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एमएलसी चुनाव के बाद होगा पालिका का परिसीमन
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एमएलसी चुनाव के बाद होगा पालिका का परिसीमन
बिजनौर। फिलहाल विधान परिषद के चुनाव का बिगुल बजा हुआ है, चुनाव बीत जाते ही पालिका बिजनौर के परिसीमन का काम चालू हो जाएगा। नए परिसीमन में करीब दस वार्ड बढ़ने की संभावना है। वहीं पुराने वार्डों में भी उलटफेर हो जाएगा। सभासद का चुनाव लड़ने की ख्वाब देख रहे संभावित उम्मीदवारों में इसे लेकर बेचैनी बनी हुई है।
नगर पालिका बिजनौर में 75 हजार मतदाता हैं। 25 वार्ड में ये मतदाता निवास करते हैं। एक वार्ड में करीब तीन हजार वोट हैं। अब पालिका का सीमा विस्तार होने पर करीब 45 हजार वोट ग्राम पंचायतों से शहर में शामिल हो गए। पंचायत विभाग ने उन क्षेत्रों को ग्राम पंचायतों से हटाकर पालिका में ट्रांसफर कर दिया।
पालिका विस्तार के बाद शहर में शामिल हुई नई आबादी इस बार ग्राम प्रधान के चुनाव में भी मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाई। इस 45 हजार आबादी को अब पालिका के चुनाव का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि अभी पालिका के चुनाव होने में वक्त है, फिर भी तैयारियां पहले ही की जाने लगेंगी। नए इलाकों के आने से पालिका का परिसीमन भी होना है। नए वार्ड बनेंगे और पुराने वार्डों की सीमाएं भी बढ़ जाएंगी। एक अनुमान के तौर पर नए परिसीमन में एक वार्ड में तीन हजार से चार हजार मतदाता शामिल किए जाएंगे। वहीं करीब दस नए वार्ड अस्तित्व में आने हैं। ऐसे में पालिका की राजनीति में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। (संवाद)
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बिछने लगीं राजनीति गोटियां
नगर पालिका के परिसीमन से पहले ही राजनीतिक लोगों ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। सभासद से लेकर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कई नए चेहरे चुनाव में उतरने को बेकरार हैं। सत्ताधारी पार्टी सहित अन्य पार्टियां भी चुनाव में जोर आजमाइश करेंगी। हालांकि इस बार नई आबादी के चलते राजनीति के सूरमाओं को पालिका बोर्ड में शामिल होने को जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
सीमा विस्तार को लगा लंबा समय
पालिका से जुड़े राजनीतिक लोगों की मानें तो साल 1984 से पालिका के विस्तार की मांग उठती चली आ रही है। जिसे भाजपा सरकार में अमलीजामा पहनाया जा सका। पालिका सीमा विस्तार के बाद चक्कर मार्ग के दायरे के अंदर आने वाली ग्राम पंचायतें और क्षेत्र शहर में शामिल हुआ।
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बिजनौर। फिलहाल विधान परिषद के चुनाव का बिगुल बजा हुआ है, चुनाव बीत जाते ही पालिका बिजनौर के परिसीमन का काम चालू हो जाएगा। नए परिसीमन में करीब दस वार्ड बढ़ने की संभावना है। वहीं पुराने वार्डों में भी उलटफेर हो जाएगा। सभासद का चुनाव लड़ने की ख्वाब देख रहे संभावित उम्मीदवारों में इसे लेकर बेचैनी बनी हुई है।
नगर पालिका बिजनौर में 75 हजार मतदाता हैं। 25 वार्ड में ये मतदाता निवास करते हैं। एक वार्ड में करीब तीन हजार वोट हैं। अब पालिका का सीमा विस्तार होने पर करीब 45 हजार वोट ग्राम पंचायतों से शहर में शामिल हो गए। पंचायत विभाग ने उन क्षेत्रों को ग्राम पंचायतों से हटाकर पालिका में ट्रांसफर कर दिया।
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पालिका विस्तार के बाद शहर में शामिल हुई नई आबादी इस बार ग्राम प्रधान के चुनाव में भी मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाई। इस 45 हजार आबादी को अब पालिका के चुनाव का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि अभी पालिका के चुनाव होने में वक्त है, फिर भी तैयारियां पहले ही की जाने लगेंगी। नए इलाकों के आने से पालिका का परिसीमन भी होना है। नए वार्ड बनेंगे और पुराने वार्डों की सीमाएं भी बढ़ जाएंगी। एक अनुमान के तौर पर नए परिसीमन में एक वार्ड में तीन हजार से चार हजार मतदाता शामिल किए जाएंगे। वहीं करीब दस नए वार्ड अस्तित्व में आने हैं। ऐसे में पालिका की राजनीति में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। (संवाद)
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बिछने लगीं राजनीति गोटियां
नगर पालिका के परिसीमन से पहले ही राजनीतिक लोगों ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। सभासद से लेकर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कई नए चेहरे चुनाव में उतरने को बेकरार हैं। सत्ताधारी पार्टी सहित अन्य पार्टियां भी चुनाव में जोर आजमाइश करेंगी। हालांकि इस बार नई आबादी के चलते राजनीति के सूरमाओं को पालिका बोर्ड में शामिल होने को जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
सीमा विस्तार को लगा लंबा समय
पालिका से जुड़े राजनीतिक लोगों की मानें तो साल 1984 से पालिका के विस्तार की मांग उठती चली आ रही है। जिसे भाजपा सरकार में अमलीजामा पहनाया जा सका। पालिका सीमा विस्तार के बाद चक्कर मार्ग के दायरे के अंदर आने वाली ग्राम पंचायतें और क्षेत्र शहर में शामिल हुआ।