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Bijnor News: 12 सहकारी समितियों के विभाजन का खाका तैयार
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (पैक्स) की संख्या बढ़ाने की कवायद तेज हो चुकी है। फिलहाल 12 समितियों के विभाजन का खाका तैयार कर दिया गया है। दरअसल दस करोड़ से अधिक का कारोबार करने वाली समिति का विभाजन करते हुए एक और नई समिति का गठन किया जाना है। 12 नई समितियों को बनाने के लिए प्रधानों से प्रस्ताव भी ले लिए गए हैं।
जिले में फिलहाल 96 किसान सहकारी समितियां (बहुउद्देशीय पैक्स) काम कर रही हैं, जबकि जिले में न्याय पंचायत की संख्या 130 है। ऐसे में जिले में सभी न्याय पंचायत तो नहीं, लेकिन 20 नई समितियों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।
इसके बाद किसान सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 116 हो जाएगी। पहले चरण में 12 समितियों का चयन किया गया है। ये दस करोड़ से अधिक का कारोबार करती हैं।
जिला स्तर पर गठित कमेटी इस विचार कर चुकी हैं। पुरानी समिति का विभाजन करने के बाद गठित होने वाली नई समिति में कौन कौन से गांव शामिल किए जाएंगे, यह खाका भी तैयार हो चुका है। बता दें कि शासन स्तर से मिलने वाले निर्देशों के क्रम में जिला स्तर पर बनी कमेटी पिछले महीने पहली बैठक कर चुकी थी।
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बता दें कि केंद्र सरकार की मंशा है कि प्रत्येक गांव में कोई एक सहकारी समिति होनी चाहिए। ऐसे में खाद और बीज का व्यापार करने वाली किसान सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाने की कवायद आगे बढ़ी है।
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बिजनौर। जिले में बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (पैक्स) की संख्या बढ़ाने की कवायद तेज हो चुकी है। फिलहाल 12 समितियों के विभाजन का खाका तैयार कर दिया गया है। दरअसल दस करोड़ से अधिक का कारोबार करने वाली समिति का विभाजन करते हुए एक और नई समिति का गठन किया जाना है। 12 नई समितियों को बनाने के लिए प्रधानों से प्रस्ताव भी ले लिए गए हैं।
जिले में फिलहाल 96 किसान सहकारी समितियां (बहुउद्देशीय पैक्स) काम कर रही हैं, जबकि जिले में न्याय पंचायत की संख्या 130 है। ऐसे में जिले में सभी न्याय पंचायत तो नहीं, लेकिन 20 नई समितियों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।
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इसके बाद किसान सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 116 हो जाएगी। पहले चरण में 12 समितियों का चयन किया गया है। ये दस करोड़ से अधिक का कारोबार करती हैं।
जिला स्तर पर गठित कमेटी इस विचार कर चुकी हैं। पुरानी समिति का विभाजन करने के बाद गठित होने वाली नई समिति में कौन कौन से गांव शामिल किए जाएंगे, यह खाका भी तैयार हो चुका है। बता दें कि शासन स्तर से मिलने वाले निर्देशों के क्रम में जिला स्तर पर बनी कमेटी पिछले महीने पहली बैठक कर चुकी थी।
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बता दें कि केंद्र सरकार की मंशा है कि प्रत्येक गांव में कोई एक सहकारी समिति होनी चाहिए। ऐसे में खाद और बीज का व्यापार करने वाली किसान सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाने की कवायद आगे बढ़ी है।