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पांच दिवसीय प्रांतीय नाट्य समारोह शुरू
Bijnor
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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धामपुर। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ के सौजन्य से जिला प्रशासन एवं नाट्य दीप के सहयोग से कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित पांच दिवसीय राज्य नाट्य समारोह शुभारंभ हो गया। इसमें छह टीमाें ने भाग लिया ।
बुधवार की रात में कॉलेज के सभागार में आयोजित प्रांतीय नाट्य समारोह का शुभारंभ एसडीएम श्रीप्रकाश गुप्त और पालिका की पूर्व चेयरमैन लीना सिंघल ने नटराज के चित्र के सामने दीप जलाकर किया। इसमेंपहले दिन सोपान नाट्य संस्थान लखनऊ की टीम ने रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखित कहानी पर आधरित नाटक रविंद्र सरोवर का मंचन किया। इसमें मातृत्व बोध, कृतित्व बोध और सतीत्व बोध चरित्रांकन मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। इसमें प्रस्तुत किया कि एक महिला पुरुष के अत्याचार के कारण जब मर जाती है तो भी महिला पति के प्रति आस्था वान रखता है। महिला पति को हत्या के दोष से मुक्त करने को अदालत में आत्महत्या सिद्ध करा देती है। मंचन में राहुल मिश्रा ने दुखी राम, केसी दूबे ने छिदाम, तारा भट्ट ने चंद्रा, श्वेता पांडेय ने राधा, राम लोचन चक्रवर्ती ने सावंत, शत्रुधन शर्मा ने दारोगा, दीपक मिश्रा ने जज, अनुपम मिश्रा ने मोहन की भूमिका प्रस्तुत की।
इससे पहले एसडीएम श्रीप्रकाश गुप्त ने कहा कि नाट़्य विधा अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम होते हुए व्यक्ति की व्यवहार शीलता को विकसित करता है। देश के स्वतंत्रता आंदोलन में नाट्यकर्मियाें ने विशेष भूमिका का निर्वहन किया। इसे आज भी भुलाया नहीं जा सकता। पूर्व चेयरमैन लीना सिंघल ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन की सफलता की कामना की। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी ने नाट्यदीप के इस प्रयास की सराहना की। डॉ. सूर्यमणि ने डीएम डॉ. सारिका मोहन, एडीएम बीएस चौधरी और एसपी नितिन तिवारी के प्रयास की प्रशंसा की। इसमें कुमार अवनीश, राजेेंद्र चौधरी, सरदार सतवंत सिंह सलूजा, डॉ. एनपी सिंह, डीएस चौहान, जयवीर सिंह सिसौदिया, यशपाल तुली, उदय राज सिंह, सत्य राज, सतपाल चावला का सहयोग रहा। लखनऊ अकादमी से आए नाट्य अधिकारी चंद्रमोहन, अजय सक्सेना आदि टीम के साथ मौजूद रहे। संचालन राकेश चौधरी ने किया।
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बुधवार की रात में कॉलेज के सभागार में आयोजित प्रांतीय नाट्य समारोह का शुभारंभ एसडीएम श्रीप्रकाश गुप्त और पालिका की पूर्व चेयरमैन लीना सिंघल ने नटराज के चित्र के सामने दीप जलाकर किया। इसमेंपहले दिन सोपान नाट्य संस्थान लखनऊ की टीम ने रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा लिखित कहानी पर आधरित नाटक रविंद्र सरोवर का मंचन किया। इसमें मातृत्व बोध, कृतित्व बोध और सतीत्व बोध चरित्रांकन मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। इसमें प्रस्तुत किया कि एक महिला पुरुष के अत्याचार के कारण जब मर जाती है तो भी महिला पति के प्रति आस्था वान रखता है। महिला पति को हत्या के दोष से मुक्त करने को अदालत में आत्महत्या सिद्ध करा देती है। मंचन में राहुल मिश्रा ने दुखी राम, केसी दूबे ने छिदाम, तारा भट्ट ने चंद्रा, श्वेता पांडेय ने राधा, राम लोचन चक्रवर्ती ने सावंत, शत्रुधन शर्मा ने दारोगा, दीपक मिश्रा ने जज, अनुपम मिश्रा ने मोहन की भूमिका प्रस्तुत की।
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इससे पहले एसडीएम श्रीप्रकाश गुप्त ने कहा कि नाट़्य विधा अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम होते हुए व्यक्ति की व्यवहार शीलता को विकसित करता है। देश के स्वतंत्रता आंदोलन में नाट्यकर्मियाें ने विशेष भूमिका का निर्वहन किया। इसे आज भी भुलाया नहीं जा सकता। पूर्व चेयरमैन लीना सिंघल ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन की सफलता की कामना की। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी ने नाट्यदीप के इस प्रयास की सराहना की। डॉ. सूर्यमणि ने डीएम डॉ. सारिका मोहन, एडीएम बीएस चौधरी और एसपी नितिन तिवारी के प्रयास की प्रशंसा की। इसमें कुमार अवनीश, राजेेंद्र चौधरी, सरदार सतवंत सिंह सलूजा, डॉ. एनपी सिंह, डीएस चौहान, जयवीर सिंह सिसौदिया, यशपाल तुली, उदय राज सिंह, सत्य राज, सतपाल चावला का सहयोग रहा। लखनऊ अकादमी से आए नाट्य अधिकारी चंद्रमोहन, अजय सक्सेना आदि टीम के साथ मौजूद रहे। संचालन राकेश चौधरी ने किया।
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