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एफडीआई के विरोध में उतरे बीमाकर्मी

Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
Bijnor
Bijnor Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
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बिजनौर। मेरठ डिवीजन इंश्योरेंस एंपलाइज यूनियन के तत्वावधान में भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई लागू किए जाने का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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भारतीय जीवन बीमा निगम के परिसर में आयोजित बैठक में शाखा अध्यक्ष राजकुमार टांक व सचिव केएस डसीला ने कहा कि केंद्र सरकार बीमा क्षेत्र में एफडीआई लागू कर देशवासियों का पैसा विदेशियों के हवाले करना चाहती है। केंद्र के इस फैसले से देश गुमनामी के अंधकार में डूब जाएगा। सभी कर्मचारियों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ संघर्ष करते हुए इसे पास न होने देने की घोषणा की। इस दौरान राजपाल सिंह, प्रदीप कुमार, ममता रानी, अंजूलता, शुभांशु, मुकेश, गजे सिंह, संजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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नजीबाबाद। शुक्रवार को कोतवाली मार्ग स्थित एलआईसी कार्यालय के समक्ष यूनियन के सदस्यों ने एफडीआई का विरोध जताते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि देश का पैसा विदेशों में जाने पर एलआईसी पर किया जाने वाला निवेश भी कम होगा। एफडीआई की शुरुआत प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी से करने और रेशो 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने पर भी तृतीय श्रेणी के एलआईसी कर्मियों ने रोष प्रकट किया। सामूहिक विरोध प्रदर्शन करते हुए एलआईसी कर्मियों ने केंद्र सरकार के एफडीआई लागू किए जाने की योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की। विरोध प्रदर्शन में यूनियन के अध्यक्ष अतुल कुमार, मंत्री राजकुमार, प्रवीण सिंह, ज्ञानदेव वर्मा, हरिराज सिंह, एनजी रस्तौगी, रोहिताश सिंह, कृष्णपाल, मोहित त्यागी, राजीव कुमार व श्रीकांत झा आदि तृतीय श्रेणी के कर्मचारी उपस्थित थे।
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धामपुर। मेरठ डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले एलआईसी कर्मियों ने एआईआईईए के आह्वान पर रिटेल, पेंशन और बीमा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

शुक्रवार को सभी एलआईसी कर्मियों ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई के विरोध में कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि रिटेल सेक्टर में एफडीआई पांच प्रतिशत करने, डीजल मूल्यवृद्धि व घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी खत्म करने के बाद कैबिनेट ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत तथा पेंशन क्षेत्र में विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी है। जो कि देश के करोड़ों लोगाें व श्रमिकों के साथ कुठारघात है। स्टेडिंग कमेटी की सिफारिश को दरकिनार करते हुए आर्थिक सुधारों के नाम पर पूंजीपतियों व विदेशी निवेशकों के हित में इंश्योरेंस बिल पारित किया जा रहा है। चेताया सरकार ने अपने निर्णय को वापस नहीं लिया आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में विपक्षी सांसदों और पार्टी अध्यक्षों को ज्ञापन देकर एफडीआई का विरोध कराया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार, नरेश वत्स, यशपाल सिंह, हरिओम सैनी, राजवीर, योगेश, रोहित, कर्मवीर, परवेंद्र, हर्षित मित्तल, सुरेंद्र, अनीता भटनागर आदि रहे।
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