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पीस पार्टी का प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
Bijnor
Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
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बिजनौर। पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर सांप्रदायिक दंगे रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगा प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश अंजौर को सौंपकर मुस्लिमों को आरक्षण समेत कई मांगें उठाईं।
बुधवार को पीस पार्टी के कार्यकर्ता टाउन हॉल में एकत्र हुए। वहां सुरेंद्र सिंह गुर्जर की अध्यक्षता और सरफराज सलमानी के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर दंगों को न रोक पाने और घोषणा पत्र में किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश अंजौर को सौंपा। इसमें मथुरा, गाजियाबाद, प्रतापगढ़, बरेली में हुए दंगों की जांच कराने, दंगों में मरे लोगों के परिजनों को 15-15 लाख का मुआवजा देने, मुस्लिमों को आरक्षण देने, रंगनाथन मिश्रा कमीशन की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान जिलाध्यक्ष मिसाल मेंहदी, इमामुद्दीन, मतलूब अहमद, शमशाद अहमद, अब्दुल सत्तार, डॉ. जावेद नहटौरी, नसीम, जहीर अहमद, जाहिद अंसारी, मुहम्मद यामीन, आदिल खां, मुम्मद शराफत, रईस अहमद, जलालुद्दीन आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को पीस पार्टी के कार्यकर्ता टाउन हॉल में एकत्र हुए। वहां सुरेंद्र सिंह गुर्जर की अध्यक्षता और सरफराज सलमानी के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर दंगों को न रोक पाने और घोषणा पत्र में किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
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उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश अंजौर को सौंपा। इसमें मथुरा, गाजियाबाद, प्रतापगढ़, बरेली में हुए दंगों की जांच कराने, दंगों में मरे लोगों के परिजनों को 15-15 लाख का मुआवजा देने, मुस्लिमों को आरक्षण देने, रंगनाथन मिश्रा कमीशन की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान जिलाध्यक्ष मिसाल मेंहदी, इमामुद्दीन, मतलूब अहमद, शमशाद अहमद, अब्दुल सत्तार, डॉ. जावेद नहटौरी, नसीम, जहीर अहमद, जाहिद अंसारी, मुहम्मद यामीन, आदिल खां, मुम्मद शराफत, रईस अहमद, जलालुद्दीन आदि मौजूद रहे।
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