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यूनिफार्म की जांच गैर विभागो के अधिकारियों से कराने पर शिक्षक , जांच अधिकारी दोनों ही हैरान
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:02 AM IST
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शिक्षकों ने जताया असंतोष
अमर उजाला ब्यूरो
अफजलगढ़ । सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में इस बार सरकार की ओर से पंजीकृत बच्चों को नि:शुल्क बंटी यूनिफॉर्म की गुणवत्ता, वितरण की पारदर्शिता की जांच के लिए गैर विभागों के अधिकारियों को लगाया गया है। जिससे शिक्षकों में असंतोष है।
अफजलगढ़ क्षेत्र के अधिकांश शिक्षकों ने बताया कि विभाग की ओर से परिषदीय स्कूलों में सरकार के आदेश पर नि:शुल्क यूनिफॉर्म का वितरण कराया गया है। इस यूनिफॉर्म की गुणवत्ता और पारदर्शिता की जांच के लिए कई गैर विभागों के अधिकारियों को लगाया गया है। बताया कि प्रशासन की ओर से इस जांच को करने में पशुपालन , विद्युत निगम के अधिकारियों को शामिल किया गया है। अफजलगढ़ अस्पताल के पशु चिकित्साधिकारी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से उनकी भी जांच में ड्यूटी लगाई है। एक विभाग के जांच अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमने न तो टेक्सटाइल की डिग्री ली है ओर न ही डिप्लोमा । ऐसी स्थिति में क्या हम कपड़े की गुणवत्ता बता सकते है। शिक्षकों ने बताया कि जांच में लगे अधिकारी प्रत्येक स्कूल से कोटेशन की मांग कर रहे है। जबकि ब्लाक में 70 फीसदी से ऊपर स्कूलों में बच्चों की संख्या 50 से कम है। जीओ के अनुसार 50 बच्चों की कम संख्या पर कोटेशन ही नहीं मांगी जाती है। इस प्रकार शिक्षक असमंजस में है कि वह कहां से कोटेशन लाए।
जिन्हें कपड़े की गुणवत्ता की परख नहीं, उन पर होगी कार्रवाई : सीडीओ
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि सरकार के आदेशों के अनुरूप गैर विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगी है। जिसे नहीं करनी है तो लिखकर दें। कपड़ा सभी पहनते है। तो क्या गैर विभागों के अधिकारियों को ब्राडेंड और गैर ब्रांडेड कपड़ों की परख नहीं है। नहीं है तो ऐसे अधिकारियों को अक्षम मान उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
अफजलगढ़ । सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में इस बार सरकार की ओर से पंजीकृत बच्चों को नि:शुल्क बंटी यूनिफॉर्म की गुणवत्ता, वितरण की पारदर्शिता की जांच के लिए गैर विभागों के अधिकारियों को लगाया गया है। जिससे शिक्षकों में असंतोष है।
अफजलगढ़ क्षेत्र के अधिकांश शिक्षकों ने बताया कि विभाग की ओर से परिषदीय स्कूलों में सरकार के आदेश पर नि:शुल्क यूनिफॉर्म का वितरण कराया गया है। इस यूनिफॉर्म की गुणवत्ता और पारदर्शिता की जांच के लिए कई गैर विभागों के अधिकारियों को लगाया गया है। बताया कि प्रशासन की ओर से इस जांच को करने में पशुपालन , विद्युत निगम के अधिकारियों को शामिल किया गया है। अफजलगढ़ अस्पताल के पशु चिकित्साधिकारी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से उनकी भी जांच में ड्यूटी लगाई है। एक विभाग के जांच अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमने न तो टेक्सटाइल की डिग्री ली है ओर न ही डिप्लोमा । ऐसी स्थिति में क्या हम कपड़े की गुणवत्ता बता सकते है। शिक्षकों ने बताया कि जांच में लगे अधिकारी प्रत्येक स्कूल से कोटेशन की मांग कर रहे है। जबकि ब्लाक में 70 फीसदी से ऊपर स्कूलों में बच्चों की संख्या 50 से कम है। जीओ के अनुसार 50 बच्चों की कम संख्या पर कोटेशन ही नहीं मांगी जाती है। इस प्रकार शिक्षक असमंजस में है कि वह कहां से कोटेशन लाए।
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जिन्हें कपड़े की गुणवत्ता की परख नहीं, उन पर होगी कार्रवाई : सीडीओ
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि सरकार के आदेशों के अनुरूप गैर विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगी है। जिसे नहीं करनी है तो लिखकर दें। कपड़ा सभी पहनते है। तो क्या गैर विभागों के अधिकारियों को ब्राडेंड और गैर ब्रांडेड कपड़ों की परख नहीं है। नहीं है तो ऐसे अधिकारियों को अक्षम मान उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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