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मेला आयोजन की सभी तैयारियां हुई पूरी, आज होगा उद्घाटन
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बिजनौर में विदुर कुटी के सामने गंगा स्नान मेले में लगे तंबु और झूले।
- फोटो : BIJNOR
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मेला आयोजन की सभी तैयारियां हुई पूरी, आज होगा उद्घाटन
बिजनौर। विदुरकुटी के पास गंगा तट पर तंबुओं का शहर बस चुका है। सड़कें तैयार हैं, पेयजल से लेकर प्रकाश तक की तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। तंबुओं के इस शहर में पांच दिनों तक आस्था और उल्लास का संगम होगा। मेला आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को अफसरों ने मुआयना कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। आज मेले का उद्घाटन होगा।
सोमवार को डीएम उमेश मिश्रा और एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने गंगा स्नान कार्तिक पूर्णिमा मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने मेले में की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जरूरी दिशा निर्देश दिए। बता दें कि आज मंगलवार की शाम तीन बजे पंचायत राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह कार्तिक पूर्णिमा मेले का उद्घाटन करेंगे। करीब तीन किलोमीटर क्षेत्रफल में मेला लग रहा है। मेले में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए 400 नलकूप लगाए गए हैं। नलकूप की व्यवस्था पहली बार ही हुई है, जबकि बीते सालों में हैंडपंप लगा दिए जाते थे। वहीं, 700 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा 10 महिला घाट बनाए गए हैं। इस बार मेले में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भव्य आरती का भी आयोजन होगा।
आठ टॉवरों से होगी मेले की निगरानी
मेले की निगरानी के लिए आठ वॉच टावर बनाए गए हैं। जिससे हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा सके। वहीं, अलग-अलग जगहों पर 80 सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिनका कंट्रोल कोतवाली मेला में रहेगा। इसके अलावा ड्रोन से गंगा के उस पार भी नजर रखी जाएगी।
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गंगाघाट पर बनाया गया मजनूं पिंजरा
मेले में आवारागर्दी करने वाले युवकों की पुलिस जमकर खबर लेगी। इन पर काबू करने के लिए मजनू पिंजरा बनाया गया है। मीना बाजार में भी युवा घूमते हुए दिखाई दिए तो मजनूं पिंजरा में बंद कर दिए जाएंगी। इसके अलावा भारी पुलिस फोर्स की व्यवस्था रहेगी। ट्रैफिक पुलिस, एंटी रोमियों का दस्ता भी लगातार मेले में गश्त करेगा।
इन्होंने लिया जायजा
मेला उद्घाटन से एक दिन पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने में अफसर डेरा डाले रहे। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, सीडीओ केपी सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रीति जायसवाल, एडीएम प्रशासन विनय कुमार सिंह, एएसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, एएमए श्याम बहादुर शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
इन्होंने सबसे पहले जमा लिया डेरा
अभी उद्घाटन हुआ भी नहीं कि खजूरी गांव के समर पाल सिंह अपने परिवार के साथ सोमवार को ही मेले में पहुंच गए। वहीं, गंगावाला गांव के अंकुश, गौरव और चीनू भी सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल रहे। इन्होंने मेले में सबसे पहले अपना डेरा लगाया। बता दें कि अच्छी जगह पर डेरा लगाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रहती है। बाद में आने वालों को बाहरी क्षेत्र में जगह मिल पाती है।
नहीं है रेेती, पत्ती या पराली भी लाएं साथ
इस बार गंगा किनारे रेती बहुत कम है। जिस जगह पर गंगा का भरपूर रेत है, वहां वीआईपी तंबू लग चुके हैं। मेले में सबसे पहले पहुंचे वाले दो परिवारों को भी रेती नहीं मिली। जिन्होंने बिना रेती वाली जमीन पर पराली और गन्ने की पत्ती डालकर डेरा लगाना शुरू किया।
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बिजनौर। विदुरकुटी के पास गंगा तट पर तंबुओं का शहर बस चुका है। सड़कें तैयार हैं, पेयजल से लेकर प्रकाश तक की तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। तंबुओं के इस शहर में पांच दिनों तक आस्था और उल्लास का संगम होगा। मेला आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार को अफसरों ने मुआयना कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। आज मेले का उद्घाटन होगा।
सोमवार को डीएम उमेश मिश्रा और एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने गंगा स्नान कार्तिक पूर्णिमा मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने मेले में की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जरूरी दिशा निर्देश दिए। बता दें कि आज मंगलवार की शाम तीन बजे पंचायत राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह कार्तिक पूर्णिमा मेले का उद्घाटन करेंगे। करीब तीन किलोमीटर क्षेत्रफल में मेला लग रहा है। मेले में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए 400 नलकूप लगाए गए हैं। नलकूप की व्यवस्था पहली बार ही हुई है, जबकि बीते सालों में हैंडपंप लगा दिए जाते थे। वहीं, 700 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा 10 महिला घाट बनाए गए हैं। इस बार मेले में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भव्य आरती का भी आयोजन होगा।
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आठ टॉवरों से होगी मेले की निगरानी
मेले की निगरानी के लिए आठ वॉच टावर बनाए गए हैं। जिससे हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा सके। वहीं, अलग-अलग जगहों पर 80 सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिनका कंट्रोल कोतवाली मेला में रहेगा। इसके अलावा ड्रोन से गंगा के उस पार भी नजर रखी जाएगी।
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गंगाघाट पर बनाया गया मजनूं पिंजरा
मेले में आवारागर्दी करने वाले युवकों की पुलिस जमकर खबर लेगी। इन पर काबू करने के लिए मजनू पिंजरा बनाया गया है। मीना बाजार में भी युवा घूमते हुए दिखाई दिए तो मजनूं पिंजरा में बंद कर दिए जाएंगी। इसके अलावा भारी पुलिस फोर्स की व्यवस्था रहेगी। ट्रैफिक पुलिस, एंटी रोमियों का दस्ता भी लगातार मेले में गश्त करेगा।
इन्होंने लिया जायजा
मेला उद्घाटन से एक दिन पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने में अफसर डेरा डाले रहे। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, सीडीओ केपी सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रीति जायसवाल, एडीएम प्रशासन विनय कुमार सिंह, एएसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार, एएमए श्याम बहादुर शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
इन्होंने सबसे पहले जमा लिया डेरा
अभी उद्घाटन हुआ भी नहीं कि खजूरी गांव के समर पाल सिंह अपने परिवार के साथ सोमवार को ही मेले में पहुंच गए। वहीं, गंगावाला गांव के अंकुश, गौरव और चीनू भी सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल रहे। इन्होंने मेले में सबसे पहले अपना डेरा लगाया। बता दें कि अच्छी जगह पर डेरा लगाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रहती है। बाद में आने वालों को बाहरी क्षेत्र में जगह मिल पाती है।
नहीं है रेेती, पत्ती या पराली भी लाएं साथ
इस बार गंगा किनारे रेती बहुत कम है। जिस जगह पर गंगा का भरपूर रेत है, वहां वीआईपी तंबू लग चुके हैं। मेले में सबसे पहले पहुंचे वाले दो परिवारों को भी रेती नहीं मिली। जिन्होंने बिना रेती वाली जमीन पर पराली और गन्ने की पत्ती डालकर डेरा लगाना शुरू किया।