धामपुर। मुरादाबाद के कुंदरकी निवासी बृजेश भगत हरिद्वार से गंगाजल लेने के लिए लेटकर जा रहे हैं। उनके साथ 14 सदस्यों का जत्था है, जो उनकी मदद कर रहा है। बृजेश भगत का कहना है कि उनके गांव में भगवान शंकर का मंदिर नहीं था। उन्होंने मंदिर स्थापित करने के लिए चार साल पहले मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर वह हरिद्वार से लेटकर गंगाजल लेने जा रहे हैं।
बृजेश भगत ने बुधवार को धामपुर में पहुंचने पर बताया कि कुंदरकी से हरिद्वार की दूरी करीब 185 किलोमीटर है। वह धामपुर में 65 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे हैं। रास्ते में उन्हें लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वह चार भाई हैं। वह सबसे छोटे हैं। वह मंदिर में पूजा पाठ करते हैं इसलिए लोग उन्हें बृजेश भगत के नाम से पुकारते हैं। उनके साथ 14 लोगों का जत्था चल रहा है। वह रात्रि में कुछ समय के लिए आराम करते हैं। अन्यथा सतत रूप से आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। 15 जुलाई से कुंदरकी से हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। 22 जुलाई को हरिद्वार पहुंचेंगे। गंगाजल भरकर वह ट्रैक्टर-ट्रॉली से वापस आएंगे। कुंदरकी पहुंचकर शिवरात्रि भगवान शंकर का जलाभिषेक कर अपनी यात्रा को विश्राम देंगे। उनके साथ अंशिका, विनीता, अमन, नितिन, खिलेंद्र, दिनेश कुमार, रवि चौधरी आदि शामिल रहे। उनका कहना है कि उनके गांव के रवि चौधरी का बहुत बड़ा सहयोग है। वह उनके साथ ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर चल रहे हैं, जिसमें उनके खाने-पीने का सामान रखा हुआ है।