{"_id":"6307b8b72c070d09780fe456","slug":"asha-will-do-door-to-door-screening-of-tb-patients-bijnor-news-mrt602467111","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशा घर-घर करेंगी टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशा घर-घर करेंगी टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आशा घर-घर करेंगी टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत आशाएं गांव में घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगी। सरकारी की ओर से जिले में इस अभियान तहत 5532 लोगों की टीबी की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में एक अगस्त से 30 सितंबर तक विशेष अभियान चलाकर टीबी के मरीज खोजे जा रहे हैं। आशा घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को चिन्हित करेंगी। इसके बाद उनकी जानकारी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ को दी जाएगी। जो चिन्हित मरीजों की जांच करेंगे। टीबी के मरीजों की जांच के लिए सीएचओ को भी ट्रेनिंग दी गई है। जिले में इस समय टीबी के सक्रिय मरीजों की संख्या 6646 है। इनमें से 4097 मरीज सरकारी अस्पतालों ने और 1929 मरीज प्राइवेट अस्पतालों में खोजें गए हैं। वहीं 620 मरीज बाहर के जिलों में खोजें गए हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ टीबी खोजने में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही गांवों में भी टीबी खोजने के लिए शिविर लगाया जाएगा।
इन लक्षणों के आधार पर होगी मरीजों की स्क्रीनिंग
अगर किसी व्यक्ति को खांसी, बुखार, पसीना आना, सांस लेने में दिक्कत, वजन घटना, थकावट होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। तो आशा उसे लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ले जाकर टीबी की जांच कराएंगी।
विज्ञापन
टीबी को साल 2025 तक खत्म करने के लक्ष्य की ओर कदम उठाए जा रहे हैं। जिसके चलते अब विशेष अभियान के तहत आशाएं गांव में टीबी के मरीज खोजेंगी। इसके बाद हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ उन मरीजों की जांच करेंगे।
- डॉ. बीएस रावत, जिला क्षय रोग अधिकारी
विज्ञापन
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत आशाएं गांव में घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगी। सरकारी की ओर से जिले में इस अभियान तहत 5532 लोगों की टीबी की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में एक अगस्त से 30 सितंबर तक विशेष अभियान चलाकर टीबी के मरीज खोजे जा रहे हैं। आशा घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को चिन्हित करेंगी। इसके बाद उनकी जानकारी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ को दी जाएगी। जो चिन्हित मरीजों की जांच करेंगे। टीबी के मरीजों की जांच के लिए सीएचओ को भी ट्रेनिंग दी गई है। जिले में इस समय टीबी के सक्रिय मरीजों की संख्या 6646 है। इनमें से 4097 मरीज सरकारी अस्पतालों ने और 1929 मरीज प्राइवेट अस्पतालों में खोजें गए हैं। वहीं 620 मरीज बाहर के जिलों में खोजें गए हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ टीबी खोजने में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही गांवों में भी टीबी खोजने के लिए शिविर लगाया जाएगा।
विज्ञापन
इन लक्षणों के आधार पर होगी मरीजों की स्क्रीनिंग
अगर किसी व्यक्ति को खांसी, बुखार, पसीना आना, सांस लेने में दिक्कत, वजन घटना, थकावट होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। तो आशा उसे लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ले जाकर टीबी की जांच कराएंगी।
विज्ञापन
टीबी को साल 2025 तक खत्म करने के लक्ष्य की ओर कदम उठाए जा रहे हैं। जिसके चलते अब विशेष अभियान के तहत आशाएं गांव में टीबी के मरीज खोजेंगी। इसके बाद हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ उन मरीजों की जांच करेंगे।
- डॉ. बीएस रावत, जिला क्षय रोग अधिकारी