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Bijnor News: सरकारी केंद्र में शिफ्ट होगा बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र का रक्त
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बिजनौर। शहर में संचालित बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र की मंगलवार देर रात तक केंद्र और राज्य की दो सदस्य टीम ने जांच की। जांच के बाद रक्त केंद्र के कार्यों पर रोक लगा दी गई है। अब यहां रखा हुआ रक्त एलाइजा टेस्ट के बाद मेडिकल कॉलेज के रक्त केंद्र में शिफ्ट किया जाएगा।
बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र के संचालक दुष्यंत कुमार का नाम लक्सर में खून बेचने वाले गिरोह में सामने आने के बाद जिले में हलचल तेज है। मंगलवार को औषधि निरीक्षक पीयूष शर्मा और दिनेश सिंह ने बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र की जांच की। जांच में यहां 58 यूनिट रक्त मिला। अब इस रक्त को जांच के बाद मेडिकल कॉलेज के रक्त केंद्र भेजा जाएगा। औषधि निरीक्षक पीयूष का दावा है कि लक्सर से इस केंद्र पर रक्त नहीं आया है। फिलहाल कार्यों पर रोक लगाते हुए रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। हालांकि, बुधवार को भी रक्त केंद्र खुला हुआ था, वहां कर्मचारी बैठे हुए मिले।
जांच में मौके पर नहीं मिले पैथोलॉजिस्ट
नियम है कि बिना पैथोलॉजिस्ट रक्त केंद्र का संचालन नहीं किया जा सकता है लेकिन बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र की जांच के दौरान पैथोलॉजिस्ट मौके पर नहीं मिले। रक्त केंद्र में पैथोलॉजिस्ट डॉ. रोशन चौधरी पंजीकृत हैं। बाद में टीम ने उन्हें रक्त केंद्र पर बुलवाया। इससे साफ जाहिर है कि नियमों को ताक पर रखकर रक्त केंद्र का संचालन किया जा रहा है।
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औषधि निरीक्षक का दावा, पैथोलॉजिस्ट ने 10 को दिया इस्तीफा
औषधि निरीक्षक पीयूष शर्मा का दावा है कि बिजनौर चैरिटेबल में पंजीकृत पैथोलॉजिस्ट डॉ. रोशन ने 10 अगस्त को इस्तीफा दे दिया है। डॉक्टर नोटिस पीरियड में काम कर रहे हैं। जांच के दौरान उन्हें मौके पर बुलाया गया था।
एक साल में ही निरीक्षण, फिर चाहे कितनी हो गड़बड़ी
जिले में 18 निजी रक्त केंद्र संचालित हो रहे हैं लेकिन जिम्मेदार निरीक्षण से भी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। उनका कहना है कि साल में एक बार ही रक्त केंद्रों का निरीक्षण कर सकते हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि रक्त केंद्रों में चाहे कितनी भी गड़बड़ी हो जाए, एक साल से पहले निरीक्षण नहीं कर सकते हैं। अब हरिद्वार के लक्सर में रक्त बेचने का मामला पकड़ में आने के बाद बिजनौर के जिम्मेदार अधिकारी जांच कर रहे हैं।
बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र के कार्यों पर रोक लगाते हुए रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। वहां रखा 59 यूनिट रक्त जांच के बाद सरकारी केंद्र में रखा जाएगा। लक्सर से बिजनौर रक्त आने का कोई सबूत नहीं मिला है। ....पीयूष शर्मा, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
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बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र के संचालक दुष्यंत कुमार का नाम लक्सर में खून बेचने वाले गिरोह में सामने आने के बाद जिले में हलचल तेज है। मंगलवार को औषधि निरीक्षक पीयूष शर्मा और दिनेश सिंह ने बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र की जांच की। जांच में यहां 58 यूनिट रक्त मिला। अब इस रक्त को जांच के बाद मेडिकल कॉलेज के रक्त केंद्र भेजा जाएगा। औषधि निरीक्षक पीयूष का दावा है कि लक्सर से इस केंद्र पर रक्त नहीं आया है। फिलहाल कार्यों पर रोक लगाते हुए रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। हालांकि, बुधवार को भी रक्त केंद्र खुला हुआ था, वहां कर्मचारी बैठे हुए मिले।
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जांच में मौके पर नहीं मिले पैथोलॉजिस्ट
नियम है कि बिना पैथोलॉजिस्ट रक्त केंद्र का संचालन नहीं किया जा सकता है लेकिन बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र की जांच के दौरान पैथोलॉजिस्ट मौके पर नहीं मिले। रक्त केंद्र में पैथोलॉजिस्ट डॉ. रोशन चौधरी पंजीकृत हैं। बाद में टीम ने उन्हें रक्त केंद्र पर बुलवाया। इससे साफ जाहिर है कि नियमों को ताक पर रखकर रक्त केंद्र का संचालन किया जा रहा है।
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औषधि निरीक्षक का दावा, पैथोलॉजिस्ट ने 10 को दिया इस्तीफा
औषधि निरीक्षक पीयूष शर्मा का दावा है कि बिजनौर चैरिटेबल में पंजीकृत पैथोलॉजिस्ट डॉ. रोशन ने 10 अगस्त को इस्तीफा दे दिया है। डॉक्टर नोटिस पीरियड में काम कर रहे हैं। जांच के दौरान उन्हें मौके पर बुलाया गया था।
एक साल में ही निरीक्षण, फिर चाहे कितनी हो गड़बड़ी
जिले में 18 निजी रक्त केंद्र संचालित हो रहे हैं लेकिन जिम्मेदार निरीक्षण से भी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। उनका कहना है कि साल में एक बार ही रक्त केंद्रों का निरीक्षण कर सकते हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि रक्त केंद्रों में चाहे कितनी भी गड़बड़ी हो जाए, एक साल से पहले निरीक्षण नहीं कर सकते हैं। अब हरिद्वार के लक्सर में रक्त बेचने का मामला पकड़ में आने के बाद बिजनौर के जिम्मेदार अधिकारी जांच कर रहे हैं।
बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र के कार्यों पर रोक लगाते हुए रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। वहां रखा 59 यूनिट रक्त जांच के बाद सरकारी केंद्र में रखा जाएगा। लक्सर से बिजनौर रक्त आने का कोई सबूत नहीं मिला है। ....पीयूष शर्मा, औषधि निरीक्षक, बिजनौर