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लोक अदालत में सुलभ न्याय संभव
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:23 AM IST
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लोक अदालत पर सेमिनार का दीप जलाकर शुभारंभ करते अतिथिगण।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में विवेक कॉलेज ऑफ लॉ में लोक अदालत एक नई अवधारणा विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य पीके श्रीवास्तव ने कहा कि न्याय से वंचित लोगों के लिए लोक अदालत सुलभ न्याय प्रणाली है।
सेमिनार का शुभारंभ पीके श्रीवास्तव, डॉ. शशि श्रीवास्तव, एडीजे नसीम अहमद, अशोक निर्दोष, चेयरमैन अमित गोयल, दीपक मित्तल, धर्मेंद्र अग्रवाल, डॉ. ओपी गुप्ता, डा. राजीव चौधरी ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य पीके श्रीवास्तव ने कहा कि बीसवीं शताब्दी के अंत तक भी जो लोग न्याय से वंचित रह गए है, उनके लिए लोक अदालत सरल, निष्पक्ष एवं निशुल्क न्याय प्रणाली है। लोक अदालत से न्यायपालिका पर अतिरिक्त बोझ कम होगा। समाज के लोगों को सुलभता से न्याय मिलेगा। एडीजे नसीम अहमद ने कहा कि संविधान में ऐसी व्यवस्था की गई है कि जरूरतमंद लोग न्याय से वंचित न रह जाएं। लोक अदालत के सदस्य अशोक निर्दोष ने भी विचार रखे।
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सेमिनार का शुभारंभ पीके श्रीवास्तव, डॉ. शशि श्रीवास्तव, एडीजे नसीम अहमद, अशोक निर्दोष, चेयरमैन अमित गोयल, दीपक मित्तल, धर्मेंद्र अग्रवाल, डॉ. ओपी गुप्ता, डा. राजीव चौधरी ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य पीके श्रीवास्तव ने कहा कि बीसवीं शताब्दी के अंत तक भी जो लोग न्याय से वंचित रह गए है, उनके लिए लोक अदालत सरल, निष्पक्ष एवं निशुल्क न्याय प्रणाली है। लोक अदालत से न्यायपालिका पर अतिरिक्त बोझ कम होगा। समाज के लोगों को सुलभता से न्याय मिलेगा। एडीजे नसीम अहमद ने कहा कि संविधान में ऐसी व्यवस्था की गई है कि जरूरतमंद लोग न्याय से वंचित न रह जाएं। लोक अदालत के सदस्य अशोक निर्दोष ने भी विचार रखे।
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