{"_id":"6384f1eeecaa17533a58c4d7","slug":"absence-is-becoming-an-obstacle-in-becoming-proficient-in-studies-bijnor-news-mrt6155982141","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: पढ़ाई में निपूर्ण बनने में बाधा बन रही अनुपस्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: पढ़ाई में निपूर्ण बनने में बाधा बन रही अनुपस्थिति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पढ़ाई में निपुण बनने में बाधा बन रही अनुपस्थिति
बिजनौर। निपुण योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में निपुण बनाने का अभियान चल रहा है। छात्र-छात्राओं की अनुपस्थिति इस अभियान में बाधा बन रही है। विद्यालयों में 70 से 80 प्रतिशत ही छात्रों की उपस्थिति चल रही है। योजना के तहत शिक्षक छात्रों को पढ़ाते है, तो अगले दिन छात्र नहीं आने से चेन टूट जाती है।
निपुण योजना के प्रत्येक कक्षा के छात्रों की पढ़ाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत रीडिंग अभियान चल रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं के अंदर पढ़ना, याद करने की क्षमता उत्पन्न हो सके। रोजाना क्लास में शिक्षक प्रारंभिक कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को खेल खेल में जोड़, घटाव के सवाल, गिनती व पहाड़े आदि सीखा रहे हैं। रोचक तरीके से पाठ पढ़ने, कविताएं याद करना भी सीखा रहे हैं। शिक्षक अरविंद कुमार, गिरीराज सिंह का कहना है कि वह क्लास में जो छात्रों को पढ़ाते है और घर से अभ्यास कराने को देते हैं। जब अगला दिन आता है, तो कई छात्र अनुपस्थित रहते हैं। कुछ बुलावे पर आ जाते हैं कुछ नहीं आते। अनुपस्थित छात्रों को फिर से अगले दिन वहीं पढ़ाना पड़ता है।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर जोर दिया जा रहा है। जो छात्र स्कूल नहीं आते हैं। शिक्षक उनके घर जाकर या फोन पर उनके अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। शिक्षक अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने को प्रेरित भी कर रहे हैं - जयकरन यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। निपुण योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में निपुण बनाने का अभियान चल रहा है। छात्र-छात्राओं की अनुपस्थिति इस अभियान में बाधा बन रही है। विद्यालयों में 70 से 80 प्रतिशत ही छात्रों की उपस्थिति चल रही है। योजना के तहत शिक्षक छात्रों को पढ़ाते है, तो अगले दिन छात्र नहीं आने से चेन टूट जाती है।
निपुण योजना के प्रत्येक कक्षा के छात्रों की पढ़ाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत रीडिंग अभियान चल रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं के अंदर पढ़ना, याद करने की क्षमता उत्पन्न हो सके। रोजाना क्लास में शिक्षक प्रारंभिक कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को खेल खेल में जोड़, घटाव के सवाल, गिनती व पहाड़े आदि सीखा रहे हैं। रोचक तरीके से पाठ पढ़ने, कविताएं याद करना भी सीखा रहे हैं। शिक्षक अरविंद कुमार, गिरीराज सिंह का कहना है कि वह क्लास में जो छात्रों को पढ़ाते है और घर से अभ्यास कराने को देते हैं। जब अगला दिन आता है, तो कई छात्र अनुपस्थित रहते हैं। कुछ बुलावे पर आ जाते हैं कुछ नहीं आते। अनुपस्थित छात्रों को फिर से अगले दिन वहीं पढ़ाना पड़ता है।
विज्ञापन
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर जोर दिया जा रहा है। जो छात्र स्कूल नहीं आते हैं। शिक्षक उनके घर जाकर या फोन पर उनके अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। शिक्षक अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने को प्रेरित भी कर रहे हैं - जयकरन यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन