{"_id":"57e577094f1c1b3176a824a4","slug":"baby-elephant-killed-by-tiger","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ ने हाथी के बच्चे को मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ ने हाथी के बच्चे को मार डाला
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कालागढ़ में सैडिल बांध के इलाके में बाघ ने हाथी के बच्चे को निवाला बना लिया। उसके बाद से ही हाथियों ने बांध क्षेत्र में उत्पात मचा रखा है। कालागढ़ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि यह घटना वन्य क्षेत्र में घटी है। यह वन्य जीवन की प्राकृतिक घटना है।
रामगंगा बांध क्षेत्र के सहायक सैडिल बांध के इलाके में बाघ और हाथियों की बहुलता है। अक्सर यह जीव कभी वर्चस्व के कारण तो कभी अपने स्वभाव के कारण एक दूसरे पर हमला कर बैठते हैं। ऐसे हमलों का अंत एक की जान जाने के साथ ही खत्म होता है। बृहस्पतिवार रात बांध के पास हाथियों का एक झुंड अपने बच्चों के साथ मौजूद था। अचानक हाथियों का एक बच्चा बाघ के सामने आ गया। बाघ ने उस पर हमला कर उसको निवाला बना लिया। बच्चे के मारे जाने के बाद हाथी बिगड़ गए। गजराज की चिंघाड़ से सारा जंगल गूंजने लगा। हाथियों ने जंगल और बांध क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया।
रेंज अधिकारी आरके भटट का कहना है कि वन कर्मी जंगल में गश्त कर रहे हैं। जंगल में ऐसा होता रहता है। उधर, बाघ और हाथियों के बीच घटी घटना से बांध की ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन
फायर स्टेशन के पास दिखे बाघ
सुरक्षा बैरियर 2/6 के आगे कार्यशाला मार्ग पर पुराने फायर स्टेशन के पास एक साथ तीन बाघ दिखाई दिए। इससे मार्ग पर आने जाने वालों में दहशत का माहौल है। राहगीरों मनोज, जगत सिंह, रामपाल सिंह आदि का कहना है कि दोपहर को जब वह वर्कचार्ज की ओर आ रहे थे तो सड़क में जमा पानी को पीने के लिए वनों से निकलकर तीन बाघ वहां पहले से ही मौजूद थे। उन्हें देखकर वे डर गए और काफी देर के बाद जब बाघ जंगल में चले गए तो किसी तरह वह आगे गए। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। यहां बाघ पहले भी लोगों पर हमला कर चुका है।
विज्ञापन
रामगंगा बांध क्षेत्र के सहायक सैडिल बांध के इलाके में बाघ और हाथियों की बहुलता है। अक्सर यह जीव कभी वर्चस्व के कारण तो कभी अपने स्वभाव के कारण एक दूसरे पर हमला कर बैठते हैं। ऐसे हमलों का अंत एक की जान जाने के साथ ही खत्म होता है। बृहस्पतिवार रात बांध के पास हाथियों का एक झुंड अपने बच्चों के साथ मौजूद था। अचानक हाथियों का एक बच्चा बाघ के सामने आ गया। बाघ ने उस पर हमला कर उसको निवाला बना लिया। बच्चे के मारे जाने के बाद हाथी बिगड़ गए। गजराज की चिंघाड़ से सारा जंगल गूंजने लगा। हाथियों ने जंगल और बांध क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया।
विज्ञापन
रेंज अधिकारी आरके भटट का कहना है कि वन कर्मी जंगल में गश्त कर रहे हैं। जंगल में ऐसा होता रहता है। उधर, बाघ और हाथियों के बीच घटी घटना से बांध की ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन
फायर स्टेशन के पास दिखे बाघ
सुरक्षा बैरियर 2/6 के आगे कार्यशाला मार्ग पर पुराने फायर स्टेशन के पास एक साथ तीन बाघ दिखाई दिए। इससे मार्ग पर आने जाने वालों में दहशत का माहौल है। राहगीरों मनोज, जगत सिंह, रामपाल सिंह आदि का कहना है कि दोपहर को जब वह वर्कचार्ज की ओर आ रहे थे तो सड़क में जमा पानी को पीने के लिए वनों से निकलकर तीन बाघ वहां पहले से ही मौजूद थे। उन्हें देखकर वे डर गए और काफी देर के बाद जब बाघ जंगल में चले गए तो किसी तरह वह आगे गए। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। यहां बाघ पहले भी लोगों पर हमला कर चुका है।