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भाकियू का कलक्ट्रेट पर धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:56 PM IST
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बिजनौर में डीसीओ कार्यालय पर तालाबंदी करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में भाकियू ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर किसानों का विरोध जताने के लिए सहकारी बैंक के सचिव और जिला गन्नाधिकारी के कार्यालय पर ताला जड़ा। किसानों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया तथा योजना को स्वैच्छिक करने की मांग की। डीएम बी चंद्रकला ने यूनियन का प्रस्ताव शासन को भेजने का भरोसा दिया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक किसान सोमवार को गन्ना समिति परिसर में इकट्ठा हुए। जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह की अध्यक्षता तथा लाल सिंह के संचालन में हुई पंचायत में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के मामले छाए रहे। किसानों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। संगठन के जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह के अनुसार इसके बाद किसान प्रदर्शन करते हुए जिला सहकारी बैंक पहुंचे। बैंक सचिव मनोज कुमार अग्रवाल कार्यालय में बैठे थे। किसानों ने उन्हें बाहर निकालकर दफ्तर पर जबरन ताला जड़ दिया। किसानों का जुलूस शुगर मिल मालिकों के खिलाफ नारे लगाते हुए डीसीओ कार्यालय पहुंचा तथा मेन गेट पर ताला लगा दिया।
यहां से किसान -विकास भवन सहायक रजिस्ट्रार अर्थात एआर सहकारिता के कार्यालय पहुंचे। वहां किसानों ने जमकर हंगामा किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वापस लो के नारे लगाए। यहां से किसान कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए आए तथा धरना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे बाद डीएम ने किसान नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया। पौन घंटे हुई वार्ता में डीएम बी चंद्रकला ने भरोसा दिया कि किसानों का एतराज शासन तक भेज दिया जाएगा।
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किसान नेताओं ने मांग की कि शासन से जवाब आने तक प्रीमियम नही काटा जाए। किसान नेताओं का तर्क था कि योजना को जबरन नहीं थोंपे। जिले में गन्ने को कोई नुकसान नहीं होता है। योजना को स्वैच्छिक किया जाए। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पर डीएम ने किसान नेताओं से कहा कि यदि मिल मालिक दस अगस्त तक पेमेंट नहीं करते हैं तो उसके बाद किसानोक़ो ब्याज सहित भुगतान कराया जाएगा।
इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। यूनियन की ओर से जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह, वरिष्ठ किसान नेता ओमपाल सिंह, विजयपाल सिंह, महासचिव दिगंबर सिंह, लाल सिंह, हुकुम सिंह नंगली, राजेंद्र सिंह, सुरपाल सिंह तथा प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा, एडीएम वित्त विशाल ,डीसीओ ओपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही, एआर सहकारिता एके सिंह, सहकारी बैंक सचिव मनोज अग्रवाल मौजूद रहे।
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पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक किसान सोमवार को गन्ना समिति परिसर में इकट्ठा हुए। जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह की अध्यक्षता तथा लाल सिंह के संचालन में हुई पंचायत में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के मामले छाए रहे। किसानों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। संगठन के जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह के अनुसार इसके बाद किसान प्रदर्शन करते हुए जिला सहकारी बैंक पहुंचे। बैंक सचिव मनोज कुमार अग्रवाल कार्यालय में बैठे थे। किसानों ने उन्हें बाहर निकालकर दफ्तर पर जबरन ताला जड़ दिया। किसानों का जुलूस शुगर मिल मालिकों के खिलाफ नारे लगाते हुए डीसीओ कार्यालय पहुंचा तथा मेन गेट पर ताला लगा दिया।
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यहां से किसान -विकास भवन सहायक रजिस्ट्रार अर्थात एआर सहकारिता के कार्यालय पहुंचे। वहां किसानों ने जमकर हंगामा किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वापस लो के नारे लगाए। यहां से किसान कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए आए तथा धरना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे बाद डीएम ने किसान नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया। पौन घंटे हुई वार्ता में डीएम बी चंद्रकला ने भरोसा दिया कि किसानों का एतराज शासन तक भेज दिया जाएगा।
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किसान नेताओं ने मांग की कि शासन से जवाब आने तक प्रीमियम नही काटा जाए। किसान नेताओं का तर्क था कि योजना को जबरन नहीं थोंपे। जिले में गन्ने को कोई नुकसान नहीं होता है। योजना को स्वैच्छिक किया जाए। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पर डीएम ने किसान नेताओं से कहा कि यदि मिल मालिक दस अगस्त तक पेमेंट नहीं करते हैं तो उसके बाद किसानोक़ो ब्याज सहित भुगतान कराया जाएगा।
इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। यूनियन की ओर से जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह, वरिष्ठ किसान नेता ओमपाल सिंह, विजयपाल सिंह, महासचिव दिगंबर सिंह, लाल सिंह, हुकुम सिंह नंगली, राजेंद्र सिंह, सुरपाल सिंह तथा प्रशासन की ओर से एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा, एडीएम वित्त विशाल ,डीसीओ ओपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही, एआर सहकारिता एके सिंह, सहकारी बैंक सचिव मनोज अग्रवाल मौजूद रहे।