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अनिल शर्मा साहित्य सृजन से जन-जन तक पहुंचा रहे हिंदी

Mon, 30 Aug 2021 11:17 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 11:17 PM IST
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Anil Sharma is bringing Hindi to the masses through literary creation
अनिल शर्मा। - फोटो : BIJNOR
अनिल शर्मा साहित्य सृजन से जन-जन तक पहुंचा रहे हिंदी
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बिजनौर। धामपुर निवासी अनिल शर्मा निरंतर साहित्य सृजन कर हिंदी भाषा का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी रचनाओं को खूब तारीफ मिल रही है। वह 50 से अधिक पुरस्कार और सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। उनकी रचनाएं देश के करीब सभी राज्यों से प्रकाशित होने वाली पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रही हैं।

हिंदी साहित्य के अतिरिक्त उन्होंने आयुर्वेद तथा इलेक्ट्रोहोम्योपैथी से संबंधित पुस्तकें भी लिखी हैं। 19 जून 1969 को धामपुर में जन्मे अनिल शर्मा बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। वह गत 35 वर्षों से हिंदी की कई विधाओं में लेखन कर रहे हैं। वह कविता, गीत, गजल, लेख, व्यंग, कहानी, लघुकथा, परिचर्चा तथा समीक्षाएं भी लिख रहे हैं। अनिल शर्मा की काफी रचनाएं पंजाबी, गुजराती तथा कन्नड़ भाषा में अनुवादित की जा चुकी है। अनिल शर्मा की रचनाएं, लेख, कहानियां राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्रों तथा पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित हो रही हैं। वह जनपद के अग्रणी रचनाकार है। डॉ. अनिल शर्मा ने धामदेव की नगरी धामपुर, जिंदगी गीत हो जाएगी, शिक्षा जगत की लघु कथाएं, मुझको जग में आने दो, प्रकृति का ऐसे न करें शोषण जैसी दर्जनभर पुस्तकें लिख चुके हैं। उन्होंने अनुभूतियां, अभिव्यक्ति, अंतर्मन, अविरल प्रवाह सहित दर्जन भर से अधिक पुस्तकों का संपादन किया है। उन्हें विद्यावाचस्पति तथा विद्यासागर की मानद उपाधियां भी प्राप्त हो चुकी है। डॉ. अनिल शर्मा का मानना है कि हिंदी वर्तमान में लगातार बढ़ रही है। हिंदी की आवश्यकता आज पूरी दुनिया महसूस कर रही है। केवल हिंदी बोलना या समझना ही नहीं अब हिंदी पढ़ने और लिखने पर भी लोग ध्यान दे रहे हैं । अनिल शर्मा को समाज ज्योति सम्मान, साहित्य सृजन श्री सम्मान, हिंदी विद्या रत्न भारतीय सम्मान, काव्य वैभव श्री सम्मान, पृथ्वी पुत्र सम्मान सहित 250 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं । उन्हें सोशल मीडिया पर साहित्य लेखन में ऑनलाइन 100 से अधिक सम्मान मिल चुके हैं। कन्या भ्रूण हत्या पर लिखी उनकी कविता ‘मुझको जग में आने दो’ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा मिली है।
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