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960 बीघा भूमि की श्रेणी बदलकर गैर जिले के 64 लोगों को कर दिए पट्टे

Sun, 01 Jul 2018 11:44 PM IST
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:44 PM IST
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960 बीघा भूमि की श्रेणी बदलकर गैर जिले के 64 लोगों को कर दिए पट्टे
960 बीघा भूमि की श्रेणी बदलकर 64 लोगों को कर दिए पट्टे
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बिजनौर। पुरुषोत्तमपुर ग्राम पंचायत की गंगा रेती में दर्ज 960 बीघा भूमि की अफसरों की मिलीभगत से श्रेणी परिवर्तित करके गैर जिले के 64 लोगों को पट्टे कर दिए गए। एसडीएम बुढ़ाना ने डीएम मुजफ्फरनगर के माध्यम से बिजनौर डीएम को पट्टे निरस्त करने की भेजी गई आख्या को भी फाइलों में दबा दिया गया। एक व्यक्ति ने डीएम न्यायालय में इस मामले में वाद दायर किया तो इस खेल में शामिल अफसरों और भूमि पर कब्जा करने वालों के होश उड़े हुए हैं। यह सारा खेल भूमि पर कब्जा करने के लिए किया गया।
मोहम्मदपुर देवमल ब्लाक के इंच्छावाला गांव की पुरुषोत्तमपुर न्याय पंचायत की खसरा संख्या चार, पांच, छह, सात में 960 बीघा भूमि के 64 पट्टे 21 अप्रैल 1999 को एसडीएम बिजनौर ने किए थे। जिस भूमि पर पट्टे हुए वह रेत गंगा में दर्ज है। इसलिए पट्टे आवंटित नहीं किए जा सके। 13 जून 2016 को बिजनौर तहसील से मांगी गई जन सूचना में इस भूमि को रेत गंगा में दर्ज करना बताया गया। ग्रामीणों के मुताबिक 1999 में इंच्छावाला की वोटर लिस्ट के अनुसार 64 पट्टे धारकों में कोई भी पट्टा आवंटित होने के समय व वर्तमान में इस गांव का निवासी नहीं है।
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एसडीएम बुढ़ाना ने पाया कि 64 पट्टे धारकों में मंशाराम पुरकाजी के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक हैं। सलीम के नाम बागपत के गांव दाहा में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान है। एसडीएम बुढ़ाना ने जांच के बाद सभी पट्टों को फर्जी बताकर निरस्त करने के लिए आख्या भेजी तो इस आख्या को फाइलों में दबा दिया गया। गजब तो यह है कि भूमि की श्रेणी सहायक अभिलेख अधिकारी से मिलकर परिवर्तित करा दी गई। जबकि भूमि पर किसी भी पट्टाधारक का कब्जा नहीं था और न ही सहायक अभिलेख अधिकारी को भूमि की श्रेणी परिवर्तित करने का अधिकार था। बुढ़ाना एसडीएम की जांच के बाद सभी 64 पट्टे धारकों ने आपस में हमसाज होकर 16 मार्च 2015 को सुभाष बनाम मदन की ओर से एसडीएम न्यायालय में वाद दायर कर दिया। 16 जून 2015 को पट्टेदार सलीम ने आपत्ति प्रस्तुत की। वादी की अनुपस्थिति में एडीएम प्रशासन ने इसे निरस्त कर दिया। पांच सितंबर 2017 को वादी सुभाष ने शपथ पत्र देकर कहा कि उसने ऐसा कोई वाद दायर ही नहीं किया था।
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मामले में आज है सुनवाई
इंच्छावाला निवासी ओमप्रकाश ने डीएम न्यायालय में वाद दायर किया तो पट्टेधारकों में खलबली मच गई। इसमें सुनवाई की तिथि दो जुलाई नियत की गई है। ओमप्रकाश के मुताबिक ग्राम प्रधान गुलसनव्वर ने ओमप्रकाश की ठेके पर ली गई फसल को जोत डाला और कुछ फसल को आग के हवाले कर दिया।

सपा नेता रहा खेल में शामिल
ग्राम प्रधान गुलसनव्वर उर्फ लश्कर, एक सपा नेता, क्षेत्र का लेखपाल मोहम्मद इलियास जमीन कब्जाने के इस पूरे खेल में शामिल रहे। इन तीनों ने करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के लिए 64 पट्टे धारकों में से एक ही धर्म के 20 पट्टा धारकों की भूमि श्रेणी परिवर्तित करा दी। तहसीलदार बिजनौर को अंधेरे में रखकर नियम विरुद्ध जमीन की पैमाईश कराकर गरीब पट्टेधारकों की खड़ी फसल को उजाड़ डाला।

आपराधिक मुकदमे हैं दर्ज
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम प्रधान गुलसनव्वर उर्फ लश्कर और उसकी पत्नी नीलो पर नांगल व मंडावर थाने में आपराधिक मामले दर्ज हैं। ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान गांव के बाकिर ने दोनों पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए पाकिस्तान जाने का आरोप लगाया था।


नए सिरे से होगी पूरे मामले की जांच : एसडीएम
एसडीएम बृजेश कुमार के मुताबिक इस पूरे मामले की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। देखा जाएगा कि कौन लोग इसमें शामिल हैं। जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पट्टे निरस्त करने की संस्तुति वाली फाइल को भी तलाशा जा रहा है।
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