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बिजनौर जनपद पर्यटन हब के रूप में होगा विकसित
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बिजनौर जनपद पर्यटन हब के रूप में होगा विकसित
बिजनौर। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से डिप्टी सचिव धीरज जोशी बृहस्पतिवार को टीम के साथ बिजनौर पहुंचे। उन्होंने जिले को पर्यटन हब बनाने के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर जनपद को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके तहत कण्व आश्रम, विदुर कुटी, बैराज, पीली डेम, मालन नदी को विकसित का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि जनपद पौराणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, एतिहासिक एवं प्राकृतिक सुंदरीकरण से परिपूर्ण है, जिसमें पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं। विदुरकुटी में जिला प्रशासन ने जन सहयोग से इन्फ्रास्ट्रचर तैयार कराया है। उसका केवल रिनोवेट करने की जरूरत है। डीएम ने बताया कि विदुरकुटी में बिजनौर के प्राचीन इतिहास, महात्मा विदुर, कण्व ऋषि आदि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आदि विषयों पर भरपूर जानकारी पर आधारित पुस्तकों से सुसज्जित पुस्तकालय भी मौजूद है और पाठकों के लिए अध्ययन की उचित व्यवस्था भी है। गंगा बैराज और पीली बांध को जल क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। अमानगढ़ वन क्षेत्र को पर्यटकों के विचरण के लिए शीघ्र खोला जाना प्रस्तावित है, जहां प्राकृतिक, वन सुंदरीकरण के साथ वन्य जीव-जंतु देखने के लिए मिलते हैं।
डिप्टी सचिव धीरज जोशी जानकारी से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही सदस्यों को कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। डिप्टी सचिव ने डीएम को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा जल शक्ति मंत्रालय से जिले को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रभावी प्रयास किया जाएगा।
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बिजनौर। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से डिप्टी सचिव धीरज जोशी बृहस्पतिवार को टीम के साथ बिजनौर पहुंचे। उन्होंने जिले को पर्यटन हब बनाने के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर जनपद को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके तहत कण्व आश्रम, विदुर कुटी, बैराज, पीली डेम, मालन नदी को विकसित का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि जनपद पौराणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, एतिहासिक एवं प्राकृतिक सुंदरीकरण से परिपूर्ण है, जिसमें पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं। विदुरकुटी में जिला प्रशासन ने जन सहयोग से इन्फ्रास्ट्रचर तैयार कराया है। उसका केवल रिनोवेट करने की जरूरत है। डीएम ने बताया कि विदुरकुटी में बिजनौर के प्राचीन इतिहास, महात्मा विदुर, कण्व ऋषि आदि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आदि विषयों पर भरपूर जानकारी पर आधारित पुस्तकों से सुसज्जित पुस्तकालय भी मौजूद है और पाठकों के लिए अध्ययन की उचित व्यवस्था भी है। गंगा बैराज और पीली बांध को जल क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। अमानगढ़ वन क्षेत्र को पर्यटकों के विचरण के लिए शीघ्र खोला जाना प्रस्तावित है, जहां प्राकृतिक, वन सुंदरीकरण के साथ वन्य जीव-जंतु देखने के लिए मिलते हैं।
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डिप्टी सचिव धीरज जोशी जानकारी से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही सदस्यों को कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। डिप्टी सचिव ने डीएम को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा जल शक्ति मंत्रालय से जिले को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रभावी प्रयास किया जाएगा।
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