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नुक्कड नाटक व मीडिया के माध्यम से सुधारी जाएगी जिलेवासियों की सेहत
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:21 AM IST
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बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग मीडिया व नुक्कड़ नाटक समेत विभिन्न माध्यमों से जिलेवासियों को स्वास्थ्य संबंधी खराब आदतों को बदलने के लिए जानकारी दी जाएगी। इससे जिलेवासी अपनी आदतों को सही कर अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सके। यह कार्यक्रम फरवरी में चलाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेभर में आईईसी (सूचना, शिक्षा, संचार) के माध्यम से व्यवहार परिवर्तन की जानकारी दी जाएगी। एसीएमओ एनएचएम डा.रोहताश सिंह ने बताया कि लोगों में स्वास्थ्य से संबंधी कई गलत आदतें होती है। जैसे नवजात बच्चे को जन्म के एक घंटे के भीतर मां का दूध पिलाना चाहिए, लेकिन किसी न किसी कारण से कई बार नवजात को मां का दूध नहीं पिलाया जाता। एक घंटे के भीतर मां का दूध पिलाने से बच्चे को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है। सभी परिवारों को गर्भवती महिलाओं का प्रसव संस्थागत (सरकारी व प्राइवेट अस्पताल) कराना चाहिए, लेकिन अभी भी 40 प्रतिशत प्रसव संस्थागत नहीं हो रहे हैं। यह 40 प्रतिशत प्रसव घर या अन्य स्थानों पर हो रहे हैं, जोकि गलत है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत सफाई रखने पर भी विशेष फोकस किया जाएगा, क्योंकि गंदगी से ज्यादा बीमारी फैलती है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी बुरी आदतों को मीडिया, सोशल मीडिया, बैनर, पोस्टर, नुक्कड़ नाटक, गोष्ठी व प्रशिक्षण के माध्यम से दूर किया जाएगा, ताकि जिलेवासी स्वस्थ रहे। कार्यक्रम में आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी, महिला आरोग्य समिति व स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेभर में आईईसी (सूचना, शिक्षा, संचार) के माध्यम से व्यवहार परिवर्तन की जानकारी दी जाएगी। एसीएमओ एनएचएम डा.रोहताश सिंह ने बताया कि लोगों में स्वास्थ्य से संबंधी कई गलत आदतें होती है। जैसे नवजात बच्चे को जन्म के एक घंटे के भीतर मां का दूध पिलाना चाहिए, लेकिन किसी न किसी कारण से कई बार नवजात को मां का दूध नहीं पिलाया जाता। एक घंटे के भीतर मां का दूध पिलाने से बच्चे को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है। सभी परिवारों को गर्भवती महिलाओं का प्रसव संस्थागत (सरकारी व प्राइवेट अस्पताल) कराना चाहिए, लेकिन अभी भी 40 प्रतिशत प्रसव संस्थागत नहीं हो रहे हैं। यह 40 प्रतिशत प्रसव घर या अन्य स्थानों पर हो रहे हैं, जोकि गलत है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत सफाई रखने पर भी विशेष फोकस किया जाएगा, क्योंकि गंदगी से ज्यादा बीमारी फैलती है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी बुरी आदतों को मीडिया, सोशल मीडिया, बैनर, पोस्टर, नुक्कड़ नाटक, गोष्ठी व प्रशिक्षण के माध्यम से दूर किया जाएगा, ताकि जिलेवासी स्वस्थ रहे। कार्यक्रम में आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी, महिला आरोग्य समिति व स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया जाएगा।
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