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जिले का गन्ना सबसे मीठा
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:58 PM IST
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बिजनौर। जिले का गन्ना पूरे देश में सबसे मीठा हो गया है। जिले की दो शुगर मिल धामपुर व बुंदकी शुगर मिल की रिकवरी पूरे देश में सबसे ज्यादा हो गई है। दोनों मिलों की रिकवरी 11 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई है। बाकी शुगर मिलों में भी रिकवरी दस प्रतिशत से अधिक या आसपास है। अभी रिकवरी में और वृद्धि होगी।
अर्ली प्रजाति के गन्ने में चीनी परता अधिक होता था। पहले किसान सामान्य या रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना बोते थे। इन प्रजाति के गन्ने का उत्पादन तो कम होता ही था, रिकवरी भी कम होती थी। जिले में ट्रैंच विधि को अपनाने के साथ ही किसानों ने अर्ली प्रजाति के गन्ने को भी अपना लिया। चार साल पहले तक जिले में अर्ली प्रजाति के गन्ने का रकबा दस प्रतिशत तक होता था, जो अब बढ़कर 93 प्रतिशत तक हो गया है। अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने के साथ ही रिकवरी में भी उछाल आया था। इस समय मिलों में किसान पेड़ी की आपूर्ति कर रहे हैं। पेड़ी कटे अभी सात से आठ ही महीने हुए हैं। फिर भी बुंदकी शुगर मिल की रिकवरी 11.04 व धामपुर शुगर मिल की रिकवरी 11 प्रतिशत हो गई है। देश में इन मिलों के अलवा अभी तक किसी भी शुगर मिल की रिकवरी 11 प्रतिशत तक नहीं पहुंची है। प्रदेश में इस समय औसत चीनी रिकवरी करीब 9.5 प्रतिशत है, जबकि जिले की रिकवरी 10.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
चीनी मिल रिकवरी
बुंदकी शुगर मिल 11.04
धामपुर शुगर मिल 11
स्योहारा शुगर मिल 10.55
बहादरपुर शुगर मिल 10.44
बिलाई शुगर मिल 10.35
बरकारतपुर शुगर मिल 10.15
नजीबाबाद शुगर मिल 10.12
चांदपुर शुगर मिल 9.85
बिजनौर शुगर मिल 9.53
ये आंकड़े जिला गन्ना कार्यालय से लिए गए हैं और प्रति क्विंटल के अनुसार।
जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के अनुसार किसानों द्वारा अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने से गन्ने और चीनी दोनों का उत्पादन बढ़ा है। जिले में रिकवरी वर्तमान पेराई सत्र में देश से सबसे ज्यादा है। किसान और चीनी मिल दोनों को फायदा हो रहा है।
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अर्ली प्रजाति के गन्ने में चीनी परता अधिक होता था। पहले किसान सामान्य या रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना बोते थे। इन प्रजाति के गन्ने का उत्पादन तो कम होता ही था, रिकवरी भी कम होती थी। जिले में ट्रैंच विधि को अपनाने के साथ ही किसानों ने अर्ली प्रजाति के गन्ने को भी अपना लिया। चार साल पहले तक जिले में अर्ली प्रजाति के गन्ने का रकबा दस प्रतिशत तक होता था, जो अब बढ़कर 93 प्रतिशत तक हो गया है। अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने के साथ ही रिकवरी में भी उछाल आया था। इस समय मिलों में किसान पेड़ी की आपूर्ति कर रहे हैं। पेड़ी कटे अभी सात से आठ ही महीने हुए हैं। फिर भी बुंदकी शुगर मिल की रिकवरी 11.04 व धामपुर शुगर मिल की रिकवरी 11 प्रतिशत हो गई है। देश में इन मिलों के अलवा अभी तक किसी भी शुगर मिल की रिकवरी 11 प्रतिशत तक नहीं पहुंची है। प्रदेश में इस समय औसत चीनी रिकवरी करीब 9.5 प्रतिशत है, जबकि जिले की रिकवरी 10.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
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चीनी मिल रिकवरी
बुंदकी शुगर मिल 11.04
धामपुर शुगर मिल 11
स्योहारा शुगर मिल 10.55
बहादरपुर शुगर मिल 10.44
बिलाई शुगर मिल 10.35
बरकारतपुर शुगर मिल 10.15
नजीबाबाद शुगर मिल 10.12
चांदपुर शुगर मिल 9.85
बिजनौर शुगर मिल 9.53
ये आंकड़े जिला गन्ना कार्यालय से लिए गए हैं और प्रति क्विंटल के अनुसार।
जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के अनुसार किसानों द्वारा अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने से गन्ने और चीनी दोनों का उत्पादन बढ़ा है। जिले में रिकवरी वर्तमान पेराई सत्र में देश से सबसे ज्यादा है। किसान और चीनी मिल दोनों को फायदा हो रहा है।
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