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धारुवाला में रात के समय भरभरा कर गिरा मकान, दंपति समेत तीन दबे
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 08 Oct 2016 04:13 PM IST
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बिजनौर के गांव धारूवाला में गिरा मकान।
- फोटो : अमर उजाला
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धारूवाला में गांव मुकीमपुर धारू उर्फ धारूवाला में बृहस्पतिवार रात मकान भरभरा कर गिर गया, जिसमें दंपति और उनका बच्चा दब गया। मकान गिरने की आवास सुन कर मोहल्ले के व्यक्तियों की नींद खुली और बमुश्किल उन्हें मलबे से निकाला। तीनों को गुम चोटें आई हैं। तीनों का इलाज निजी चिकित्सक के यहां कराया गया।
गांव निवासी सुदेश कुमार के कच्चा मकान था। बृहस्पतिवार की रात वह अपनी पत्नी किरण, 12 वर्ष के पुत्र अर्चित कुमार के साथ मकान में सो रहे थे। रात में करीब 11:30 बजे अचानक मकान भरभरा कर गिर पड़ा। मकान के गिरने की आवास से पास के घरों में सो रहे व्यक्तियों की आंख खुल गई। शोर कहां से हुआ टार्च लगा कर देखने लगे। मकान के मलवे में दबे सुदेश कुमार की चीख पुकार से लोग उसके मकान की ओर दौड़ पड़े। मनीराम, संजीव कुमार, संदीप सिंह, सुक्कखे सिंह सहित मोहल्ले के कई लोगों ने आनन-फानन में किसी तरह मलबे में दबे पति-पत्नी को निकाला। उनके निलने पर कुछ देर बाद सुदेश ने बताया कि उसका पुत्र अर्चित भी इसी मकान में सो रहा था, जिस पर ग्रामीणों ने दोबारा से मलबे का हटाना शुरू किया। अर्चित को बेहोशी की हालत में मलबे से निकाला गया।
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गांव निवासी सुदेश कुमार के कच्चा मकान था। बृहस्पतिवार की रात वह अपनी पत्नी किरण, 12 वर्ष के पुत्र अर्चित कुमार के साथ मकान में सो रहे थे। रात में करीब 11:30 बजे अचानक मकान भरभरा कर गिर पड़ा। मकान के गिरने की आवास से पास के घरों में सो रहे व्यक्तियों की आंख खुल गई। शोर कहां से हुआ टार्च लगा कर देखने लगे। मकान के मलवे में दबे सुदेश कुमार की चीख पुकार से लोग उसके मकान की ओर दौड़ पड़े। मनीराम, संजीव कुमार, संदीप सिंह, सुक्कखे सिंह सहित मोहल्ले के कई लोगों ने आनन-फानन में किसी तरह मलबे में दबे पति-पत्नी को निकाला। उनके निलने पर कुछ देर बाद सुदेश ने बताया कि उसका पुत्र अर्चित भी इसी मकान में सो रहा था, जिस पर ग्रामीणों ने दोबारा से मलबे का हटाना शुरू किया। अर्चित को बेहोशी की हालत में मलबे से निकाला गया।
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