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Bijnor News: बिजनौर में जीएसटी विभाग के रडार पर आई 72 फर्जी फर्म
Fri, 19 May 2023 12:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 19 May 2023 12:00 AM IST
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- जीएसटी काउंसिल ने भेजी संदिग्ध 72 फर्जी फर्मो की सूची
- अखिल भारतीय अभियान के तहत की जाएगी फर्मो के प्रपत्रों की जांच
- 26703 व्यापरी जीएसटी विभाग में पंजीकृत
फाेटो समाचार
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। जीएसटी विभाग की ओर से फर्जी फर्मों के विरुद्ध अखिल भारतीय अभियान चलाया जा रहा है। जीएसटी काउंसिल ने बिजनौर में संदिग्ध 72 फर्जी फर्मों की सूची भेजी है। जिसके बाद से जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने इन फर्मों की जांच का काम शुरू कर दिया है। विभाग अभियान में सूची के आधार पर फर्जी फर्मों के प्रपत्रों की जांच कर कार्रवाई करेगा।
नई दिल्ली में 24 अप्रैल को राज्य और केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों की राष्ट्रीय समन्वय बैठक आयोजित हुई। जिसमें फर्जी फर्म बनाकर टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों की पहचान कर कार्रवाई करने पर विचार विमर्श किया गया। जिसके बाद फर्जी फर्मों के विरुद्ध अखिल भारतीय अभियान 16 मई से शुरू किया गया। यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। जिसमें फर्जी फर्मों के प्रपत्रों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर में 26,703 व्यापारी जीएसटी विभाग में पंजीकृत हैं। सामान्य तौर पर जीएसटी विभाग सभी की जांच करता है। मगर अभियान में संदिग्ध 72 फर्जी फर्मों की जांच करेगा। ये फर्जी फर्म करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही हैं। कमजोर वर्गों के व्यक्तियों से बिना बताए उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि लेकर फर्जी फर्म बनाई गई हैं। जीएसटी विभाग के अधिकार फर्मों के द्वारा दाखिल रिटर्न की स्कूटनी कर प्रपत्रों की जांच कर रहे हैं। (संवाद)
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शातिर ऐसे बना रहे फर्जी फर्म
जीएसटी विभाग के मुताबिक व्यापारी फर्जी फर्म बनाने के लिए कमजोर वर्ग के लोगों के दस्तावेजों का उपयोग कर रहे हैं। रिक्शा चालक के नाम पर करोड़ों का कारोबार किया जा रहा है। जबकि टैक्स जाम नहीं हो रहा है। इसके अलावा फर्जी बिजली बिल, हाउस टैक्स की रसीद, किराया समझौता की रसीद, आधार कार्ड, पैन कार्ड से फर्जी फर्म बना रहे हैं। लोगों के आधार कार्ड जनसेवा केंद्रों से लिए जा रहे हैं।
सालाना करना 40 हजार कर जमा
जीएसटी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पंजीकृत व्यापारी को सालाना कम से कम 40 हजार रुपये कर जमा करना चाहिए। जबकि सालाना अधिकतम कर जमा करने की सीमा डेढ़ लाख रुपये तक हो सकती है। क्योंकि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी का सालाना टर्नओवर 40 लाख से डेढ़ करोड़ होना चाहिए। इसके बाद ही वह जीएसटी विभाग में अपना पंजीकरण करा सकता है।
-- -- वर्जन::
जीएसटी काउंसिल ने बिजनौर में 72 फर्जी फर्मो की सूची भेजी गई हैं, सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई हैं। सूची के अनुसार धरातल पर जाकर अधिकारी फर्मों के प्रपत्रों की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद दस्तावेज में कमी गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। सभी व्यापारियों से अपील है कि वह समय से अपना सही कर जमा करें - राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त, कार्यपालक जीएसटी
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- अखिल भारतीय अभियान के तहत की जाएगी फर्मो के प्रपत्रों की जांच
- 26703 व्यापरी जीएसटी विभाग में पंजीकृत
फाेटो समाचार
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। जीएसटी विभाग की ओर से फर्जी फर्मों के विरुद्ध अखिल भारतीय अभियान चलाया जा रहा है। जीएसटी काउंसिल ने बिजनौर में संदिग्ध 72 फर्जी फर्मों की सूची भेजी है। जिसके बाद से जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने इन फर्मों की जांच का काम शुरू कर दिया है। विभाग अभियान में सूची के आधार पर फर्जी फर्मों के प्रपत्रों की जांच कर कार्रवाई करेगा।
नई दिल्ली में 24 अप्रैल को राज्य और केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों की राष्ट्रीय समन्वय बैठक आयोजित हुई। जिसमें फर्जी फर्म बनाकर टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों की पहचान कर कार्रवाई करने पर विचार विमर्श किया गया। जिसके बाद फर्जी फर्मों के विरुद्ध अखिल भारतीय अभियान 16 मई से शुरू किया गया। यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। जिसमें फर्जी फर्मों के प्रपत्रों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बिजनौर में 26,703 व्यापारी जीएसटी विभाग में पंजीकृत हैं। सामान्य तौर पर जीएसटी विभाग सभी की जांच करता है। मगर अभियान में संदिग्ध 72 फर्जी फर्मों की जांच करेगा। ये फर्जी फर्म करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही हैं। कमजोर वर्गों के व्यक्तियों से बिना बताए उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि लेकर फर्जी फर्म बनाई गई हैं। जीएसटी विभाग के अधिकार फर्मों के द्वारा दाखिल रिटर्न की स्कूटनी कर प्रपत्रों की जांच कर रहे हैं। (संवाद)
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शातिर ऐसे बना रहे फर्जी फर्म
जीएसटी विभाग के मुताबिक व्यापारी फर्जी फर्म बनाने के लिए कमजोर वर्ग के लोगों के दस्तावेजों का उपयोग कर रहे हैं। रिक्शा चालक के नाम पर करोड़ों का कारोबार किया जा रहा है। जबकि टैक्स जाम नहीं हो रहा है। इसके अलावा फर्जी बिजली बिल, हाउस टैक्स की रसीद, किराया समझौता की रसीद, आधार कार्ड, पैन कार्ड से फर्जी फर्म बना रहे हैं। लोगों के आधार कार्ड जनसेवा केंद्रों से लिए जा रहे हैं।
सालाना करना 40 हजार कर जमा
जीएसटी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पंजीकृत व्यापारी को सालाना कम से कम 40 हजार रुपये कर जमा करना चाहिए। जबकि सालाना अधिकतम कर जमा करने की सीमा डेढ़ लाख रुपये तक हो सकती है। क्योंकि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी का सालाना टर्नओवर 40 लाख से डेढ़ करोड़ होना चाहिए। इसके बाद ही वह जीएसटी विभाग में अपना पंजीकरण करा सकता है।
जीएसटी काउंसिल ने बिजनौर में 72 फर्जी फर्मो की सूची भेजी गई हैं, सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई हैं। सूची के अनुसार धरातल पर जाकर अधिकारी फर्मों के प्रपत्रों की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद दस्तावेज में कमी गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। सभी व्यापारियों से अपील है कि वह समय से अपना सही कर जमा करें - राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त, कार्यपालक जीएसटी