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रिश्वत के फेर में पदोन्नति आदेश लटकाने का आरोप
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रिश्वत के फेर में पदोन्नति आदेश लटकाने का आरोप
बिजनौर। सिंचाई विभाग के नलकूप खंड में कार्यरत वरिष्ठ सहायक की पत्नी ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कर्मचारी की पत्नी ने विभागीय अधिकारियों पर रिश्वत के लिए उसके पति की पदोन्नति आदेश को लटकाने का आरोप लगाया गया है। महिला ने विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
नलकूप खंड में वरिष्ठ सहायक आलोक कुमार की पत्नी सुनीता ने शिकायती पत्र प्रेषित किए हैं। आरोप लगाया कि उसके पति की पदोन्नति वरिष्ठ सहायक के पद पर दो साल पहले हो चुकी है, लेकिन अभी तक आदेश नहीं हुए है। वार्षिक वेतन वृद्धि, चिकित्सा अवकाश एवं उपार्जित अवकाश की स्वीकृति नहीं हुई। आरोप लगाया कि इसके लिए एक लाख की डिमांड की जा रही है। रिश्वत नहीं देने पर कई सालों से अधिकारियों ने मामला लटका रखा है। अल्प वेतन में उसके पति अपना और बेटी का इलाज भी नहीं करा पा रहे है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भी भुगतान जानबूझ कर नहीं किया जा रहा है। वहीं, महिला ने अधिशासी अभियंता पर भी उसके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि काफी पुराना मामला है। जिसकी रिपोर्ट तैैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित की गई है। रिश्वत मांगने के आरोप निराधार है।
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बिजनौर। सिंचाई विभाग के नलकूप खंड में कार्यरत वरिष्ठ सहायक की पत्नी ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कर्मचारी की पत्नी ने विभागीय अधिकारियों पर रिश्वत के लिए उसके पति की पदोन्नति आदेश को लटकाने का आरोप लगाया गया है। महिला ने विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
नलकूप खंड में वरिष्ठ सहायक आलोक कुमार की पत्नी सुनीता ने शिकायती पत्र प्रेषित किए हैं। आरोप लगाया कि उसके पति की पदोन्नति वरिष्ठ सहायक के पद पर दो साल पहले हो चुकी है, लेकिन अभी तक आदेश नहीं हुए है। वार्षिक वेतन वृद्धि, चिकित्सा अवकाश एवं उपार्जित अवकाश की स्वीकृति नहीं हुई। आरोप लगाया कि इसके लिए एक लाख की डिमांड की जा रही है। रिश्वत नहीं देने पर कई सालों से अधिकारियों ने मामला लटका रखा है। अल्प वेतन में उसके पति अपना और बेटी का इलाज भी नहीं करा पा रहे है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भी भुगतान जानबूझ कर नहीं किया जा रहा है। वहीं, महिला ने अधिशासी अभियंता पर भी उसके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि काफी पुराना मामला है। जिसकी रिपोर्ट तैैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित की गई है। रिश्वत मांगने के आरोप निराधार है।
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