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बिजनौर: गन्ना देने वाले बिजनौर के किसानों को नहीं मिला भुगतान में कोई लाभ

Thu, 04 Feb 2021 08:41 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 04 Feb 2021 08:41 PM IST
सार

डीएम ने टैगिंग के आदेशों का उल्लंघन बताया, सब्सिडी के 74 करोड़ रुपये जिले की मिलों को देने को कहा

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Bijnor: Farmers of Bijnor who gave sugarcane did not get any benefit in payment
गन्ना लदा ट्रैक्टर

विस्तार

केंद्र सरकार ने किसानों के बढ़ते बकाया गन्ना मूल्य, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के कम दाम को देखते हुए निर्यात सब्सिडी दी थी, जिससे मिलों की चीनी भी बिक जाए और उस रकम से किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान भी हो जाए, लेकिन चीनी मिलों के प्रबंधन ने कच्ची चीनी (रॉ शुगर) के कोटे में ही खेल कर दिया।
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चीनी मिल ग्रुप को तो इसका लाभ मिला, लेकिन जिले के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। जिलाधिकारी रमाकांड पांडेय ने इसे टैगिंग आदेश का उल्लंघन मानते हुए चीनी मिलों को नोटिस जारी किया है। साथ ही दूसरी चीनी मिलों से रिकवरी करके सब्सिडी की रकम जिले की मिलों को देने को कहा है।
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 नोटिस में जिलाधिकारी ने उत्तर ग्रुप की बरकातपुर चीनी मिल के अध्यासी से ग्रुप की अन्य मिलों लिब्बरहेडी हरिद्वार (उत्तराखंड) से 17.93 करोड़, मुजफ्फरनगर जिले की खाईखेड़ी से 14.62 करोड़, सहारनपुर जिले की शेरमऊ चीनी मिल से 11.07 करोड़ रुपये की सब्सिडी वापस मंगाने को कहा है।
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इसी तरह धामपुर चीनी मिल के अध्यासी से ग्रुप की अन्य चीनी मिलों मंसूरपुर मुजफ्फरनगर चीनी मिल से 40.51 करोड़ रुपये, असमौली से 3.53 करोड़ रुपये वापस मंगाने को कहा है। यह सब्सिडी की कुल रकम करीब 74 करोड़ रुपये वापस मंगाने को कहा है। साथ ही इसका भुगतान गन्ना मूल्य भुगतान करने को कहा गया है। टैगिंग आदेश के अनुसार चीनी बिक्री की प्राप्त रकम से प्राथमिकता के साथ किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाना चाहिए।  

किसान आंदोलन का दिया हवाला
जिलाधिकारी ने दोनों मिलों को भुगतान के लिए किसानों के आंदोलन का हवाला दिया है और कहा है कि किसान आए दिन गन्ना भुगतान के लिए आंदोलन करते रहते हैं। इससे जिले की कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। मिल अफसरों को तुरंत भुगतान के लिए कहा गया है।

जिसने बनाई रॉ शुगर, उसे ही मिले सब्सिडी
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार दोनों ग्रुप के अफसरों को डीएम कार्यालय से नोटिस जारी किए गए हैं। जिस मिल ने रॉ शुगर बनाई है उसे ही सब्सिडी दिलानी चाहिए थी। इस संबंध में डीएम कार्यालय से नोटिस जारी किया गया है।

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