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प्रशासन ने परीक्षकों के लिए वाहन चलाने से किया इंकार
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प्रशासन ने परीक्षकों के लिए वाहन चलाने से किया इंकार
बिजनौर। प्रशासन ने यूपी बोर्ड के परीक्षकों को मूल्यांकन केंद्रों तक लाने के लिए वाहन चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। परीक्षकों ने कार्रवाई के डर से दुपहिया वाहनों द्वारा कापी जांचने के लिए आना शुरू कर दिया है। महिलाओं को आने में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डीआईओएस का कहना है कि मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की संख्या बढ़ी है। जिले के रेडजोन में होने से वाहनों का संचालन बंद है। शिक्षक दो दिन से कापी जांचने नहीं आ रहे हैं। वाहनों की दो दिन तक कोई व्यवस्था नहीं होने पर शिक्षकों को कार्रवाई का डर सताने लगा। इसके बाद परीक्षक बृहस्पतिवार से दुपहिया वाहनों से कापी जांचने आना शुरू हो गए हैं। महिलाएं स्कूटी चलाकर आ रही हैं। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि प्रशासन के सामने कोरोना संकट से निपटना प्राथमिकता है। उनकी मामले में प्रशासनिक व परिवहन अधिकारियों से बात हुई है। जिले की राज्य परिवहन निगम की बस प्रवासी मजदूरों को छोड़ने में लगी है। इन परिस्थितियों में परीक्षकों के लिए वाहन उपलब्ध कराना संभव नहीं हैं।
बृहस्पतिवार को इंटरमीडिएट के 45 तथा हाईस्कूल के 26 परीक्षक चारों मूल्यांकन केंद्र पर बढ़े हैं। जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 230, बीआईसी पर 201, जीआईसी पर 199 तथा आरजेपी केंद्र पर 194 परीक्षक कापी जांच रहे हैं। तीन दिन में हाईस्कूल की 60868 तथा इंटरमीडिएट की 66915 कापी जंच गई हैं। हाईस्कूल की दो लाख 44785 तथा इंटरमीडिएट की दो लाख 22461 कापी जंचनी है। जो परीक्षक गैरजिलों में हैं वे प्रशासन से पास बनवाकर तुरंत डयूटी पर आएं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष गयूर आसिफ ने बताया शिक्षक कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 25 मई तक आंदोलन जारी रहेगा।
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बिजनौर। प्रशासन ने यूपी बोर्ड के परीक्षकों को मूल्यांकन केंद्रों तक लाने के लिए वाहन चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। परीक्षकों ने कार्रवाई के डर से दुपहिया वाहनों द्वारा कापी जांचने के लिए आना शुरू कर दिया है। महिलाओं को आने में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डीआईओएस का कहना है कि मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की संख्या बढ़ी है। जिले के रेडजोन में होने से वाहनों का संचालन बंद है। शिक्षक दो दिन से कापी जांचने नहीं आ रहे हैं। वाहनों की दो दिन तक कोई व्यवस्था नहीं होने पर शिक्षकों को कार्रवाई का डर सताने लगा। इसके बाद परीक्षक बृहस्पतिवार से दुपहिया वाहनों से कापी जांचने आना शुरू हो गए हैं। महिलाएं स्कूटी चलाकर आ रही हैं। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि प्रशासन के सामने कोरोना संकट से निपटना प्राथमिकता है। उनकी मामले में प्रशासनिक व परिवहन अधिकारियों से बात हुई है। जिले की राज्य परिवहन निगम की बस प्रवासी मजदूरों को छोड़ने में लगी है। इन परिस्थितियों में परीक्षकों के लिए वाहन उपलब्ध कराना संभव नहीं हैं।
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बृहस्पतिवार को इंटरमीडिएट के 45 तथा हाईस्कूल के 26 परीक्षक चारों मूल्यांकन केंद्र पर बढ़े हैं। जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 230, बीआईसी पर 201, जीआईसी पर 199 तथा आरजेपी केंद्र पर 194 परीक्षक कापी जांच रहे हैं। तीन दिन में हाईस्कूल की 60868 तथा इंटरमीडिएट की 66915 कापी जंच गई हैं। हाईस्कूल की दो लाख 44785 तथा इंटरमीडिएट की दो लाख 22461 कापी जंचनी है। जो परीक्षक गैरजिलों में हैं वे प्रशासन से पास बनवाकर तुरंत डयूटी पर आएं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष गयूर आसिफ ने बताया शिक्षक कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 25 मई तक आंदोलन जारी रहेगा।
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