहात के गांव सिकंदरपुर निवासी 70 वर्षीय ब्रह्मपाल मजदूरों के साथ खेत पर निराई एवं कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए गए थे। इस दौरान बुधवार को गुलदार ने बुजुर्ग को मार डाला था। गुलदार ने सबसे पहले बुजुर्ग की गर्दन पर हमला कर गर्दन तोड़ दी। गर्दन में ठीक वैसे ही निशान मिले हैं, जैसे तेलीपुरा निवासी युवक की गर्दन पर थे। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों एक ही गुलदार ने मारा है। बुजुर्ग के चेहरे और सिर पर पंजों के निशान भी मिले हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बुजुर्ग की मौत का कारण शॉक एंड हेमरेज पाया गया है। गुलदार ने बुजुर्ग का दिल, फेफड़े, लीवर सहित करीब साढ़े चार किलो मांस खाया है। गुलदार ने शरीर के अंग खाते समय अपने दांतों से हड्डियों को भी क्षतिग्रस्त किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बुजुर्ग की रीढ़ की हड्डी गर्दन की तरफ से तीन जगह से टूटी मिली। सर्वाइकल पर लेगामाइंट खुल गए, जो रीढ़ की हड्डी को जोड़े रखते हैं। इसके अलावा गुलदार ने बुजुर्ग का मांस खाते समय सात पसलियां भी तोड़ दी, जो अलग-अलग जगह से टूटी मिलीं। हड्डियां टूटने के बाद शरीर से अलग नहीं हुई, बल्कि मांस के साथ ही जुड़ी रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
- बुजुर्ग का दिल, फेफड़े, लीवर सहित साढ़े चार किलो मांस खाया
- बुजुर्ग की गुलदार ने तीन जगह से तोड़ी रीढ़ की हड्डी
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर में बुधवार को गुलदार ने वृद्ध को मार दिया था। उसका पोस्टमार्टम हुआ तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। वृद्ध ब्रह्मपाल को भी गुलदार ने गर्दन पकड़कर ही मारा, लेकिन खाने का तरीका पिछले शिकार से अलग रहा। उसका पेट नहीं खाया, बल्कि छाती से खाया। गुलदार उसका दिल, लिवर, गुर्दा समेत करीब साढ़े चार किलो मांस खा गया। आमतौर पर नरभक्षी गुलदार इंसानी शिकार का पेट सबसे पहले खाता है।
कोतवाली देहात के गांव सिकंदरपुर निवासी 70 वर्षीय ब्रह्मपाल मजदूरों के साथ खेत पर निराई एवं कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए गए थे। इस दौरान बुधवार को गुलदार ने बुजुर्ग को मार डाला था। गुलदार ने सबसे पहले बुजुर्ग की गर्दन पर हमला कर गर्दन तोड़ दी। गर्दन में ठीक वैसे ही निशान मिले हैं, जैसे तेलीपुरा निवासी युवक की गर्दन पर थे। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों एक ही गुलदार ने मारा है। बुजुर्ग के चेहरे और सिर पर पंजों के निशान भी मिले हैं।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बुजुर्ग की मौत का कारण शॉक एंड हेमरेज पाया गया है। गुलदार ने बुजुर्ग का दिल, फेफड़े, लीवर सहित करीब साढ़े चार किलो मांस खाया है। गुलदार ने शरीर के अंग खाते समय अपने दांतों से हड्डियों को भी क्षतिग्रस्त किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बुजुर्ग की रीढ़ की हड्डी गर्दन की तरफ से तीन जगह से टूटी मिली। सर्वाइकल पर लेगामाइंट खुल गए, जो रीढ़ की हड्डी को जोड़े रखते हैं। इसके अलावा गुलदार ने बुजुर्ग का मांस खाते समय सात पसलियां भी तोड़ दी, जो अलग-अलग जगह से टूटी मिलीं। हड्डियां टूटने के बाद शरीर से अलग नहीं हुई, बल्कि मांस के साथ ही जुड़ी रहीं।
विज्ञापन