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स्वच्छ पानी में ही पनपता है मलेरिया का मच्छर

Thu, 26 Apr 2018 12:16 AM IST
Updated Thu, 26 Apr 2018 12:16 AM IST
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स्वच्छ पानी में ही पनपता है मलेरिया का मच्छर
स्वच्छ पानी में पनपता है मलेरिया का मच्छर
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बिजनौर। मलेरिया का मच्छर स्वच्छ पानी में ही पनपता है। इसलिए अपने घरों और आसपास में पानी को एकत्रित न होने दें। सभी मच्छर मलेरिया फैलाने में सक्षम नहीं होते हैं। ये बात जिला जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजमोहन ने कही। वे विश्व मलेरिया दिवस पर अपने कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
बुधवार को डीएमओ कार्यालय में जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा कि मलेरिया को जड़ से समाप्त करने के लिए शासन-प्रशासन गंभीर है। यह इसी का नतीजा है कि जिला बिजनौर में एक भी मलेरिया का केस नहीं है, जबकि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 29 केस हैं। पूरे प्रदेश की अगर बात करें तो 102 मामले सामने आए हैं।
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मलेरिया का संक्रमण संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। सभी मच्छरों के काटने से मलेरिया नहीं होता। उन्होंने कहा कि मनुष्य के शरीर में मलेरिया परजीवी के प्रवेश के 14 से 21 दिन के भीतर उसे बुखार आता है। यदि ऐसा लगे तो तुरंत ही चिकित्सक को दिखाएं और जांच कराकर उपचार शुरू करा दें। अपने घरों के साथ-साथ आसपास में भी पानी इकट्ठा न होने दें। ताकि उसमें मच्छर न पनपने पाएं। उन्होंने कहा कि कूलर, एसी और इस तरह की अन्य मशीनों की सफाई रखें। समय-समय पर इनका पानी बदलते रहें। क्योंकि इनमें मलेरिया के मच्छरों के उत्पन्न होने का खतरा रहता है। साथ ही पानी की टंकी, कुओं, तालाबों आदि की सफाई भी समय-समय पर करते रहें। किसी भी बीमारी का इलाज से बेहतर बचाव है।
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हर रविवार, मच्छर पर वार
मलेरियारोधी मच्छर को जड़ से खत्म करने के लिए लोगों से अपील की गई है कि रविवार के दिन कूलर, पानी की टंकियों आदि को साफ करने के बाद ही पुन: उपयोग में लाएं। इससे बीमारी को काफी हद तक काबू किया जा सकता है।

कैसे करें बचाव
1. आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
2. पानी के सभी बर्तन टंकी आदि को ढककर रखें।
3. कीटनाशक छिड़काव प्रति हजार संख्या पर करते रहें।
4. बुखार से पीड़ित व्यक्ति के खून की तुरंत जांच कराएं।
5. तालाबों, कुओं व अन्य जलाशयों में मच्छरों के लार्वा को खाने वाली गंबूजिया मछली को अवश्य डालें।
6. दरवाजों की खिड़कियों पर जाली लगवाएं।
7. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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