{"_id":"61f58be76850b104e923070a","slug":"7758-workers-got-the-benefit-of-maternity-and-child-support-bijnor-news-mrt5751085116","type":"story","status":"publish","title_hn":"7758 श्रमिकों को मिला मातृत्व एवं शिशु बालिका मदद योजना का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
7758 श्रमिकों को मिला मातृत्व एवं शिशु बालिका मदद योजना का लाभ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
7758 श्रमिकों को मिला मातृत्व एवं शिशु बालिका मदद का लाभ
बिजनौर। जिले में पंजीकृत करीब साढ़े तीन लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। मातृत्व एवं शिशु बालिका मदद योजना का लाभ लेने वाले श्रमिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। इस साल 1145 श्रमिक इस योजना से लाभ ले चुके हैं।
मातृत्व एवं शिशु बालिका मदद योजना की शुरूआत साल 2010 में हुई थी। शुरूआत में कम ही लोगों ने इस योजना का लाभ लिया था। इसके बाद हर सत्र में लाभार्थियों की संख्या बढ़ती गई। जिले में अब तक इस योजना का लाभ 7758 श्रमिकों ने लाभ लिया है। इस योजना का लाभ पहले दो बच्चों तक ही मिलता है। श्रम विभाग के मुताबिक पुत्र होने पर श्रमिकों को इस योजना के तहत 20 हजार रुपये और पुत्री होने की दशा में 25 हजार रुपये का लाभ दिया जाता है। इस सत्र में सबसे ज्यादा लाभार्थी 1145 मातृत्व एंव शिशु बालिका मदद योजना को ही मिले हैं। जबकि कन्या विवाह सहायता योजना में 308 श्रमिकों ने आवेदन किए हैं। निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना में 149 श्रमिकों के आवेदन आए हैं। वहीं मेधावी छात्र पुरस्कार योजना में कुल 11 आवेदन आए हैं।
सहायक श्रम आयुक्त उमेश कुमार ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य बच्चे और मां को कुपोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निजात दिलाना है। योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जिले में पंजीकृत करीब साढ़े तीन लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। मातृत्व एवं शिशु बालिका मदद योजना का लाभ लेने वाले श्रमिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। इस साल 1145 श्रमिक इस योजना से लाभ ले चुके हैं।
मातृत्व एवं शिशु बालिका मदद योजना की शुरूआत साल 2010 में हुई थी। शुरूआत में कम ही लोगों ने इस योजना का लाभ लिया था। इसके बाद हर सत्र में लाभार्थियों की संख्या बढ़ती गई। जिले में अब तक इस योजना का लाभ 7758 श्रमिकों ने लाभ लिया है। इस योजना का लाभ पहले दो बच्चों तक ही मिलता है। श्रम विभाग के मुताबिक पुत्र होने पर श्रमिकों को इस योजना के तहत 20 हजार रुपये और पुत्री होने की दशा में 25 हजार रुपये का लाभ दिया जाता है। इस सत्र में सबसे ज्यादा लाभार्थी 1145 मातृत्व एंव शिशु बालिका मदद योजना को ही मिले हैं। जबकि कन्या विवाह सहायता योजना में 308 श्रमिकों ने आवेदन किए हैं। निर्माण कामगार मृत्यु एवं विकलांगता सहायता योजना में 149 श्रमिकों के आवेदन आए हैं। वहीं मेधावी छात्र पुरस्कार योजना में कुल 11 आवेदन आए हैं।
विज्ञापन
सहायक श्रम आयुक्त उमेश कुमार ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य बच्चे और मां को कुपोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निजात दिलाना है। योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलता है।
विज्ञापन