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बेसिक शिक्षा विभाग के आदेशों को दरकिनार कर किया अटेचमेंट
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अफजलगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग निदेशक के आदेशों को दरकिनार कर ब्लॉक में दो अध्यापकों का अटैचमेंट करने का मामला प्रकाश में आया है। मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी इससे पल्ला झाड़ने में लगे हैं। कहना है कि जांच कर विभागीय कार्रवाई होगी।
बता दें कि शासन की ओर से अटैचमेंट पर प्रतिबंध लगाया गया है। मगर, ब्लॉक के दो शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सेटिंग कर अपना अटैचमेंट करा रखा है। इनमें पहला मामला पूर्व माध्यमिक विद्यालय आसफाबाद चमन का है। यहां नौ सितंबर 2015 को सहायक अध्यापक सुरेंद्र सिंह ने ज्वाइनिंग की थी। इसके बाद से आज तक न तो सुरेंद्र सिंह स्कूल आए न ही उनकी मासिक उपस्थिति प्रपत्र को प्रधानाध्यापिका राजेश्वरी ने खंड शिक्षा कार्यालय में भेजा। विभागीय सूत्र बताते है कि सेटिंग से इनका अचैटमेंट बीएसए कार्यालय में चल रहा है। इसी तरह पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवपुरी में सहायक अध्यापक किशोरी सिंह की ज्वाइनिंग है। मगर, उनका भी आज तक कोई अता पता नहीं है। वह भी गांव सुआंवाला के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अटैच चल रही है। जबकि यह शासन के आदेशों का उल्लंघन है। उनका भी मासिक उपस्थिति प्रपत्र प्रधानाध्यापक जहीर आलम ने खंड शिक्षा कार्यालय में आज तक नहीं भेजा है। बिना मासिक उपस्थिति प्रपत्र के दोनों शिक्षक सरकार से वेतन पा रहे हैं। शासनादेश से अटैचमेंट निरस्त होने के बाद दोनों अध्यापक धड़ल्ले से विभागीय अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। उधर, प्रधानाध्यापिका राजेश्वरी देवी व जहीर आलम ने मासिक उपस्थिति प्रपत्र को जारी करने की बात से इंकार किया है। प्रधानाध्यापिका राजेश्वरी देवी का कहना है कि उन्होंने इस बारे में उच्चाधिकारियों को पहले ही अवगत करा दिया था। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महेश चंद का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मामला संज्ञान में आया है: एबीएसए
एबीएसए सुनील डबराल का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। जांच में पूर्व अधिकारियों द्वारा किए गए अटैचमेंट पाए गए हैं। बीएसए को अवगत कर दिया गया है, जल्द ही अटैचमेंट समाप्त कर दिया जाएगा।
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बता दें कि शासन की ओर से अटैचमेंट पर प्रतिबंध लगाया गया है। मगर, ब्लॉक के दो शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सेटिंग कर अपना अटैचमेंट करा रखा है। इनमें पहला मामला पूर्व माध्यमिक विद्यालय आसफाबाद चमन का है। यहां नौ सितंबर 2015 को सहायक अध्यापक सुरेंद्र सिंह ने ज्वाइनिंग की थी। इसके बाद से आज तक न तो सुरेंद्र सिंह स्कूल आए न ही उनकी मासिक उपस्थिति प्रपत्र को प्रधानाध्यापिका राजेश्वरी ने खंड शिक्षा कार्यालय में भेजा। विभागीय सूत्र बताते है कि सेटिंग से इनका अचैटमेंट बीएसए कार्यालय में चल रहा है। इसी तरह पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवपुरी में सहायक अध्यापक किशोरी सिंह की ज्वाइनिंग है। मगर, उनका भी आज तक कोई अता पता नहीं है। वह भी गांव सुआंवाला के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अटैच चल रही है। जबकि यह शासन के आदेशों का उल्लंघन है। उनका भी मासिक उपस्थिति प्रपत्र प्रधानाध्यापक जहीर आलम ने खंड शिक्षा कार्यालय में आज तक नहीं भेजा है। बिना मासिक उपस्थिति प्रपत्र के दोनों शिक्षक सरकार से वेतन पा रहे हैं। शासनादेश से अटैचमेंट निरस्त होने के बाद दोनों अध्यापक धड़ल्ले से विभागीय अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। उधर, प्रधानाध्यापिका राजेश्वरी देवी व जहीर आलम ने मासिक उपस्थिति प्रपत्र को जारी करने की बात से इंकार किया है। प्रधानाध्यापिका राजेश्वरी देवी का कहना है कि उन्होंने इस बारे में उच्चाधिकारियों को पहले ही अवगत करा दिया था। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महेश चंद का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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मामला संज्ञान में आया है: एबीएसए
एबीएसए सुनील डबराल का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। जांच में पूर्व अधिकारियों द्वारा किए गए अटैचमेंट पाए गए हैं। बीएसए को अवगत कर दिया गया है, जल्द ही अटैचमेंट समाप्त कर दिया जाएगा।
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